दोस्त की बहन को लंड पर नचाया


दोस्त की बहन को लंड पर नचाया



हैल्लो डियर.. इस साईट के सभी चाहने वालो को मेरा नमस्ते। दोस्तों आज में अपने एक सेक्स अनुभव के पहले भाग के साथ आया हूँ। अब में आप सभी का ज्यादा समय खराब ना करते हुए स्टोरी शुरू करता हूँ:-

मेरे दोस्त की बहन रश्मि की शादी थी और अगले दिन उसको उबटन लगना था। रश्मि की दोनों सिस्टर शन्नो और प्रीति और रश्मि की फ्रेंड्स.. रश्मि को उबटन लगाने के लिए अंदर वाले आँगन में ले गयी और साथ में कुछ आंटीयां भी थी। फिर ब्यूटीशियन और उसकी सिस्टर, फ्रेंड्स और उसकी रिश्तेदार लेडिस रश्मि को उबटन लगा रही थी। में ऊपर छत पर जाकर जमीन पर लेट गया और जाली से नीचे झाँककर रश्मि को उबटन लगते हुए देख रहा था.. क्योंकि अंदर किसी भी जेंट्स का जाना मना था। उबटन लगने के टाईम पर रश्मि ने केवल पेटीकोट और ब्लाउज पहना हुआ था और उसकी कमर पूरी खुली हुई थी और पेटीकोट भी जाँघ तक ऊपर उठाया हुआ था।

फिर सभी लेडिस उसकी गोरी गोरी गोल गोल जाँघो पर और उसके हाथ और उसकी नंगी कमर पर उबटन लगा रही थी। मैंने पहली बार किसी लड़की को उबटन लगते हुए देखा था और रश्मि की गोरी गोरी जाँघो को और उसकी सुंदर कमर को देखकर मेरा लंड बहुत टाईट और कड़क हो गया। मेरा लंड मुझे परेशान करने लगा तो मैंने ऊपर छत पर ही अपना लंड निकाल लिया। मेरा लंड लोहे की रोड की तरह कड़क हो चुका था और इतना गरम था जैसे कि लोहे के सरिये को अभी अभी आग की भट्टी से निकाला हो और फिर मैंने वहीं पर मुठ मारकर अपने लंड की तड़प को ठंडा किया और फिर से छिपकर नीचे देखने लगा। फिर सब लोग रश्मि को अंदर उसके रूम में ले गये और उसकी सिस्टर प्रीति और एक दो फ्रेंड्स को रश्मि के पास छोड़कर बाकी लोग बाहर आ गये और वो लोग दूसरे कामो में व्यस्त हो गये। रश्मि के रूम का दरवाजा बंद था और रूम के अंदर से सब लड़कियों के हंसने की आवाज़ आ रही थी। फिर में भी रूम के पास ही एक परिचित अंकल के पास खड़ा था कि तभी रश्मि की मम्मी ने दरवाजा बजाकर रश्मि को बोला कि जल्दी से नहा ले.. क्योंकि थोड़ी देर के बाद शाम होने वाली थी और मेहन्दी की रस्म अदा करनी है।

रश्मि और उसकी बड़ी बहन प्रीति का एक ही रूम था और रश्मि के भाई संजू और रोमी का दूसरा रूम था.. लेकिन दोनों रूम के बीच में एक ही टॉयलेट था जिसका दरवाजा दोनों ही रूम से था। फिर मैंने जैसे ही सुना कि रश्मि नहाने जा रही है तो मेरा शैतानी दिमाग़ हरकत में आया और में धीरे से वहाँ से खिसक कर रोमी के रूम में चला गया और बाथरूम के दरवाजे का लॉक खोलकर के रश्मि के बाथरूम के अंदर आने का इंतज़ार करने लगा और जैसे ही रश्मि अपने रूम से बाथरूम के अंदर आई तो में भी रोमी के रूम से दरवाजा खोलकर बाथरूम के अंदर चला गया.. लेकिन इससे पहले की रश्मि कुछ बोलती मैंने उसके मुहं पर अपना एक हाथ रख दिया और उसे चुप रहने को कहा। फिर वो धीरे से बोली कि तुम यह क्या कर रहे हो? और किसी को पता चल गया तो क्या होगा? तो मैंने धीरे से उसके पास आ कर बोला कि सभी लोग अपने अपने कामो में व्यस्त है और किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा क्योंकि सभी को पता है.. कि तुम बाथरूम में हो और बालों को शेम्पू करने और उबटन उतारने में वैसे भी बहुत टाईम लगता है बस तुम थोड़ा हिम्मत से काम लो।

फिर वो थोड़ा नॉर्मल हो गयी और मैंने उससे कहा कि क्या तुम कभी किसी मर्द के हाथ से नहाई हो? तो वो बोली कि नहीं.. फिर मैंने उससे कहा कि चलो में आज तुम्हे नहलाता हूँ.. तुम्हे आज नहाने में जन्नत का मज़ा आएगा। तो रश्मि मुझसे बोली कि सबने मेरी जाँघो पर और कमर पर वैसे भी इतना उबटन लगा लगाकर मसाज की है.. में वैसे ही बहुत गरम हो गयी हूँ। फिर मैंने रश्मि का ब्लाउज उतार दिया और उसने अपना पेटीकोट और पेंटी भी उतार दी। मैंने भी अपने कपड़े उतारकर दरवाजा के हेंगर पर डाल दिए। अब मैंने अपने दांतो से उसकी कमर पर काटते हुए उसकी ब्रा के हुक खोले वो सिसक उठी। फिर मैंने उसके पूरे जिस्म पर पानी डाला और उसके उबटन को धोने लगा और वो बिल्कुल शांत खड़ी हुई मजे कर रही थी। मैंने जल्दी जल्दी उसका उबटन साफ किया और फिर उसे स्टूल पर बैठा दिया और मैंने साबुन लेकर उसके जिस्म पर हल्के हल्के नरम नरम हाथों से लगाया और रश्मि के पीछे से जाकर उसके दोनों बूब्स की मसाज करने लगा और उसके जिस्म को मैंने ठंडे ठंडे पानी से नहलाया था.. लेकिन फिर भी उसके जिस्म से आग निकल रही थी और ऊपर से शावर की ठंडे पानी की धार उसके जिस्म में डबल आग लगा रही थी।

मैंने अपने हाथों में साबुन लिया और उसके पीछे से जाकर अपने दोनों हाथों से उसकी चूत पर सोप लगाने लगा। मैंने आज दिन के उजाले में उसकी चूत देखी तो मस्त हो गया और उसकी चूत ऐसी लग रही थी जैसे कि किसी नारंगी के दो टुकड़े आपस में जुड़े हो और उनके बीच की नरम चमकती हुई लाईन मेरे लंड को न्योता दे रही थी.. में उसकी चूत पर मसाज कर रहा था और धीरे धीरे रश्मि का बदन अकड़ता जा रहा था। फिर मैंने उसकी चूत पर मसाज करते करते धीरे से अपनी सीधे हाथ की छोटी ऊँगली को उसकी चूत के अंदर डाल दिया और अपने सीधे हाथ की छोटी ऊँगली से उसकी चूत के अंगूर को धीरे धीरे सहलाने लगा और उसकी पीठ को अपनी जीभ से चाट रहा था और कभी कभी उसकी कमर पर और उसकी गर्दन और कान पर अपने दाँतो से काट रहा था। फिर मैंने उसे सीधा किया और लिप किस करने लगा.. वो मेरा लंड पकड़कर हिलाने लगी और मेरी गोलियाँ सहलाने लगी। फिर में उसका एक बूब्स चूसने लगा और दूसरे को हाथ से मसलना शुरू कर दिया और फिर रश्मि की सिसकियाँ निकल रही थी और वो गरम गरम साँस छोड़ रही थी। मैंने उसे फिर से स्टूल पर बैठाया और में अपने घुटनो पर बैठ गया और रश्मि के दोनों पैरों को फैलाकर अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटने लगा और 1-2 मिनट के बाद ही रश्मि अपना सर हिलाने लगी और उसने मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत से चिपका दिया और अपनी गांड उठा उठाकर अपनी चूत जल्दी जल्दी मेरे मुहं पर रगड़ने लगी और जल्दी ही उसकी चूत से गरम गरम क्रीम निकल कर मेरे चहरे पर लग गया और वो शांत हो गयी और उसका बदन बिल्कुल ढीला हो गया।

तो मैंने खड़े होकर अपना लंड उसके मुहं में डाल दिया और वो अपने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ कर चूसने लगी और दूसरे हाथ से मेरी गांड के छेद को और मेरी गोलियों को सहलाने लगी। वो मेरे लंड की टोपी को अपनी जीभ से चाट रही थी और मेरे लंड की चमड़ी को अपने दांत से काट रही थी। फिर उसने जल्दी जल्दी मेरा लंड अपने मुहं में हिलना शुरू कर दिया और में उसके मुहं में ही झड़ गया और उसने मेरे लंड को चाट चाटकर साफ कर दिया। अब मैंने उठ कर बाथटब की ड्रेन होल पर केप लगा दी जिससे कि पानी बाहर ना जा सके और फिर मैंने बाथ टब में पानी भरकर उसमे फोम सोप मिक्स कर दिया और बाथटब में रश्मि को लेटाकर स्पंज से उसके गोरे गोरे बदन पर फोम लगाने लगा। आज में उसके गुलाबी जिस्म को देखकर पागल हो रहा था और उसके जिस्म का कलर ऐसा था मानो कि दूध में किसी ने केसर घोल दिया हो।

फिर में भी बाथटब में लेट गया और रश्मि ने मेरा लंड अपनी चूत में डाला। फिर वो मेरे ऊपर बैठ गयी और मेरे ऊपर उछलने लगी और में उसके दोनों बूब्स का मज़ा ले रहा था और उसके बूब्स को कभी चूस रहा था और कभी अपने हाथों से दबा रहा था और कुछ ही देर के बाद मेरे लंड का गरम गरम पानी उसकी चूत की मलाई के साथ मिक्स हो गया और लंड से निकली क्रीम उसकी चूत से टपकने लगी। फिर मैंने उसके बालों को शेम्पू किया और फिर हम दोनों ने एक बाथ ली और फिर मैंने उसके बदन को अच्छे से टावल से साफ किया और फिर पहले वो धीरे से बाथरूम से निकल कर अपने रूम में चली गयी और में भी सही मौका देखकर बाथरूम से रोमी के रूम में चला गया ।।



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Soft sex with my cousin


This is not exaggeration, this is based on my story of 1993. I feel ashamed, cause she my cousin sister. I shouldn’t have done this to her. I am from South Tamil Nadu. It was in my semester vacation of my first year, and she was studying Ninth Std. It all started from this point, in the night before my sister’s marriage, she looked as if an angel. She is a medium complexion, but…but really beautiful mean it. She was wearing silk blow and the bottom (pattu pavadai). I was instructed to look after the kids who were playing on the Marriage’s hall terrace.

I saw my cousin sister playing with these kids. The kids were all below 8 years. She came to me and we started chatting about our school, teachers, friends & teachers (I believe, that’s the topic I can debate with my cousin sister). In the moon shine, I was magnetized by her physically maturity glooming out of her silk dress, her magnetic eye, magical smile, her makeup and costumes carved the novel picture of Cinderella in my heart. I also noticed her boobs bubbling to new heights. This was the first occasion I am talking to lonely for about 45 minutes. And that was from the day we both had mutual attraction, and started glancing each other. After a few days.. the solitary time arose. My parents & her parents left to Madras for 3 days to attend a marriage function. My Cousin sister and my grandma were left behind, and they came to my house for the stay. (they live in another house opposite to my house). That night, my grandma has gone to sleep [my grandma usually sleep in open veranda (for fresh air) and we usually lock the door inside).

We were alone watching the TV, (the TV is in the main bed room). She was sitting in the sofa & I was lying in the bed watching TV. It was a Love Story! I was shy watching the movie with her (ofcouse she is my sister) and purposefully went out to kitchen (to drink water) to unnoticing the love scenes. But she was so cool girl looking as if she is unaware of Love. It was around 11.30 pm, she made herself comfortable to sleep down (side by my cot). After 15 minutes I switched off the TV and the bed room light to went to bed. At midst of darkness I could’nt really sleep, Some thing inside me ignited to have love with her. After long thoughts I made my mind to have a love affair with her…. I stated with a gargle mmuuueee, twice, thrice. I was heartbeaten, she replied with the cough. I understood that is not asleep and she is of the same intension. In order to conform, I coughed and she gargled. That the final sign I was waiting for. I approach her with my hands (As I told you, she was sleep on the floor besides my cot).

I first put my hand out of my bed and slowly and steadily crawled my hands to her from my bed (I never made an attempt to peed from my bed, all my hands did)….I was about to touch her……and and was shaken by her meekly voice, “didn’t get sleep??”. I immediately took my hand and my mind was boggling to death. I said “”I couldn’t”. She raised up her knees leaning to the bed, and said “Let me make you sleep”,. She started, she started….She was on her knees leaning on the bed, and I was lying on the bed, she reached my right hand and placed my palm on her cheek. My heart started pounding and my vain pumping out. We were motionless for minutes. Slowly she whispered Sleep…Sleep…rubbing her cheek against my palm. I was relaxed by her love whisper and slowly fingered her cheek. After fingering for about 2 minutes, I slowly took my handoff her Cheek and hold her shoulder to rise up her knees. At last words came from my mouth “Sleep with me” !!. She did as I said and lay besides me on my bed. For a few minutes we were motionless, suddenly she tightened my hand with hers and placed it on her belly. I made up mind not to waste time anymore….

I crawled my hand to her boobs, she was holding my hand tightly and never let me press it. She guided my hand to her face and I started tickling her ears. I can hear her Sex ecstasy voice mmmmm..mmmmm. I was half way on her, and started with a smooch. She lost her control and hold my hair tightly and never let me take my lips. I reached her tongue with mine, and she gave a bite. I kissed her all over her face, and so did she. I started to invade her boobs and this time she let me play, kiss and mouth. We were hugging and spinning each other rolling all over the bed, kissing each other. She was wearing skirt & tops, I started unzipping her tops, and she was much co-operative turning her back for unzipping. We kneed on the bed and she raised her hand to take off her tops. As did to her, she did the same to take off t-shirt. Still on the knees, I could never resist and started hugging kissing her boobs and around. When she whispered my name and hold my buttocks tightly to hers, as my hard pennies touched her she was jolted, and hold my buttocks still tighter and reached my neck hugging with hers. When it was on the go, I slowly put my hands into her buttocks and slowly lowered her skirt.

She suddenly realized and refrained me doing so. She was still half dressed in her petticoat (Slips) and I removed it. The hand full of breast standing stiff and erect astonished me. We hugged in bare body and I realized the heat of her body in me. I dragged my tongue all over her face, arm pit and boobs. She was so curious and hold my back hair and guide me from her boobs to belly. She was agonized by the tickle of belly. I went down licking and reached her toes. I stated going back kissing her legs, thighs.I raised her Skirts and kissed her thighs and started my prime journey (in side the skirt) towards the treasure of cunt. She was again jolted, but as she felt inconvenience with her skits, she immediately unbuckled her skirt and took off through her head. No word can explain her sexual exposure in her panties, in the darkness. I camped my kisses and licks in and around her panties, and I never let come out of it. She realized that I would never leave the area, with out stripping her panties and making her nude. She never wants to do so.

She raised and turned me down and started kissing me from top to bottom. I wasn’t shy when she tried to remove my lungi.I am nude before my sister, she was very shy to look at my nudeness in fade lights. When she was probing to touch my pennies, I voluntarily took her hands and lead her to touch my hard pennies. She made a feather touch, and my penies shooted up, and I whispered haaaaa… She understood I am getting high and slowly tightened her grip. I was so high that I hold her head down to my pennies to acquired a kiss voluntarily. She then stated her kisses around my pennies and balls. She was on the go..goo.. I hold her hair back and hold my pennies and started trusting it into her mouth. As she was immature and innocent in sex, she started with a rough work, teething my pennies, which pained my a lot. I was rather much curious to have an intercourse and trusted my hard pennies between her legs. Our legs unlocked tightly, our body twisted, hands twisted around and kisses on her neck. She lost her control, when I kissed her neck area, she murmured mmmmmmmmmmm.. I realized that this is the golden chance to undress her last panties. I never missed the moment she was feeling the heaven and let me bring down her last piece of dress “the panties”. A real mystery of nudity ends here. I spread her legs with mine and trusted my hardest pennies in to her cunt, I was unsuccessful, because both were virgins and ‘New Lads to Sex’. Patently, I split in my hand and applied in my pennies to lubricate the passage.

She hold my pennies and guiding into her passage. I trusted my pennies with a vigor to reach inside. After an many unsuccessful attempts at last my pennies reached deep inside the hole she shouted of pain. I immediate smooched her to stop shouting. She started biting my mouth deeply of pain and I was more generous let her do. After a stand still silence of inserted pennies, I gradually started moving my buttocks in and out. As she her cunt was too tight for my pennies, She murmured “enough enough”. I never let her go for 5 minutes and keep pumping out. Not able to withstand the pain she pushed me down her and relived herself. That’s the day She rushed to the bathroom and never came out for 15 minutes. Not able to control, I knocked the bathroom, she said “enough I want to sleep”. I understood and collected her scatted dresses and handed it to her in the bathroom. By then she came out of the barroom dressed up I understood the play was over. We did not speak to each other and went to sleep.

The next night was the same old story, but both were in a relaxed mood to exchange sex. She strictly told me that I can do what ever I want, but not intercourse (dick inside her cunt), cause she was afraid that there may be a high risk of pregnancy. I accepted and from then we had a very good Soft Sex. I use to finger her cunt and fuck her and She fuck me, masturbate me and eject the sperms to her body. On the whole we would have had Soft Sex for about a dozen times, for just 2 year. We stopped every thing after she went to college. I think that is the full stop for my filthy sex life with my cousin sister. I some times feel bad to have sexed my Cousin Sister I really feel ashamed of myself. Past is Past But this will be an ever lasing shadow on the dark side of my Moon.

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दोस्त की बहन को लंड पर नचाया भाग २


दोस्त की बहन को लंड पर नचाया भाग २



हैल्लो डियर.. इस कहानी में अपने सेक्स अनुभव के दूसरे भाग के साथ हाजिर हूँ। यह पार्ट पड़ने से पहले आप इसके पहले पार्ट को ज़रूर पड़े। उसमे आपको पता चलेगा कि मैंने कैसे अपने दोस्त की बहन रश्मि का मजा लिया और उसकी उबटन की रस्म को कैसे एंजाय किया? अब में स्टोरी के आगे का भाग शुरू करता हूँ..

फिर रश्मि की उस शाम को मेहन्दी की रस्म थी और सभी लेडीस और उसकी फ्रेंड्स और बहने गीत गा रही थी और वो सभी ख़ुशी से नाच रही थी। सभी आदमी मतलब हम सभी लोग साईड की टेबल पर रखे वेज और नॉन-वेज स्नेक्स विस्की और बियर के साथ एंजाय कर रहे थे। फिर देर रात तक सभी नाचते और गाते रहे और हम सभी ने बहुत मस्ती की और थक कर सो गये। में और रश्मि के जीजा जी सारी रात रश्मि को चोदने का मौका ढूंढते रहे लेकिन हमे कोई भी मौका नहीं मिला.. क्योंकि ना तो रश्मि नींद से उठी और ना ही हम दोनों में से कोई उसके रूम में जाने की हिम्मत कर सका.. क्योंकि रश्मि के रूम में उसकी फ्रेंड्स और उसकी दोनों सिस्टर शन्नो और प्रीति सो रही थी। तभी आख़िर हम भी अपने रूम में जाकर सो गये.. क्योंकि अगले दिन रश्मि की बारात आनी थी। फिर अगले दिन सुबह सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था और आख़िर कार रात को 08:00 बजे रश्मि की बारात आ गयी।

तभी जब रश्मि को जयमाला के लिए लेकर आ रहे थे तो में तो उसे देखकर पागल हो गया और मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे कोई परी रियल में आसमान से धरती पर उतरकर आ गयी हो.. शादी वेल दिन और स्पेशली दुल्हन की ड्रेस में तो वैसे हर लड़की ही बहुत खूबसूरत लगती है लेकिन रश्मि तो कयामत ढा रही थी और उसकी प्यारी प्यारी आँखें उसकी टाईट तनी हुई नौकदार चूचियाँ, उसके हाथों की मेहन्दी और लाल लहंगा चोली में उसकी चिकनी पतली बलखाती और लचकती कमर और उसके पास से आती हुई परफ्यूम की खुश्बू किसी की भी धड़कन बड़ा सकती थी। तभी मेरा दिल कर रहा था कि उसे उसी समय उठाकर ले जाओ और जी भरकर प्यार करूँ और उसे चोद दूँ। तभी उसकी एंट्री ने सारे शोर को पल भर के लिए खामोश कर दिया था और सभी लेडिस रश्मि को दुल्हन के रूप में देखकर उससे नज़र नहीं हटा पा रही थी और जवान लड़के तो लड़के कुछ मर्द और बूढ़े भी ललचाई नज़रों से उसे देख रहे थे और शायद अपनी जागती नजरों से उसे सपने में चोद भी रहे होंगे.. लेकिन पता नहीं कितनो ने उस रात रश्मि के ख्वाबों में ना जाने कितनी बार मूठ मारी होगी।

खैर जायमाला की रस्म धूमधाम के साथ पूरी हुई और घर वालों और रश्मि की 2-3 अच्छी फ्रेंड्स को छोड़कर बाकी सभी लोग डिनर के बाद चले गये। फिर मैंने रश्मि को टच करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ा जैसे कि स्टेज से उसे उतरा और उसके कंधे पर हाथ रखकर उसे रूम तक लेकर गया। फिर रात को 3:00 बजे का फेरे का टाईम था और रश्मि अपने पति के साथ मंडप में आकर बैठ गयी और आख़िर सुबह 4:30 बजे रश्मि को डोली के लिए तैयार किया गया। फिर लड़के वालों को रात की ट्रेन से जाना था इसलिए रश्मि और उसके पति के लिए एक 5 स्टार होटेल में बहुत अच्छे से एक ब्यूटिफुल रूम को सजाया गया था। डोली के वक़्त रश्मि सब से मिलकर बहुत रोई और जब वो मुझसे लिपट कर रोई और अलग होने लगी तो मुझे ऐसे लगा कि जैसे मेरी दुनिया ही लूट रही है.. मेरी कोई सबसे प्यारी और बेशक़ीमती चीज़ मुझसे छीनी जा रही है और मेरा दिल तो कर रहा था कि उसे कहीं दूर लेकर भाग जाऊँ जहाँ पर मेरे और उसके सिवा कोई भी ना हो.. लेकिन शायद अब यह मुमकिन नहीं था।

तभी रस्म के मुताबिक़ बहन की डोली के साथ कुछ दिन के लिए भाई भी जाता है इसलिए मेरा फ्रेंड रोमी भी रश्मि के साथ कार में बैठ गया और रोमी ने मुझे भी साथ चलने और कंपनी देने के लिए ज़िद की जिसके बाद उसकी मम्मी और पापा, रश्मि और उसका पति भी साथ चलने के लिए ज़ोर डालने लगे। वैसे भी अभी तो वो होटल में अपनी सुहागरात के लिए जा रही थी। फिर जब हम होटल में आए तो रूम की डेकोरेशन देखकर में तो झूम गया। कितनी प्याई और मादक फूलों की खुश्बू रूम में बिखरी हुई थी। फिर जब में और मेरा दोस्त रोमी न्यू कपल को रूम में छोड़कर जाने लगे तो रश्मि के पति ने बोला कि मुझे हल्का नाश्ता करना है और तुम दोनों भी चाय पीकर जाओ और फिर हमने मना कर दिया और कहा कि नहीं आप एंजाय करो लेकिन मेरा दिल रश्मि को छोड़कर जाने का नहीं था। फिर रश्मि भी हमसे चाय पी कर जाने का आग्रह करने लगी और आख़िर हमे वहीं पर रुकना पड़ा।

तभी रोमी ने हम चारो के लिए हल्का नाश्ता ऑर्डर कर दिया और जीजा जी फ्रेश होने के लिए चले गये। रोमी अपनी बहन रश्मि से बात कर रहा था और में दिन में सपनो में खो रहा था। में उस आलीशान सजे हुए रूम और उस कोमल और गरम बेड पर रश्मि को चोदने की कल्पना कर रहा था और मुझे उसके पति से बहुत जेलसी हो रही थी.. क्योंकि उस साले को मेरे माल को चोदने का लाईसेन्स मिल गया था और में यह सोच सोचकर पागल हो रहा था कि ना जाने वो मेरी प्यारी रश्मि को कैसे चोदेगा? तभी में ईश्वर से दुआ माँग रह था कि बस एक बार मुझे आज कैसे भी थोड़ी देर के लिए रश्मि का साथ मिल जाए। खैर थोड़ी देर बाद ब्रेकफास्ट आया और हम ब्रेकफास्ट करने के बाद उन्हें अलविदा कह कर चलने ही वाले थे कि अचानक रूम के फोन की बेल बज गयी और जीजा जी हमे एक मिनट रुकने के लिए बोलकर फोन पर बात करने के लिए चले गये।

तभी फोन पर बात करके वो घबरा गये दरअसल उनकी मम्मी को हाई ब्लड प्रेशर का अटेक आ गया था और सभी लोग उन्हें हॉस्पिटल ले गये थे जहाँ पर वो इमरजेंसी वॉर्ड के आई सी यू में एडमिट हो गयी थी और उनकी मम्मी बहुत टाईम से शुगर और ब्लड प्रेशर की मरीज थी खैर मैंने जीजा जी को बोला कि आप रश्मि के साथ थोड़ा आराम करो और में और रोमी हॉस्पिटल चले जाते है लेकिन जीजा जी एक मिनट के लिए भी रुकने को तैयार नहीं थे और हम रश्मि को भी अकेले होटल में नहीं छोड़ सकते थे और रोमी का भी जीजा जी के साथ जाना बहुत ज़रूरी था इसलिए उसने मुझे रश्मि के पास रुकने के लिए कहा। तभी मैंने ना रुकने का ड्रामा किया और बोला कि में बहुत थका हुआ हूँ और मुझे नींद भी आ रही है क्यों ना हम रश्मि को भी साथ में हॉस्पिटल ले चलें.. लेकिन रश्मि के पति ने मुझसे कहा कि अभी नयी दुल्हन को हॉस्पिटल ले कर जाना शुभ नहीं होता है और प्लीज़ राज तुम यहीं पर रेस्ट कर लो और फिर रश्मि को भी बोले कि तुम भी अपनी ड्रेस चेंज कर लो और फ्रेश होकर रेस्ट कर लो। फिर रश्मि के पति ने रश्मि को सॉरी बोला और उसके सर पर एक किस किया और बोला कि वो जल्दी आने की कोशिश करेगा।

तभी मुझे अपनी किस्मत पर भरोसा ही नहीं हो रहा था कि और ऐसा लग रहा था कि में जन्नत में पहुँच गया हूँ और मैंने पैर ज़मीन पर नहीं पड़ रहे थे और मन खुली वादियों में उड़ रहा था। तभी उनके जाते ही मैंने तुरंत दरवाजा बंद कर लिया और धीरे धीरे शरारती मुस्कान के साथ रश्मि की तरफ दबे पाँव ऐसे बड़ने लगा जैसे कि शेर किसी हिरण के शिकार के लिए बड़ता है फ़र्क़ सिर्फ़ इतना था कि मेरा शिकार डरने की जगह अपनी बड़ी बड़ी आँखों में मुस्कान और शरारत भरे हुए उन्हें घूमते हुए मुझे अपनी और आमंत्रित कर रही थी और उसके होंठो पर प्यारी और शरारती मुस्कान बिखरी थी और वो भाग कर बेड पर बैठ गयी। फिर मैंने जैसे ही उसे अपनी बाहों में जकड़ा और किस करने की कोशिश कि तो वो बोली कि राज ऐसे मत करो और रश्मि ने कहा कि राज मुझसे ऐसे प्यार करो जैसे कि फिल्म में सुहागरात पर दिखाते है और मुझे अपने पति से बहुत डर लग रह है पता नहीं वो मुझे कैसे चोदेगा? लेकिन अगर तुम मुझे सुहागरात की तरह एक नये मर्द की तरह प्यार करोगे और सेक्स करोगे तो मेरा डर खत्म हो जाएगा।

तभी मैंने उसे ठीक है कहा और वो एक नयी शर्मीली दुल्हन की तरह घूँघट निकाल कर बैठ गयी और में धीरे धीरे उसके पास गया और मैंने प्यार से घूँघट उठाकर उसके माथे पर किस किया और फिर उसके घूँघट को उसके सर तक खिसका कर मैंने उसकी दोनों आँखों और होंठ पर एक प्यारी सी किस की और फिर उसके कान के झुमके उतारकर उसके कानो पर एक सेक्सी किस दिया.. क्या मज़ा आ रहा था इस सेक्सी और प्यार भरे खेल का। आज मेरी जैसी किस्मत और ऐसा हसीन मौका करोड़ो में शायद ही किसी एक लड़के की ज़िंदगी में आए और आप सभी लोग सोचकर ही पागल हो जाओगे कि कोई इतनी हसीन और खूबसूरत लड़की जिसके आगे मॉडल और फिल्मी सुन्दरियाँ भी फैल हो.. जिसे आप बहुत अच्छे से जानते हो.. जो आपकी दोस्त की बहन और किसी और की बीवी हो चुकी हो और एक टॉप क्लास 5 स्टार होटेल के टॉप क्लास सजे धजे रूम में फूलों से सजी सुहागरात की सेज पर पहली बार तुमसे चुदवाने जा रही हो। तभी मैंने रश्मि को अपनी बाहों में भरा तो वो भी मुझसे लिपट गयी और मुझसे बोली कि राज में आज तुम्हे कुछ बताना चाहती हूँ। फिर रश्मि मुझसे बोली कि राज में भी तुम से बहुत प्यार करती हूँ। तभी यह सुनकर मेरी हालत दीवानो जैसी हो गयी और में रश्मि को बेतहाशा किस करने लगा और रश्मि भी किस का जवाब किस से दे रही थी। फिर वो मुझसे बोली कि राज मुझे ड्रेस चेंज करने दो और फ्रेश होने दो फिर हम मजे करेंगे.. लेकिन में उसे बोला कि मैंने पहले भी तुम्हारे साथ सेक्स किया है लेकिन आज तुम दुल्हन की ड्रेस में परी लग रही हो तो में तुम्हे ऐसे ही चोदना चाहता हूँ।

रश्मि बोली में पूरी तरह से तुम्हारी हूँ तुम जैसे चाहे प्यार करो बस एक मिनट में चूत को धोकर आती हूँ और तुम भी अपना धो लो उसने अपनी चूत को और मैंने अपने लंड को आगे पीछे से अच्छी तरह से धो लिया और हम फिर से बेड पर आ गये। फिर मैंने उसे अपनी बाहों में भरकर किस करना शुरू किया और उसके ब्लाउज को ब्रा के साथ ऊपर उठा दिया और उसकी गोरी गोरी चूचियों को क़ैद से आज़ाद कर दिया। रश्मि बोली कि यार यह ब्रा बहुत टाईट है और उसकी चूचियों में दर्द हो रहा है वैसे भी उसकी चूचियाँ बहुत बड़ी थी। मैंने फिर उसकी ब्रा उतार दी.. फिर हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूसने लगे.. मैंने उसे उठा कर अपनी गोद में बैठाया और उसके सर के बालों को खींच कर उसके होंठ पर किस करने लगा और उसके ब्लाउज के 2 हुक खोलकर उसकी गोल गोल चूचियों की मसाज करने लगा। तभी रश्मि भी मेरे होंठो को ज़ोर ज़ोर से चूस रही थी और अपनी जीभ मेरे मुहं में घुसेड़ रही थी।

फिर मैंने घूमकर रश्मि को बेड पर सीधा लेटा दिया और उसकी साड़ी को पेटीकोट के साथ ऊपर घुटनो तक उठाया और उसके दोनों पैरो को घुटनो से पकड़ कर फैलाया और उसकी महंगी रेशम की लाल कलर की पेंटी पर ऊपर से ही उसकी चूत को चाटने लगा। मज़ा और ज्यादा आए इसके लिए मैंने रश्मि की कमर के नीचे दो तकिये रख दिए और अब उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से चाटने में बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। कुछ ही पल में रश्मि का जिस्म अकड़ने लगा और वो सेक्सी सिसकियां भरने लगी और उसकी चूत बाहर निकल रही थी जिससे उसकी पेंटी गीली होने लगी और मेरा भी स्वाद चेंज हो रहा था। रश्मि ने अपना सर पीछे की तरफ खींच लिया और वो दोनों हाथों से बेड की शीट को खींच रही थी। में थोड़ा नीचे की तरफ घुमा हुआ और उसके दोनों पैरों की जांघो को चूसने लगा तो वो तड़प कर बैठ गयी और आग्रह करने लगी कि बहुत गुदगुदी हो रही प्लीज़ छोड़ दो.. लेकिन में करता रहा और वो सेक्सी आवाज़ में हंस रही थी। फिर मैंने उसकी जांघों पर किस करना शुरू किया और उसकी चूत को फिर ऊपर से नीचे तक उसके पैरों को चाट रहा था। रश्मि बहुत गरम हो चुकी थी इसलिए मैंने उसकी पेंटी को धीरे से उतारकर अपनी एक ऊँगली से उसकी चूत की दोनों पंखुड़ियों को अलग करके उसकी चूत के कोमल हिस्से को सहलाने लगा। रश्मि काम देवता की सेक्स की आग में जल रही थी और थोड़ा सहलाने के बाद जैसे ही मैंने अपनी जीभ टाईट करके उसकी चूत में घुसेड़ी तो उसने मेरे सर के बाल पकड़ कर खींच लिए। तभी मैंने अपनी जीभ उसकी गुलाबी चूत में 2-4 बार अंदर बाहर की और ज़रा सा उसकी चूत के अंगूर को चूसा तो उसकी चूत रो पड़ी और अपना सारा पानी उसने मेरे मुहं पर छोड़ दिया। तभी मेरे होंठ उसकी चूत से निकल रही क्रीम में डूब गये और रश्मि का जिस्म ढीला पड़ गया और मेरा चेहरा अपनी और खींचकर मुझे बेतहाशा चूमने लगी।

फिर में उठा और अपना लंड रश्मि के मुहं के पास ले गया.. उसने लेटे लेटे मेरा पूरा लंड अपने मुहं में ले लिया.. रश्मि बड़े प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी और कभी कभी मेरे लंड की चमड़ी को पीछे करके मेरे सुपाड़े को बड़े प्यार से चाट रही थी और कभी लंड की चमड़ी में अपनी जीभ डालकर घूमाती रही रश्मि मेरे लंड के साथ व्यस्त थी और में रश्मि के गोरे गोरे और खूबसूरत जिस्म को और उस पल को अपनी आँखों से अपने दिमाग़ में क़ैद कर रहा था और उसे देखकर में भी सातवें आसमान में उड़ रहा था और सब कुछ एक सपने जैसा चल रहा था।

तभी रश्मि मेरे लंड को बहुत एंजाय कर रही थी और में भी एक हाथ से उसकी चूचियों को दबा रहा था और अपने दूसरे हांथ की उंगली से उसकी चूत को सहला रहा था और कुछ ही देर के बाद मेरा लंड टाईट होने लगा। तभी मैंने रश्मि को बोला कि में झड़ने वाला हूँ लेकिन उसने लंड नहीं छोड़ा और उल्टा मेरा पूरा लंड अपने मुहं में डालकर अपने होंठ टाईट करके बंद कर लिए और मेरे लंड को अपने मुहं के अंदर अपनी जीभ टाईट करके जल्दी जल्दी सहलाने लगी। फिर चरम आनंद की चरम सीमा पर पहुंच कर मेरे वीर्य ने रश्मि के मुहं के अंदर फाईरिंग शुरू कर दी और रश्मि ने धीरे धीरे मेरे लंड को चूसते चूसते निकाला और फिर चाट कर साफ कर दिया। दोस्तों में जल्दी ही इस स्टोरी के अगले और फाइनल पार्ट के साथ आऊंगा तब तक के लिए मस्त रहो और मस्ती करो.. क्योंकि ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा ।।



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मामी की चुतड मेने मेरे लंड से बजा दी


हैल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम निक है और में नागपुर से हूँ, मेरी उम्र 28 साल है और में इस सेक्स समाचार डॉट कॉम साईट का बहुत बड़ा फेन हूँ. ये स्टोरी कुछ 1 साल पहले की है जब मेरे मामा और मामी अमृता मेरे घर आए थे. मामा कुछ काम से मुंबई जाने वाले थे तो मामी घर पर अकेली रहेगी इसीलिए वो हमारे घर मामी को रहने के लिए लेकर आए थे. मेरा घर डबल स्टोरी है और मेरा रूम और गेस्ट रूम ऊपर ही है. मामा की शादी को कुछ 5-6 साल हुए थे, तभी से मेरा मामी के ऊपर ध्यान था, लेकिन उन्हें कैसे बताऊँ और वो सुनकर क्या रिएक्ट करेंगी? ये सोचकर मैंने कभी उनसे ये बात नहीं कही, मामी की उम्र 35 साल है.
फिर रोज़ की तरह रात का खाना ख़ाकर में ऊपर मेरे रूम में चला आया. फिर मेरे रूम में आने के बाद मामी भी कुछ देर के बाद गेस्ट रूम में सोने के लिए आई, फिर मामी के रूम का दरवाजा बंद देखकर में मेरा डोर बंद करके एक पॉर्न फिल्म डाउनलोड करने लगा और सेक्सी स्टोरी पढ़ने में लग गया और मेरा 7 इंच लंबा लंड निकाल कर हिलाने लगा.
अभी कुछ देर भी नहीं हुई थी कि मामी मेरे रूम में आ गयी, तो मैंने डर के मारे जल्दी से लंड को पजामे में अंदर डाला, मामी के चेहरे पर कोई हाव भाव नहीं थे, शायद उन्हें कुछ नहीं दिखा था. फिर उन्होंने मुझसे बदन दर्द के लिए गोली माँगी और जाते वक़्त हल्की सी स्माइल देकर चली गयी, तब मुझे कुछ समझ नहीं आया, क्योंकि में बहुत डर गया था कि कहीं मामी किसी को ये बता ना दे.
दूसरे दिन में ऑफिस से आने के बाद हम सबने खाना खाया और रोजाना की तरह में अपने रूम में आ गया. उस समय करीब रात के 11 बजे थे, तब मामी भी ऊपर आ गयी और रूम का दरवाजा बंद कर दिया. फिर मैंने सोचा कि मामी अब तक सो गयी होगी, तब करीब 12 बजे थे. फिर मैंने डाउनलोड की हुई पॉर्न मूवी देखना चालू किया.
मैंने हैडफोन लगा रखे थे ताकि मूवी देखते हुए आवाज़ बाहर ना जाए. फिर में अपना लंड बाहर निकाल कर हिला रहा था और मूवी देखने में बहुत मग्न था पूरे रूम में अंधेरा था, सिर्फ़ लेपटॉप की स्क्रीन की रोशनी थी. तभी मुझे मेरे बाजू में किसी के खड़े होने का शक आया तो मैंने तुरंत पलटकर देखा तो अंधेरे में एक सेक्सी फिगर दिखी. वो और कोई नहीं मेरी मामी थी. में उठने ही वाला था कि मामी ने मुझे बैठने के लिए कहा और लाईट चालू कर दी. में काफ़ी डर गया था तब तक मैंने अपना लंड अंदर डाल दिया था. मामी मेरी कुर्सी के पास में खड़ी थी और में नीचे सिर किए हुए बैठा था. मामी के चेहरे पर क्या भाव थे? पता ही नहीं चला और फिर मैंने कहा कि..
में – सॉरी मामी में आगे से ऐसा कभी नहीं करूँगा. आप प्लीज मम्मी पापा को ये बात मत बताना.

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अमृता – अरे निक, ये सब जवानी में नहीं तो कब करोंगे?
में – वास्तव में मामी आप कब आई? मुझे पता ही नहीं चला.
अमृता – कोई बात नहीं, में तो सिर्फ़ दर्द की गोली माँगने आई थी.
फिर में झट से उठा और गोली देने लगा तो मेरा लंड अभी भी पूरा शांत नहीं हुआ था और पजामे के ऊपर से उसका उभार साफ दिखाई दे रहा था और जब मैंने मामी कि और देखा तो उनकी नज़र मेरे लंड पर ही थी. गोली देने के बाद मामी रूम से जाते हुए बोली कि प्लीज मेरे सिर पर ये बाम लगा देना.
फिर में उनके पीछे-पीछे उनके रूम में चला गया और वो सीधी लेट गयी और में उनके तकिये के पास बैठ गया. मामी बाम की शीशी देने ही वाली थी कि में हाथ सामने करके उसे लेने लग गया. वो बिल्कुल उनके बूब्स के ऊपर थी. मुझे हाथ धोने का मौका नहीं मिलने के कारण मेरी उंगलियों से मेरे लंड के चिकने पानी की स्मेल आ रही थी, शायद मामी को वो स्मेल पसंद आई और उन्होंने झट से मेरा हाथ अपनी नाक के पास लेकर सूंघने लग गई. तो मैंने पूछा मामी आप ये क्या कर रही हो?
तब वो थोड़ा चौंक गयी और बोली ये तुम्हारे हाथ में किस चीज़ की स्मेल आ रही है? तो मैंने कहा वो मुझे काफ़ी पसीना आता है ना, उसी की स्मेल है. फिर में बाम लगाने लगा, लेकिन मामी को लेटे हुए देखकर मुझसे और कंट्रोल नहीं हो रहा था.
मेरी नज़र उनके बूब्स और थोड़ा पेट जो कि साड़ी से थोड़ा ढका हुआ था और जांघो पर था इसीलिए बाम लगाते-लगाते मेरा हाथ कभी उनकी नाक को लगता तो कभी गाल को लग जाता. मुझे उनके रसीले गुलाबी होठों को देखकर ऐसा लग रहा था कि वो मुझे आमंत्रित कर रही हो, जिससे मेरा लंड वैसे ही टाईट हो गया.
फिर मैंने बाम की शीशी मेरी जांघो पर रखी हुई थी तो उसे लेने के लिए मामी ने हाथ पीछे सरकया तो वो सीधा मेरे लंड को लगा. उनका हाथ लगते ही मेरा लंड और तन गया था. मामी को समझ आ गया था कि उनका हाथ किसको लगा है और वो कुछ ना बोलते हुए आँखे बंद करके पड़ी रही, आख़िर में मुझसे ही नहीं रहा गया और मैंने झुककर उनके होठों पर मेरे होंठ रख दिए और चूमने लगा. तो मामी ने मुझे पीछे धकेला और बोली निक ये तुम क्या कर रहे हो?
पता नहीं मुझमें कहाँ से हिम्मत आ गयी और मैंने साफ साफ़ कह दिया कि मामी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो और ये बात में आपको बहुत दिनों पहले से ही कहने वाला था, लेकिन डर की वजह से नहीं कह पाया और आज आप मेरे सामने ऐसे लेटी थी तो मुझसे रहा नहीं गया. आई एम वेरी सॉरी मामी, अगर आपको मेरा ये कहना और करना अच्छा ना लगा हो तो फिर.. ये कहकर में जाने लगा, तभी मामी ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे रोक दिया.
फिर वो कहने लगी कि मैंने तुम्हें उस नज़र से कभी नहीं देखा, लेकिन कल रात जब तुम हिला रहे थे और आज जब मैंने तुम्हें देखा तो मेरे अंदर की असंतुष्ट औरत जाग गयी. ये कहकर उनकी आँखों में से आंसू आने लगे और में तुरंत उनके बगल में बैठ गया और बोला कि मामी आप प्लीज रोओ मत, आपको रोना बिल्कुल सूट नहीं करता, आप सिर्फ़ हंसती हुई अच्छी लगती हो, लेकिन आप रो क्यों रही हो? तब मामी ने मुझे मामा के बारे में सब बताया कि वो मामी को संतुष्ट नहीं कर पाते है.
ये सब बताते हुए मामी का सिर अपने आप मेरे कंधे पर टिक चुका था और मेरा हाथ मामी को बाहों में भर चुका था और में उनके कंधे और पीठ को सहला रहा था, मामी भी उनकी उंगलियां मेरे सीने पर फेर रही थी. मुझे पूरा मालूम हो चुका था कि अब में कुछ भी करूँ तो मामी ना नहीं कहेंगी. फिर में पीठ से हाथ फेरते हुए उनकी गर्दन को सहलाने लगा, मामी ने अपनी आँखे बंद ही रखी थी और दूसरा हाथ में उनकी जांघो पर से फेरते हुए बूब्स तक आकर बूब्स को हल्के-हल्के हाथों से दबाने लगा.
फिर धीरे-धीरे में उनके पीछे की और बैठ गया ताकि उनकी पीठ मेरे सीने को चिपक जाए और मेरे दोनों पैर खोलकर उन्हें अंदर खींच लिया. फिर मैंने मामी के बालों को साईड में करके उनकी पीठ पर और गर्दन को चूमने लगा और साथ में दूसरे हाथ से उनकी कमर को सहला रहा था. मामी मेरी इन हरकतों को पूरा इन्जॉय कर रही थी और हल्की-हल्की आवाजें निकाल रही थी.

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फिर मैंने मामी को अपने सीने से चिपकाया और अपने हाथों से उनके बूब्स दबाने लगा और उनका सिर थोड़ा पीछे मोड़कर उन्हें किस करने लगा. में उनके होंठ चूस रहा था, तो कभी उनकी जीभ को चूसने लगता. फिर एक हाथ से में बूब्स दबाता रहा और दूसरा हाथ कमर से होते हुए उनकी जांघो को सहलाकर साड़ी के ऊपर से ही उनकी चूत को दबाने लगा तो वो उछल पड़ी. फिर मैंने उनका ब्लाउज निकाल दिया और साड़ी और पेटीकोट भी निकालकर अलग कर दिया, अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी.
फिर में भी अपने कपड़े उतारकर अंडरवेयर में आ गया. फिर मैंने मामी को सीधा लेटाया और उन्हें हर जगह चूमने लगा और चूमते हुए ब्रा के ऊपर से ही मैंने उनके बूब्स को मुँह में लेकर गीला कर दिया. फिर ब्रा निकाल कर मैंने बारी-बारी दोनों बूब्स को चूसा और हल्के दातों से काटा तो मामी इतने में ही आवाज़े निकाल रही थी. फिर चूमते हुए मैंने मामी की पेंटी को उतारा और उनकी चूत को देखा तो वो पहले से ही गीली हो चुकी थी, शायद मामी एक बार झड़ चुकी थी.
फिर मैंने चूत को एक कपड़े से साफ करके मेरा मुँह उनकी चूत पर रख दिया और चाटने लगा. मामी एकदम से मचलने लगी थी. फिर मैंने उनके पैर पकड़कर अलग अलग रखे और चूत को चूसता रहा. फिर मैंने अपनी एक उंगली को चूत के अन्दर डालकर उसमे अन्दर बाहर करने लगा और चूत को चाटना शुरू किया तो मामी का मचलना कंट्रोल नहीं हुआ और वो चीखे भी तो आवाज़ ज़्यादा ना आए इसीलिए मामी ने चादर का एक कोना अपने मुँह में डाल रखा था.
फिर कुछ देर और चाटने के बाद में खड़ा हो गया और मामी को बैठाकर उनके मुँह में मेरा लंड रखा तो वो कहने लगी कि निक मैंने ये पहले कभी नहीं किया है. तो में बोला कोई बात नहीं मामी, हर कोई काम पहली बार तो करना पड़ता है और फिर मैंने उन्हें थोड़ा समझाते हुए मेरा लंड उनके मुँह में डाला और उनके सिर को पकड़कर आगे पीछे करने लगा.
इस दौरान कभी-कभी उनके दांत मेरे लंड पर लग रहे थे, तो मैंने उनसे कहा कि तुम अपने हिसाब से करो तो उसका रिज़ल्ट अच्छा मिला और वो बिना दांत लगाए मेरे लंड को चूस और चाट रही थी. ये सब काफ़ी देर चलता रहा. फिर मैंने मामी को सीधा लेटाया और में उनके ऊपर सो गया. में उन्हें लगातार किस कर रहा था. फिर मामी ने भी अपने पैर फैलाक़र मुझे मेरा लंड चूत के अन्दर डालने की इजाजत दे दी. फिर में अपना लंड मामी की चूत पर रगड़ रहा था तो वो बोली कि प्लीज निक अब और देर मत लगाओ, बुझा दो मेरी प्यास प्लीज.
फिर मैंने लंड का टोपा चूत में डालते ही थोड़ा धक्का दिया ताकि वो थोड़ा अंदर चला जाए. तभी मामी बोली निक धीरे प्लीज तुम्हारा बहुत लंबा और चौड़ा है, आराम से जानू प्लीज. फिर में उन्हें और किस करने लगा और उनके बदन को सहलाने लग गया. फिर ऐसा 3 ज़ोर के झटको में मेरा लंड पूरी तरह से मामी की चूत में चला गया, लेकिन मामी को बहुत दर्द हो रहा था तो वो मौन कर रही थी.
फिर पूरा लंड अंदर जाने के बाद में थोड़ी देर शांत रहकर उन्हें सहलाने लगा और कुछ देर बाद वो शांत हो गयी और में धीरे-धीरे अन्दर बाहर करके मामी को चोदने लगा. में मामी को बिना कंडोम के चोद रहा था, तो हर एक अंदर बाहर की क्रिया से हमारे बीच खिंचाव बढ़ रहा था और में बीच बीच में अपनी स्पीड बढ़ा देता और ज़ोर के 4-5 धक्के मारकर फिर से स्पीड कम कर लेता.
फिर ऐसा कुछ 4-5 बार करके में अपनी फुल स्पीड पर आने लगा और मामी को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा. फिर हर एक झटके से मामी का बदन पूरा हिल रहा था, मामी बीच में 2 बार झड़ चुकी थी, जिसके कारण मेरे लंड पर उनकी चूत का पानी लगने से चिकनाहट हो गयी थी और मेरा लंड और आसानी से अंदर जा रहा था.
फिर कुछ देर के बाद में भी अपनी चरण सीमा पर था और ज़ोर के धक्के देते हुए में मामी के अंदर झड़ गया. फिर में वैसे ही मामी के ऊपर लेटा रहा और मेरा लंड अभी भी मामी की चूत में ही था, मामी मेरे कंधे और गले को चूम रही थी. फिर कुछ देर के बाद में मामी के बगल में लेट गया. फिर मामी बोली कि जानू आज जाकर में संतुष्ट हुई हूँ, आज तक ऐसा तुम्हारे मामा ने कभी किया ही नहीं था. फिर में बोला कि मामी आप खुश तो में भी खुश. उस रात मैंने मामी को 4 बार चोदा जिसमें से एक बार उनकी गांड भी चोदी, जो कि उनका पहली बार था.

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पड़ोसन बनी हम दो भाइयों की सेक्स पार्टनर
दोनो दीदियों की मजे से चुदाई

बेशर्म डॉक्टर के साथ क्लिनिक में मजा


बेशर्म डॉक्टर के साथ क्लिनिक में मजा



हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आदित्य है और में 23 साल का हूँ। मैंने इस साईट पर बहुत सी स्टोरी पढ़ी तो मैंने सोचा कि मुझे भी अपनी लाईफ का अनुभव लिखना चाहिए। में यहाँ अपनी पहली स्टोरी लिख रहा हूँ तो पहले में आपको अपने बारे में बता दूँ। में हरियाणा की एक अमीर फेमिली से हूँ तो मेरे पापा ने मुझे पढ़ने के लिए दिल्ली भेजा और दिल्ली से 12वीं पास करके मैंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में ही एडमिशन ले लिया और बाद में कॉम्पीटिशन एग्जॉम की तैयारी करने लगा। में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में जॉब कर रहा हूँ और अभी मेरी शादी नहीं हुई है तो में दिल्ली में अकेला रहता हूँ।

ये बात 2007 की है, जब मैंने 12वीं पास करके कॉलेज में जाना शुरू किया था, तब में किराये के फ्लेट में अकेला रहता था। उस टाईम तक मैंने किसी के साथ सेक्स नहीं किया था, मेरा मन सेक्स करने का तो बहुत करता था, लेकिन में थोड़ा शर्मीले स्वभाव का हूँ तो में कोई लड़की नहीं पटा सका तो अब बस में सिर्फ मुठ मारकर ही काम चलाता था। गर्मियों के दिन थे और मेरे लंड के आस पास के बाल बड़े हो गये थे, वैसे तो में अपने नीचे के बाल क्रीम से ही हटाता हूँ, लेकिन उस दिन मेरे पास क्रीम नहीं थी तो मैंने ब्लेड से ही बाल काटने की सोची। मुझे बाथरूम में गर्मी लग रही थी तो में जल्दी- जल्दी बाल काट रहा था तो अचानक ब्लेड से मेरे लंड के पास कट लग गया और उसमें से खून आने लगा। फिर मैंने बाहर आकर क्रीम लगाई तो थोड़ी देर में खून आना कम हो गया। फिर मैंने सोचा कि कट ज्यादा लगा है तो टिटनेस का इंजेक्शन लगवा लेना चाहिए। मेरे फ्लेट से थोड़ी ही दूरी पर 2-3 छोटे क्लिनिक है। फिर में जल्दी से नहाकर इंजेक्शन लगवाने चला गया। में क्लिनिक के अंदर गया तो वहाँ 3-4 मरीज ही बैठे थे और रिसेप्शन पर एक मोटी सी लड़की बैठी थी।

फिर मैंने उससे कहा कि मेम मुझे टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना है तो उसने पूछा क्या हो गया? फिर मैंने कहा कि कुछ खास नहीं बस ब्लेड से कट लग गया था और फिर उसने ज्यादा नहीं पूछा। फिर उसने मेरा नाम रजिस्टर में लिखा और इंतजार करने को बोला। मेरा डॉक्टर को दिखाने के लिए 4 नंबर पर नाम था, मरीज भी कम थे तो डॉक्टर भी सब को आराम-आराम से देख रहा था। फिर 20-25 मिनट के बाद मेरा नम्बर आया। फिर जब में डॉक्टर के कैबिन में अन्दर गया तो मैंने देखा कि वहाँ तो एक लेडी डॉक्टर बैठी थी, मुझे उसकी उम्र 35-40 साल के करीब लगी, वो ज्यादा तो सुंदर नहीं थी, लेकिन नॉर्मल थी और उसके फिगर का साईज़ 36 या 38 होगा।

फिर मैंने डॉक्टर से कहा कि मेम मुझे टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना है, मुझे ब्लेड से कट लग गया था। फिर डॉक्टर ने पूछा कि कट हाथ में लगा है क्या? तो मुझे शर्म आने लगी। फिर मैंने गर्दन हिलाकर ना कहा। तब उन्होंने फिर पूछा तो कहाँ लगा है? फिर में थोड़ी देर तक कुछ नहीं बोला, तब डॉक्टर ने कहा कि बताओ ना। फिर मैंने धीरे से कहा कि जी वो नीचे लगा है तो डॉक्टर को थोड़ी हंसी आई और कहा कि देखो शरमाओ नहीं में तो एक डॉक्टर हूँ और डॉक्टर से क्या शर्माना? अब सही से बताओ। फिर मैंने कहा कि जी वो में नीचे के बाल साफ कर रहा था, तब मेरे उसके पास थोड़ा कट लग गया तो डॉक्टर के चेहरे पर फिर से एक अजीब सी स्माईल थी और मुझे तो वो साली चालू टाईप की लग रही थी। तभी उसने कहा कि पास वाले बेड पर लेटो (जिस पर लेटाकर डॉक्टर इंजेक्शन लगाते है) और मुझे दिखाओं कहीं जख्म ज्यादा गहरा तो नहीं है और ब्लडिंग पूरी तरह से रुकी है या नहीं और उसने खुद कुर्सी से उठकर दरवाजा जो बंद था, वो भी लॉक कर दिया और पर्दा लगा दिया।

फिर उसने मुझे बेड पर लेटाया और कट देखने को बोला, मुझे शर्म आ रही थी तो में ना नुकर करने लगा। फिर डॉक्टर ने कहा कि तुम तो लड़कियों की तरह शरमा रहे हो, ये बात मुझे चुभ गयी और मैंने लेटे-लेटे अपना पजामा और अंडरवियर थोड़ा सा नीचे कर दिया। फिर डॉक्टर ने मेरा पजामा पकड़कर और नीचे कर दिया और वो कमीनी मुस्कुराने लगी। मेरा तो शर्म से मुँह लाल हो गया था तो मैंने अपनी आँखे बंद कर ली और चुपचाप लेटा रहा। फिर डॉक्टर ने अपने हाथों में बिना कुछ पहने ऐसे ही मेरा लंड पकड़ा और उसे थोड़ा साईड में करके कट को देखने लगी, उसने अपने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ रखा था और दूसरे हाथ की उंगली कट पर लगा रखी थी, जिस हाथ से उसने मेरे लंड को पकड़ा था, वो कमीनी उस हाथ से अजीब-अजीब हरकत कर रही थी। मुझे तो बहुत हैरानी हो रही थी कि देखो साली कितनी बेशर्म औरत है? वो मेरे लंड को अपने हाथ से कभी टाईट पकड़ती तो कभी पूरी मुठी में ले लेती तो कभी मेरे लंड पर अपनी उंगलियां फेरती। इससे मेरी हालत ख़राब होने लगी थी, मतलब मेरा लंड खड़ा होने लगा था। फिर मैंने अपनी आँखे खोलकर देखा तो वो साली धीरे-धीरे मुस्कुरा रही थी। फिर उसने मुझसे कहा कि काफ़ी बड़ा है तो मैंने शरमाते हुए धीरे से पूछा जी क्या? फिर उसने कहा कि अरे तुम्हार कट और क्या? और जिस हाथ में मेरा लंड था, उसकी मुठी थोड़ी भींच दी। वो मेरे लंड पर अपने हाथ से कुछ हरकते कर रही थी। फिर उसने थोड़ा हँसते हुए पूछा कि ये कट कैसे लगा? फिर मैंने कहा कि जी वो में ब्लेड से अपने बाल काट रहा था तो जल्दी-जल्दी में लग गया।

फिर उसने एकदम से पूछा कि अच्छा बाल काटकर अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने जा रहे थे क्या? फिर मैंने कहा कि नहीं मेम मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। फिर वो बोली क्यों? तुम तो अच्छे स्मार्ट हो, बॉडी भी मस्त है और ये भी। (फिर उसने अपनी मुट्ठी में मेरा लंड थोड़ा दबा दिया, जो कि अब तक पूरा खड़ा हो चुका था) फिर स्माईल के साथ पूछा तो तुम्हारे कोई गर्लफ्रेंड क्यों नहीं है? मुझसे झूट मत बोलो, ये बाल किसी गर्लफ्रेंड के लिए ही साफ किए होगें। फिर मैंने कहा कि नहीं मेम में सच कह रहा हूँ, मेरे कोई गर्लफ्रेंड नहीं है, वो तो मुझे बड़े बाल अच्छे नहीं लगते इसलिए काट लिए थे। फिर उसने किसी दवाई से मेरे कट को थोड़ा साफ किया और उसके बाद कोई दवाई लगाई। अब दवाई लगाते टाईम भी उसने एक हाथ से मेरा खड़ा लंड ही पकड़ रखा था। अब ये तो कोई बेवकूफ़ भी समझ जाता कि ये औरत किस टाईप की है? और क्या चाहती है? मेरी लाईफ में पहली बार किसी ने मेरे लंड पर हाथ लगाया था और साथ ही वो मेरे लंड के साथ अजीब-अजीब हरकत कर रही थी।

अब मुझे लगा कि में तो इसके हाथ में ही झड़ जाऊंगा और मेरी भी उस पर नियत ख़राब होने लगी थी। फिर उसने मेरा लंड थोड़ा ऊपर नीचे किया और मेरे से इधर उधर की बातें करने लगी। फिर उसने मेरा नाम पूछा और पूछा कि तुम क्या करते हो? कहाँ के हो? किस कॉलेज में पढ़ते हो? तुम्हें किस तरह की लड़कियां पसंद है? फिर जब में जवाब देता तो उससे डॉक्टर साहब या मेम कहता। फिर उसने कहा कि मेरा नाम पूनम गुप्ता है और तुम मुझे पूनम कह सकते हो, ये मेम-मेम क्या लगा रखा है? फिर उसने पूछा कि सेक्स के बारे में क्या सोचते हो? फिर मैंने कहा कि में समझा नहीं। फिर उसने कहा कि तुम्हारा मन नहीं करता ये सब करने का तो मैंने कहा बहुत करता है। फिर उसने पूछा तो कैसे काम चलाते हो? फिर मैंने कहा कि बस हाथ से ही कर लेता हूँ तो वो ये सुनकर हंसने लगी और बोली कुछ कामों को खुद अपने हाथ में लेकर करने में उतना मज़ा नहीं आता है, जितना किसी और के हाथ से करवाने में आता है, इस बात पर मुझे भी हंसी आ गयी।

अब मुझे लगा कि जब अगली इतनी बेशर्म है तो मुझे शर्मीला बनने की क्या ज़रूरत है? अब में भी थोड़ा फ्रेंक हो गया। मेरा लंड उसके हाथ में था तो सेक्स भी सर चढ़कर बोल रहा था। फिर मैंने कहा कि पूनम जी आज तक मुझे किसी दूसरे का हाथ मिला ही नहीं है तो बताओं में क्या करता? अब वो हँसते हुए बोली कि हाथ तो बहुत है बस मांगने वाला होना चाहिए, इतना सुनकर मुझे भी हंसी आ गयी और मैंने उसका लेफ्ट हाथ जो फ्री था, उसे पकड़कर अपने ऊपर खींच लिया। वो भी बिना कोई विरोध किए मेरी तरफ़ आ गयी। फिर मैंने उसे ठीक से पकड़कर अपने ऊपर खींच लिया। उसका चेहरा मेरे चेहरे के पास था तो उसने अपने दोनों हाथों से मेरे गालों को पकड़ा और अपने लिप मेरे लिप पर रख दिए, मुझे तो बस मजा ही आ गया था।

फिर थोड़ी देर में उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी, क्या मस्त किस कर रही थी साली? फिर मैंने सोचा कि बेटा इसी का नाम अनुभव होता है। फिर उसने मेरे गालों पर किस किया, वो बेड छोटा था और उसकी टाँगे अभी भी नीचे ही थी तो अब में भी खड़ा ही हो गया और उसने मुझे दीवार से चिपका दिया और बोली कि सालो तुम हरियाणा वालों का हथियार भी कितना बड़ा और मोटा होता है ना। फिर मुझे हंसी आई और वो भी हंसने लगी। फिर वो मुझे किस करने लगी। मैंने अपने हाथ उसकी पीठ पर फेरने शुरू कर दिए। फिर थोड़ी देर में मेरे हाथ उसके कूल्हों पर नीचे चले गये। क्या मुलायम- मुलायम कूल्हें थे साली के? फिर में उसके मोटे-मोटे कूल्हों को बुरी तरह से दबा रहा था।

फिर मैंने अपने हाथ ऊपर लाने शुरू किए और मेरे हाथ उसके बूब्स पर आ गये और सोचा कि भगवान ने भी बूब्स क्या मस्त चीज़ बनाई है? तभी तो ये लड़कियां इनको इतना बाहर निकाल-निकालकर चलती है साली। फिर उसने अपना एक हाथ आगे करके मेरा लंड पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी, अब मेरी तो बुरी हालत थी। फिर उसने मेरा लंड हिलाते-हिलाते जब उसका हाथ एकदम से मेरे कट पर लगा तो मुझे बहुत दर्द हुआ और मैंने एकदम से आहह बोला। तब उसे भी थोड़ा होश आया। फिर उसने मुझसे सॉरी कहा और वो बोली कि हमें अन्दर ज्यादा टाईम हो गया है बाहर और भी मरीज आ गये होगें। फिर उसने धीरे से थोड़ा सा पर्दा हटाकर देखा तो बाहर 2 औरतें बैठी थी तो उसने कहा कि आज के लिए इतना ही काफ़ी है और अपना विज़िटिंग कार्ड देते हुए बोली कि ये मेरा नंबर है और शाम को इस नम्बर पर फोन करना और अब तुम जाओ। अब मेरा तो दिल ही टूट गया, हमारे हरियाणा में कहते है कि खड़े लंड पर किसी ने लाठी मार दी हो, ऐसा ही मुझे महसूस हुआ। में उससे फिर चिपक गया और कहा कि नहीं थोड़ा और थोड़ा और कहा कि बस 2 मिनट और 2 मिनट और फिर वो हंसने लगी और बोली कि तो तुम ऐसे नहीं मानोगे।

फिर उसने मुझे सीधा खड़ा किया और खुद घुटनों पर बैठ गयी और अब मेरा लंड उसके चेहरे के पास था। अब में समझ गया कि ये रंडी क्या करने वाली है? फिर उसने प्यार से अपनी जीभ मेरे सुपाड़े पर लगाई तो मेरी तो जान ही निकलने लग गयी। फिर उसने आराम-आराम से अपनी जीभ आगे-आगे घुमाई, अब उसका एक हाथ मेरे अंडो से खेल रहा था तो में जन्नत की सैर कर रहा था, मुझे सच में लग रहा था कि कुछ काम किसी और के हाथ से करवाने में कुछ ज्यादा ही मज़ा है। फिर उसने धीरे-धीरे से मेरा आधा लंड अपने मुँह में ले लिया, अब तो में पागल ही हो गया था। फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके सर को जोर से पकड़ लिया था और धीरे-धीरे उसके मुँह में झटके लगाने शुरू कर दिए।

अब मुझे लग रहा था कि में बस झड़ने वाला हूँ और वो वैसे ही प्यार से मेरे लंड को लॉलीपोप की तरह चूस रही थी। तभी मेरी बॉडी अकड़ने लगी और में अपना लंड उसके मुँह में अंदर धकेलने लगा, लेकिन उसने अपने हाथ से मेरे लंड को रोक रखा था और आधे से ज्यादा अंदर नहीं जाने दिया। फिर तभी में झड़ने लगा और मुझे लगा कि मेरा इतना वीर्य आज तक कभी भी नहीं निकला होगा। अब में बहुत देर तक उसके मुँह में झड़ता रहा और वो रंडी मेरा सारा माल पी गयी। फिर मेरे लंड में गुदगुदी सी होने लगी और मैंने अपना लंड उसके मुँह से बाहर निकाल लिया। फिर वो भी खड़ी हुई और स्माईल के साथ बोली कि अब मिली कुछ शांति। फिर मैंने धीरे से कहा डार्लिंग बस मज़ा ही आ गया। फिर वो बोली कि ये तो सिर्फ ट्रेलर था, फिल्म तो अभी देखनी बाकी है।

फिर उसने कहा कि बहुत ज्यादा टाईम लग गया है, अब तुम जाओ और मेरे पास शाम को कॉल करो। फिर में आगे का प्लान बताती हूँ। अब टाईम ज्यादा हो गया है तो तुम्हारा इंजेक्शन भी कल ही लगाउंगी। फिर उसने मेरे गाल पर हल्का सा किस किया और बाय बोला। फिर मैंने उसे अपनी तरफ़ खींचकर हग किया और फिर धीरे से बिना आवाज़ किए दरवाजे का लॉक खोला और बाहर आ गया, बाहर मरीज बैठे थे तो में चुपचाप नीचे देखता हुआ क्लिनिक से बाहर आ गया ।।

धन्यवाद …



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पड़ोसन बनी हम दो भाइयों की सेक्स पार्टनर


हाई दोस्तों मेरा नाम अभी हैं और मैं औरंगाबाद का हूँ. यह कहानी के तिन किरदार हैं. मैं, कुसुम भाभी और मेरे बड़े भाई निखिल. कुसुम भाभी हमारी पड़ोसन हैं जिसकी गोल गांड और उभरती जवानी ने सभी को हैरान कर के रखा हैं. उसके पति का नाम भूपेन हैं जो सिटी में कारखाना चलाता हैं. वो सिटी में लोहें का कारखाना चलाता हैं और उसकी बीवी यहाँ चुदाई की पाठशाला खोल के बैठी हैं. कुसुम भाभी अभी यंग ही हैं, कुछ छब्बीस साल की उम्र होंगी उसकी. मेरे बड़े भाई निखिल शादीसुदा हैं और मेरी सगी भाभी का नाम रूपा हैं. पता नहीं इतनी हसीन भाभी के होते हुए भी निखिल भैया कैसे इस ररंडी भाभी के चुंगल में आ फंसे. शायद कुसुम भाभी की गोल गांड ने उन्हें अपनी और खिंचा था. मैंने अपना नाम तो बताया ही, मैं 21 साल का हूँ और अभी डेंटल की पढ़ाई करता हूँ. यह बात तब की हैं जब मैं छुट्टियों में घर आया था. कुसुम भाभी को दस दिन लाइन दिया और ग्यारवें दिन उसे अपना मोबाइल नम्बर भेज दिया. आप यह कहानी सेक्स समाचार डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं ..

मुझे लगा की भाभी कॉल करें तो ठीक हैं वरना चुदाई का और जुगाड़ देखना पड़ेंगा. कोलेज में तो मेरे लिए चूत सेट हैं. मेरी मणिपुरी गर्लफ्रेंड तृषा की चूत ले के मैं खुश हूँ. कुसुम भाभी तो सिर्फ छुट्टियों का जुगाड़ था. भाभी के साथ मोबाइल पर ही प्यार मुहब्बत और ईश्कबाजी की बातें होने लगी और मैं धीरे धीरे उन्हें हॉट बातों पर भी ले गया. मैं उनकी गोल गांड की बड़ी तारीफ़ करता था और साथ में उनके बड़े बूब्स और भीगें होंठ की तारीफ़ भी हो जाती थी. कुसुम भाभी बड़ी चुदासी हुई थी और मैं उन्हें मिलने के लिए प्रेशर बनाये हुए था. भाभी हर बार अपने पति का डर बता के बात को टालने की कोशिश करती थी. वो मुझे दोपहर में अक्सर फोन सेक्स का मजा देती थी. मैं उसकी चूत और गोल गांड को फोन से ही चोदता था. भाभी भी जैसे सच में अपनी गोल गांड में लंड लिए हुई हो वैसे मोनिंग करती थी. और मैं चड्डी में ही मुठ मार के वीर्य निकाल देता था.

तभी एक दिन मेरी किस्मत जागी, कुसुम भाभी ने उस दिन कुछ दोपहर के डेढ़ बजे कॉल किया और बोली के घर आ जाओ. मैं समझ गया की आज सच में चूत और गोल गांड मिलने वाली होंगी. मैं फट से पीछे के रस्ते से उसके घर में घुसा. कुसुम भाभी ढीली नाइटी पहने वही खड़ी थी. मुझे देख के वो हंस पड़ी और बोली, आओ अभी सोरी काफी दिनों से कुछ नहीं कर पाई मैं. मैं भाभी के पास गया और मैंने देखा की भाभी के बूब्स उछल रहे थे. मतलब उसने नाइटी क निचे ब्रा नहीं पहनी थी. और जब ब्रा नहीं पहनी थी तो पेंटी के चांसिस भी कम ही थे. भाभी को मैं ऊपर से निचे तक देखने लगा और फिर मैंने उन्हें कहा, सच में आप नजदीक से भी बड़ी सेक्सी लगती हो. कुसुम भाभी हंस पड़ी. मैंने उन्हें कहा, भाभी एक बार आप की पूरी बॉडी को देखना हैं आप धीरे धीरे से घूमेंगी.

भाभी को तो जैसे की कहने की ही देर थी. वो घूमी और अपनी गोल गांड मेरे सामने निकाल के खड़ी हो गई. और फिर वो अपनी गांड को हिलाने लगी. मैं उत्तेजित हो रहा था भाभी के सेक्सी ठुमकों से. मेरा लंड मेरी पेंट में ही उछल रहा था जैसे. मैंने अपनी ज़िप खोल दी और लंड को खुली हवा में ले आया. भाभी ने मेरा लंड देखा और वो हंस पड़ी. मैं समझ गया की यह बड़ी चुदासी भाभी हैं जिसके मतलब का सामान अब बहार आ गया था. भाभी ने अब गांड को हिलाना बंध किया और वो मेरे करीब आई. मैंने अपना हाथ उसके सेक्सी बूब्स के ऊपर रख दिया और उन्हें दबाने लगा. भाभी के मुहं से आह निकल पड़ी. उसने मुझे पकड के अपनी और खिंच लिया. भाभी के दोनों बूब्स अब मैंने हाथ में दबा लिए और उन्हें जोर जोर से प्रेस करने लगा.भाभी बड़ी चुदासी हुई पड़ी थी और वो सिसकियाँ लेने लगी. तभी भाभी का हाथ मेरे लंड के ऊपर आया और उसने उसे पकड लिया. जैसे कार के गियर को हिलाते हैं वैसे ही भाभी मेरे लौड़े को हिलाने  और घुमाने लगी. मुझे सच में बड़ा मजा आ रहा था.

कुसम भाभी अब लंड को बड़े ही प्यार से सहला रही थी. मैंने भाभी के कान के निचे के हिस्से में अपने होंठ लगा दिए और उन्हें हलकी सी किस दे दी. भाभी की सिसकी निकल पड़ी और उसने लंड को जोर से दबा दिया. मैं अब तहे दील से चाहता था की यह हॉट गोल गांड वाली भाभी मेरा लंड चूस दे. और शायद भाभी मन पढ़ना जानती थी क्यूंकि तभी वो अपने घुटनों के ऊपर जा बैठी और मेरा लंड उसके मुहं के सामने ही था. भाभी ने लंड के सुपाड़ें को किस किया. सब कुछ ऐसे ही लग रहा था जैसे हम दोनों फोन सेक्स में करते थे. भाभी ने लंड को और एक किस दी और फिर अपना मुहं खोल के सुपाड़ें को मुहं में ले लिया. कोई आइसक्रीम की केंडी को चूस रही हो वैसे ही भाभी मेरा लंड चूसने लगी. मैं उत्तेजना के सब से ऊपर के लेवल पर था. भाभी ने अपने हाथ मेरी गांड पर रख दिए थे और अब वो लंड को अपने मुहं में चला रही थी.

मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था भाभी के ऐसे मस्त लंड चूसने से. मैंने भी अब अपनी कमर को हिला के लंड को कुसुम भाभी के मुहं में अंदर बहार करना चालू कर दिया. भाभी ने तभी खिड़की की और देखा और मेरा लंड मुहं से बहार निकाल दिया. मेरी नजर जब खिड़की पर गई तो मेरी गांड ही फट गई. निखिल भैया वहां खड़े थे और वो मुझे और इस गोल गांड वाली भाभी को ही देख रहे थे.

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निखिल भाई को देख के मेरी गांड ही फट गई जैसे. मुझे लगा की शायद भैया ने मुझे यहाँ आते देख लिया होंगा और वो अभी तक सब देख चुके थे. लेकिन निखिल भाई को देख के हॉट भाभी को तो जैसे की कुछ हुआ ही नहीं. वो तो आराम से वही बैठी रही और फिर उसने जो कहा उस से मेरी हिम्मत खुल गई.

कुसुम भाभी: क्या बात हैं निखिल, आज ऐसे ही आ गए, बिना कॉल किये?

निखिल भाई कुछ नहीं बोले लेकिन मैं समझ गया की यह हॉट भाभी को निखिल भाई भी पेलते होंगे.

निखिल भाई को भी सांप सूंघ गया था और मुझे भी. फिर उन्होंने भाभी की और देख के कहा, अरे इतने छोटे लडको को क्यूँ फंसती हो भाभी आप?

अरे छोटा कहा हैं ये. इसका लंड तेरे से भी बड़ा हैं देख तो. और आज सच में लकी दिन होंगा मेरे लिए तभी तो तुम आ गए साथ ही में. दोनों आ जाओ मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं हैं.

निखिल भाई वही खड़े रहे और भाभी को घूरने लगे.

भाभी: देख ले तुझे रुकना हैं तो रुक वरना जा.

निखिल भाई मुझे घूर रहे थे इसलिए भाभी ने उन्हें कहा: देख इसे  कुछ किया तो तेरा सारा कच्चा चिठ्ठा खोल के रख दूंगी. आना हैं तो आजा हमारे साथ.

निखिल भाई दो मिनिट सोचते रहे और फिर वो हॉट भाभी के पास आ गए. कुसुम भाभी ने उनकी पेंट में हाथ डाला और उनका लंड बहार निकाला. सच में मेरा लंड मेरे बड़े भाई से भी बड़ा था. भाभी वापस मेरा लंड चूसने लगी और निखिल भाई का लंड सहलाने लगी. निखिल भाई हॉट भाभी को देख रहे थे जब वो मेरा लंड अपने गले तक भर क चूस रही थी. मैंने अपने हाथ को भाभी के माथे पर रखा था और मैं उसे आगे पीछे कर रहा था असली मजे के  लिए. कुसुम भाभी भी लंड को जबान से चाटती थी और फिर उसे मस्त खिंच खिंच के चूसती थी. . आप यह कहानी सेक्स समाचार डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं .. भाभी मेरा लंड कुछ पांच मिनिट अपने मुहं में डाल के ऐसे ही चूसती रही और मुझे लौड़े के अंदर जैसे की करंट के झटके लग रहे थे. भाभी का लंड चूसने का स्टाइल इतना मस्त था की मजा असीमित था. मैंने सोचा की अगर ऐसे ही चूसती रही यह हॉट भाभी तो मलाई अभी निकल पड़ेंगी और उसकी चूत की मजा लेने को नहीं मिलेंगा. यह सोच के मैं लंड को भाभी के मुहं से निकाल लिया. भाभी ने अब निखिल भाई का लंड अपने मुहं में डाला और उसे चूसने लगी.

निखिल भाई का लंड चूसते हुए भाभी अपनी गांड को हिला रही थी. मैंने धीरे से भाभी की गांड पर से कपडे हटा दिए और अंदर की पेंटी भी उतारफेंकी. भाभी लंड चूसने की मस्ती में इतनी वव्यस्त थी की उसने मूड के एक बार भी पीछे नहीं देखा. मैंने अब अपने लंड के सुपाड़ें पर थूंक लगाया और भाभी की चूत के ऊपर लंड को रख दिया. भाभी की चूत की गरमी और चिपचिपापन मुझे अपने लंड के ऊपर महसूस हो रहा था. जैसे ही मैंने लंड को थोडा अंदर पम्प किया  भाभी की आह निकली. उसने पहली बार मुड़ के पीछे देखा और वो हंस रही थी. उसके होंठो पर निखिल भाई के लंड से निकला हुआ प्रिकम लगा हुआ था. हॉट भाभी इस अदा में और भी सेक्सी लग रही थी.

अब मैं एक और झटका दे के लंड को पूरा के पूरा भाभी की चूत में डाल दिया. भाभी की सिसकी निकल पड़ी और वो अपनी गांड को मेरे लंड के ऊपर दबाने लगी. मैंने दोनों हाथ से भाभी की गांड को अपने हाथ में =पकड ली और फिर मैं लंड को उसकी चूत के अंदर पम्प करने लगा. भाभी भी मस्तियाँ उठी और उसने अपनी गांड को हिलाना चालू कर दिया. वो अपनी गांड हिला रही थी और मैं अपनी कमर हिला के अपना लंड हॉट भाभी की चूत म ठोक रहा था. निखिल भाई वहीँ जमीन पर लेटे हुए अपना लंड इस भाभी को चूसा रहे थे और अपने छोटे भाई को बड़ा पराक्रम करते हुए देख रहे थे.

मेरा लंड भाभी की चूत की गहराई को छू रहा था और मैं उसे और भी जोर जोर से चोदता ही गया. निखिल भाई ने अभी भाभी के बाल पकड लिए थे और वो भाभी को जोर जोर से मुहं में चोद रहे थे. जब वो भाभी का मुहं जोर से चोदते थे तो मेरा लंड चूत में और भी मस्त तरीके से अंदर बहार होता था. कुसुम भाभी भी आह आह कर के दोनों भाइयों के लंड को मजे दे रही थी. तभी निखिल भाई बेड से उठे और भाभी ने भी अब पूरी तरह कुतिया वाला पोज़ ले लिया. निखिल भाई आगे से फिर से लंड मुहं में डाल के ठोकने लगे. मेरा लंड तो कभी भी इस हॉट भाभी की चूत से बहार आया ही नहीं था.

अब मुझे लगा की मैं अब ढलने वाला हूँ. मैं अपना लंड जोर जोर से भाभी की चूत में मारने लगा. और दूसरी ही मिनिट मेरा लंड वीर्य की पिचकारी मारने लगा. भाभी ने चूत टाईट की और वीर्य को अंदर भर लिया. निखिल भाई सामने थी फिर भी मैंने भाभी की गांड पर जोर से मारा और कहा, ले रंडी ले मेरा पानी तेरी चूत के अंदर….!

भाभी के ऊपर ही मैं निढाल हो गया. निखिल भाई ने अपना लंड इस हॉट भाभी के मुहं से निकाला और वो अब भाभी की चूत चोदने के लिए आगे बढे. मैंने पेंट पहनी और मैं खड़ा हुआ. निखिल भाई ने मुझ इशारा कर के बहार जाने को कहा. भाभी की चुदाई वो अकेले में करना चाहते थे शायद. मैं वहाँ से निकला लेकिन दरवाजे के पीछे से भाभी की चुदाई देखने लगा. हॉट भाभी को निखिल भाई से चुदते देखना भी बड़ा मजा दे रहा था मुझे….!

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मामी की चुतड मेने मेरे लंड से बजा दी

Seducing my lonely cousin


I was staying alone in the city for my higher studies. I was staying in a small flat, in the same building where my cousin sister lived with her husband and newborn baby. I used to visit them almost everyday and we were very close.  My brother-in-law was looking for a job in US and finally he got it. He had to leave immediately but my cousin had to stay back with the baby, as she could only go after six months. I promised my brother in law to take care of them in his absence. My college used to start late in the day and I would be free in the mornings. My cousin asked me to come in every morning so that I could look after the baby while she took a bath.  Things were going smoothly for a couple of days. Then, one day while strolling through their house, as the baby was asleep, I noticed that the bathroom door had a gap in the wood through which I could see inside.

I came close and stood transfixed when I saw my beautiful and sexy cousin completely naked and having a bath. She was very fair and had a figure to die for. She had very firm boobs with no hint of sag. Her nipples were erect and pinkish brown in color. She had a perfectly flat stomach and a small bush of hairs on her cunt. She had well rounded and firm but slightly large buttocks. Her skin was unblemished and she had shoulder length hair and full and rosy lips. As the bathroom was very small, she was very close to the door and I could almost touch her. I watched her till she finished her bath and then moved away. This became a habit with me and I looked forward to my morning duty everyday.  After watching her having a bath for a few days, I realized that certain changes had happened. She was spending more time in the bathroom.

From her expressions it seemed that she was enjoying the feel of water on her naked body. She was messaging her boobs more and also occasionally rubbing her cunt, which she never used to do earlier.  I realized that she was feeling horny and missing her husband. I thought this was perhaps the right time to have a go at her. To judge her reaction, I deliberately bumped on the bathroom door a couple of times. She must have realized that I was watching her, as I was the only one in the house. But she gave no reaction later, so I assumed it she was open minded enough to accept it.  Then I made a plan to bring out things in the open. She used to visit my flat occasionally. On one of her visits she found a bunch of porn pictures on my table, which I had put deliberately for her to find. As she was going through them, I said, “You can take them with you to see at leisure.”  “OK!” she said and went off. I had judged the time when she would have some leisure moments from her routine and went at that time. And there she was sitting at the table and looking at the pictures. I went behind her and started rubbing her shoulders.

“How do you find them?” I asked.  “Oh! They are interesting”, she said.  Then I said, “I always wanted to know whether our Indian girls have the same figures like these foreigners?”  “Why? You have not seen any girl?” she asked.  “I never got a chance” I lied.  “Liar! You have been watching me for quite some time while I was bathing!” she said mischievously and added, “How do you find me?”  “Oh! You are great.” I gathered some courage and asked, “Now that you know, can I see you naked?”  She thought for a moment and said, “Well, you can but you will have to remove your clothes too, so that I will not feel shy.”  That was just the thing I wanted.  So we moved to her bedroom. I removed my clothing in a jiffy and stood watching her. She eyed my body and started removing her clothes slowly. One by one the clothes fell away and finally she stood there, completely naked and looking damn sexy. I was transfixed by looking at such a beautiful body so near.  I stammered, “Can I touch you?”  She just nodded.

I went near her and placed both my hands on her breasts. Her skin was very smooth and cool to touch. I started caressing slowly. She closed her eyes and started enjoying. I kneaded the nipples in my fingers, very gently. They puckered and stood erect. She was getting hot. I took one of the nipples in my mouth and sucked on it. Then I took the other one in the mouth. Then I kissed her in the fold below the breasts. She liked it very much and started moaning. I kissed her everywhere on the stomach and moved down to her pubic area. She had a small but neatly trimmed bush of hairs. I nuzzled with my nose and she squirmed. I caressed her there with my hand and slowly inserted my fingers.  “OH!” she exclaimed and opened her legs to give me room. I fingerfucked her for few moments and she got really excited.  I stood up and led her to the bed. I made her lie down and started kissing her everywhere from her head to the toes.

She was fully aroused and exclaimed, “Come on! I can’t wait any longer!”  I then mounted her and inserted my cock slowly into her love hole. Once I was fully inside, I started rhythmic pumping and she responded eagerly. I kept on banging and in a few minutes she was completely out of her mind. She dug her nails in my back and started crying out, as she could no longer hold herself. And in a few moments we climaxed almost at the same instant. We then held each other and slept peacefully, all spent up.  She later told me that I had satisfied her completely and she felt wonderful after a long time. We continued our relationship till the time she was in India. Nowadays, whenever she visits India, we keep some time for each other, to renew our relationship and remember the old days!

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इंडियन गर्ल फ्रेण्ड की होटल में चुदाई का mms



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Dil aaya padosan par


I am 19 male from jaipur (india) avg looking & my name is Hs. A few months ago a Family, Husband and Wife came opposite to my house. The man name was Saahil and her wife is Neha. Neha is so cute. 36-29-36, 5’8″; smooth, fair skin; beautiful, long hair; big black eyes. Neha was just 27. In a very Short priod we become very good friend. One day I visited Neha’s house to meet her after her husband left for his office. She has just finished her bath and was very happy to see me. She hurridly prepare a coffee for me and herself and we started chatting on various matter, but on seeing her curves in her saree because on that day she was wearing a thin sari and a very short blouse that does not protect to cover her large white boobs and her sari exhibiting all the shape of round dome like butt, I was aroused and not showing any interest in chatting, she noticed it but keep on ignoring.

I asked her to bring a glass of cold water so that it can cool me little bit as I have not done sex earlier so I was little bit afraid. Till now neha was little bit clear with my intention and I think she was also aroused but due to my first time I was not able to make up my guts to grab her for sex. She bring water for me and intentionally drop it on my cloths but pretend that it was by mistake. She started asking sorry from me and tell me to remove my clothes so that she can iron and dry them. Till now I was quite confident that she want sex from me. I hurridly remove my cloth and gave to her, while ironing my cloth I can see a lust in her eyes by seeing me in undies. I thought that it’s a right time to hit a iron before it gets cold. So I grab her from behind and give a heavy weight kiss on her lips as she was expecting this moment hurridly started co-operating with me. By this time I got enough courage and I put my arms around her to hug her tightly, her firm boobs pressed against my chest.

She started carresing my chest meanwhile, I was in heaven, then I pulled her pallu down and dug my face into her blouse, I unbuttoned her blouse and stripped her off her brassiere to get a view of her Voluptuous beauties, “Wow, they?re so cute”, I said. and started sucking and squeezing them. She was moaning, “Aaaaaah, Oooooooooooooh, Love Meeeeeeeeeee”. She then sat on her knees before me and pulled dowm my undies and now I was standing solidly naked in front of her.It was a great feeling to stand Nude in front a woman. She slowly moved her fingers through my Jungle and then grabbed my Rod into her hands and started jerking it. Wow, It was so great. I later Pulled her Saree off, removed her petticoat, she was now wearing only a Panty which was wet by now. She made me lie down and came over me, put her lips on mine and kissed me very passionately, my hands were messaging the soft skin of her back and her hanging Boobs were touching my chest. Then she lied by my side and said, Hs, Please take off my panty and fuck me hard”. As soon as I heard this I pulled down her panty as she raised her hips. She immediately spread her legs to make room for me come between them.

I climbed on her and took her huge boobs into my hands and started squeezing them, she was rolling her fingers into my hair. She then grabbed my Prick and guided it into her tight, pink cunt. As I pushed my 6″ rod into her she started moaning loudly in ecstasy. She then started jumping up and down to send my Cock deep inside her hole. I too started pumping her hard, her huge melons were in my hands and her hands were squeezing my ass cheeks. Soon I splashed my juice into her hot pussy and she cummed too. After this we laid into nude each other?s arms for about 10min, , she suddenly got up took me outside the room holding my hand. She led me on the terrace. She said,” Hs, I want U to fuck me in the open, in natural surrounding”. I instantly got an erection as soon as I heard this; she spread a bed sheet there and lied down. It was a very romantic day with cool breeze blowing around and enough sunlight to see ourselves naked. I lied down on her and kissed her.

She got up and made me stand and grabbed my dick and took it into her mouth. I said, “I too want to lick U Neha?. We then got into 69 position, she took my whole rod into her mouth and I tore apart her pussy lips with my tongue and tickled her clitoris. Her salty juices were so tasty. I was about to ejaculate again, so she removed my dick from her mouth immediately. I said,” Neha, I love your cute ass, please allow me to fuck your Ass”. She agreed immediately and got into doggy position. I started sending my dick into her virgin Asshole but couldn?t, as it was too tight. She stopped me and went down to kitchen and brought some oil. She applied the oil over my Cock with her soft hands. I never got such a great feeling between my thighs before, after oiling she planted a kiss on my Cock and got into Doggy again. I put my Dick on her Asshole and pumped in to send it inside, she screamed in pain, but I didn?t stop and my whole 6 inches were in side her, she started moving to and fro, and soon her pain turned in to excitement. She loved this and I loved this too. I released my cum into her again and withdrew my Penis from her Asshole. By now we were fully exhausted. We went to bed, nude into each others arms and had a nice sleep that day.

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My bhabhi is always horny


My name is Ajay. I want to share my sexual experience with you people out there. This happened with me 2-3 years back with my bhabhi. You see my brother is married & we all stay together in a big bunglow just on the outskirts of Mumbai. My bhabhi Anita is a really hot women. She looks gorgeous wearing those sarees. Her big butt. Her juicy boobs. Her wet lips always used to arouse me but I never got a chance to even touch her. But my luck soon changed. One day everyone went out for shopping. I didn’t go as I wanted to watch WWE in the TV. My bhabhi didn’t go to, she said she wasn’t feeling well. After everyone went, Bhabhi called me at her room.

I went there, she asked me to come in & she slowly went up & closed the door. She said to me, “I also want to see WWE today, lets watch it together “I replied “Sure it will be fun”. While watching there came a guy with a really sexy girl who was wearing just a tight short out of which the ass could be seen clearly & a bra out of which the boobs were clearly visible. I got red with shame. I quickly changed the channel. My Bhabhi asked, “What happened? Don’t you like watching Half-Naked L adies? I replied back “I only watch them in Private” My bhabhi said, “We are in private aren’t we? “I Replied “No we aren’t, you are sitting besides me “She then suddenly replied “What if you see your bhabhi Naked in front of you, Aren’t you going to take full advantage of it? ” I was shocked to hear it. I said “What r u talking about? Then my bhabhi slowly took my hand &am! p; sai d, Ajay, that day I saw u watching a porn movie in your P. C. & masturbating. “I was so red with shame I couldn’t say a word. Bhabhi replied “Don’t be ashamed, I just took the opportunity to have u in my bed. After that day I got so horny that I always wanted a chance tohave u in bed with me. I really want you Ajay.

I am Horny “I was shocked to har all this but replied calmly, “But I cannot do this with u, you R MY BHABHI. “She said “No I m not your bhabhi, call me Anita YOUR imaginative WIFE. “& then she took my hands & put it on her breast. “She then said, “Oh! Ajay just feel the heat on my breasts, my Nipples are erect. It needs to be sucked & careesed, please don, t dissapoint me Ajay, Have fun “I couldn’t control myself & said “If u want it I will do it for u ANITA. “She got excited & said “Then what r u waiting for, this body is yo! your slave now. “We then held each other tightly in the arms & began to kiss passionately. We kissed for 10-15 minutes then she said, “Ajay, make me Naked, Suck my tits they are hard, Give me your cock. “I then pulled off her saree & blouse & there she was, Standing naked in front of me. I squeezed her boobs & she cried in pleasure. She unzipped my pants & took off my underwear. She began to lick my underwear & said, “It tastes so good Ajay “I said, Come on Anita, Suck my dick “She began sucking it & I was in heaven. She said “Oh Ajay, your dick is bigger than your brothers cock, It tastes so good, I have been waiting so long for it.

She began sucking it wildly. I said”Anita how come I am going to lick your ass “She said, “I m going to sit on your mouth “We both went to bed. I was licking her wet cunt & she was playing with my dick. We were in position 69. After sometime she said, “Come on, do the real thing, Give me a nice shot in the ass, Fuck me hard with your monster cock. “I said “Can u handle it “She replied “I want to get the things wild, I want to get out of control, There’s a condom in the drawer, put it & give me pleasure. “She was talking like a slut. I did what she said & slid my cock inside her pussy. She was pumping up & down my cock. She was screaming wildly. She was screaming “Oh my goodness, your cock is so big, Its making my experience a really painful one, I want it more, Fuck me harder, Make me scream with pain. “I started fucking her even more faster.

She was screaming “Ohhhhhhh. . . . . . . . yesss, more I want more pain, I want more pleasure, Ajay u sure know how to get a woman wild, Come on give me more pain, I want pleasure, tear my pussy away, I want your cock inside my pussy Harder. . . . . . . faster , fuck me ohhhhhhhhhhhhhh. . . . yesssss! ssssssss. After sometime I said, “Anita, I am going to cum, Suck my dick “She went up quickly, thrown the condom away & said , “Cum on my face Ajay, I want your vitamins inside me “I spit my cum on her face. She licked my dick clean. We were both tired & laid on the bed Naked. She laughed & said “Ajay u gave me the fuck off my Life. I never thought that one day My DEVAR is going to fuck me. From today onwards u r my second husband. “She then gave me a nice juicy kiss. I said, “when r we going to be on bed next time “She replied “Just when u think u can give me the time off my life or just sometimes come in private & give me a good squeeze on my boobs or a shoot of cum in my mouth. After that we fucked many a times.

One day while I was taking a bath, she suddenly came inside the bathroom , gave my cock a fast jerk & drank all of my cum. Now she is a mother of 2 children out of which one belongs to me. Once she even gave me a nice bottle of milk from her nipples. I sucked her tits & she gave me a nice spray of milk in my mouth. Now we get cosy whenever we get a chance to do so. She is one horny BHABHI.

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