भाभी की क्या मस्त चूत थी


भाभी की चूत हे या गुफा

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम रवि है और मे पंजाब मे रहता हूँ मे आप से एक अपनी स्टोरी शेयर कर रहा हूँ मेरी बड़ी भाभी के बारे मे और मे जब भी अपनी भाभी को देखता हूँ मेरा लंड पेंट फाड़ कर बाहर आ जाता है टाइट केफ्री और टाइट टॉप उफफफफ्फ़ माआ मे तो पागल ही हो जाता हूँ.

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दोस्तो मे बताता हूँ मैंने अपनी भाभी को केसे सेट किया मेरे भाई और मेरी भाभी ने लव मेरिज़ की है एक बार की बात है मेरा भाई अपने दोस्तो के साथ 2 दिन के लिए बाहर घूमने चला गया और फिर मैंने सोचा की क्या करूँ तो भाभी उपर अपने कमरे मे टी.वी देख रही थी तो मे भी जा कर उनके पास बेठ गया फिर मैंने कहा भाभी आप का टाइम पास नही हो रहा है? भाभी ने कहा क्यों तुम ऐसे क्यों पूछ रहे हो? तो मैने कहा भाभी भाई तो बाहर घूमने चले गये है और उन्हे आपकी कोई चिंता नही है?

फिर भाभी ने कहा अरे वो अपने दोस्तो मे ही ज्यादा रहते है? तो मैंने अपने मन मे सोचा तभी ऐसे लोगो की वाइफ दूसरो से करवाती है तो भाभी ने कहा की क्या सोच रहे हो तो मेंने भाभी से कहा मेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है और इसलिये मेरा मोबाइल भी रखने का मन नही करता? तो भाभी ने कहा गर्लफ्रेंड बना के क्या करोगे तो मेंने कहा की आपने भी तो भाई से लव मेरिज़ की है तो आप भाई की गर्लफ्रेंड क्यों बनी? तो भाभी ने कहा की गर्लफ्रेंड बना लेना लेकिन शादी कभी मत करना तो मेंने अपने मन मे सोचा की भाभी भाई से शादी करके फंस गई है.

बस फिर मुझे लगा की आज भाभी की चूत चोदने का मौका मिल सकता है तो मैने भाभी को कहा की भाभी मैने आज तक किसी भी लड़की को छुआ भी नही है ओह माई गॉड तुमने आज तक सच मे किसी भी लड़की को छुआ भी नही? यस भाभी आप मुझे बताओ की जब एक बॉय और गर्ल एक साथ एक कमरे मे होते है तो क्या होता है? भाभी शर्मा गई और बोली हट तुम अपने भैया से पूछ लेना मै बोला कहो भाभी यह क्या बात हुई आप मुझे बताओ ना प्लीज़? भाभी शर्मा के कहती है की रूको में नही बताऊँगी मेरा मोबाइल बतायेगा? तो भाभी ने अपने मोबाइल मे मुझे ब्लू मूवी लगा के दी और उठ कर बाहर चली गई.

भाभी 5 मिनिट के बाद वापस आई तो मैंने कहा बस यही होता है? तो भाभी ने कहा यस मेरा भाभी के बूब्स देख कर लंड लाल सिग्नल देने लगा फिर में उठा और भाभी के बूब्स पकड़ लिए और फुदी को नोचने लगा ऊऊफ़फ्फ़ क्या मज़ा आ रहा था तभी भाभी ने मुझे धक्का दिया और बाहर भागने लगी तो मैने भाभी को पीछे से उठा लिया और बेड पर पटक दिया और भाभी के उपर चड गया और क़िस करने लगा फिर मैं भाभी के होठो को चूसने लगा तभी भाभी ने मुझसे कहा की उफफफफफ्फ़ तुम्हे मूवी दिखा कर मेरे से ग़लती हो गई हटो नही तो में तुम्हारे भैया को बता दूंगी तो मैने कहा भाभी प्लीज़? बस एक बार किस करने दो फिर में चला जाऊंगा मुझे पता नही क्या हो रहा है तो भाभी ने कहा बस एक बार ना? यस भाभी बस फिर क्या होना था दोस्तो मैने भाभी के बूब्स कस के पकड़ लिए और होठ चूसने लगा उफफफ्फ़ ऊओयसस उफफफफफ्फ़ बहुत मज़ा आ रहा था लेकिन भाभी तो गर्म ही नही हो रही थी उफफफ्फ़ क्या टाइट टाइट बूब्स थे में तो ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा.

फिर भाभी ने मुझे पकड़ लिया तब मैने भाभी का टॉप ऊपर किया उफफफफ्फ़ क्या मस्त बूब्स थे तो भाभी ने कहा की बस एक बार हो गया तुम जाओ फिर मैने भाभी की चूत मे हाथ डाल दिया तो भाभी ज़ोर से उछल गई? ऑश मी? मस्त टाइट टाइट चूत थी फिर क्या दोस्तों भाभी तो गर्म हो गई और बोली की डोर लॉक नही है तो में भाग के गया और डोर लॉक कर दिया फिर भाभी ने अपनी आँखों पर अपना हाथ रख लिया मैने भाभी की केफ्री उतारी तो उफफफ्फ़ माँ उफफफफफफ्फ़ भाभी की क्या मस्त चूत थी भाभी ने कहा की बस अब और कुछ मत करो उफफफफफफफ्फ़ यार क्या बताऊँ क्या चूत थी जेसे होठो पर लाल लिपस्टिक लगी हो मैंने पेंट उतारी और चूत को चाटने लगा भाभी मेरे बॉल खीचने लगी क्या बताऊँ दोस्तो ऐसा लग रहा था की भाई ने भाभी को कभी चोदा ही नही इतनी टाइट टाइट चूत थी की मेरी एक उंगली भी नही जा रही थी?

फिर जब में भाभी के उपर चड के किस करने लगा और एक उंगली चूत मे देने लगा तो भाभी गर्म हो गई उफफफफफ्फ़ आआआआ करने लगी तो मैने सोचा की ये मोका अच्छा है भाभी को चोदने का जब मैने अपना लंड चूत मे रगड़ा तो भाभी ने मुझे पकड़ के मेरे होठ चूसने लगी तो फ्रेंड’स क्या बताऊँ की मुझे तो ऐसा लगा की मेरा माल तो निकलने वाला है फिर में लंड चूत में डालने लगा तो भाभी ने कहा में ऐसे नही चुदवाउंगी पहले कन्डोम लगाओं क्योकी तुम्हारे भैया ने अभी तक मेरे अन्दर माल नही गिराया है.

अगर कुछ गलत हो गया तो में तुम्हारे भैया को क्या जवाब दूंगी? उफफफफफफ्फ़ मेरा दिमाग़ खराब हो गया और मैने भाभी से कहा की तो क्या हुआ अगर कुछ गलत हो गया तो हम बच्चा होने का मोका ही नही आने देंगे? भाभी ने कहा केसे? मैने कहा की आई-पिल है तो क्या प्रोब्लम है तो दोस्तो भाभी शर्मा गई और बोली ओके तो मै भाभी के बूब्स चूसने लगा और लंड को चूत में डालने लगा लेकिन लंड चूत में जा ही नही रहा था बार बार फिसला जा रहा था फिर मैने क्रीम लगाई और डालने लगा जब थोड़ा सा अन्दर गया तो भाभी ने मुझे धक्का दिया और उठ गई फिर मैंने कहा की भाभी आपको भाई ने चोदा है की नही तो भाभी ने कहा यस लेकिन बहुत दर्द हो रहा है तो मैने अपने मन मे सोचा की अब तो पूरा डाल दूँगा मैने भाभी को पकड़ा और किस करने लगा.

फिर मैने अपना लंड एक ही झटके मे चूत मे डाल दिया भाभी चिल्लाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मे होठो को चूसता रहा और धीरे धीरे आगे पीछे होने लगा फिर भाभी को भी मज़ा आने लगा में भी ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा फिर दोस्तो अचानक भाभी की चूत गीली होने लगी तो मुझे मज़ा नही आ रहा था तो मैने अपना लंड बाहर निकाला और टिशू ढूढने लगा तो भाभी ने कहा जल्दी डालो उफफफफफफफ्फ़ माआआ उफफफफफफफ्फ़ मेरे अंदर आग लग रही है तो मैने देखा की भाभी फुल चुदवाने की मुद्रा मे है फिर मुझे टिशू मिला और मैने 3-4 टिशू लेकर भाभी की चूत मे डाल दिये उफफफफफफ्फ़ भाभी करने लगी मैने चूत का पूरा पानी साफ़ कर दिया और फिर से चोदने लगा.

दोस्तो क्या मज़ा आ रहा था मे आपको कुछ भी नही बता सकता उफफफफफफफ्फ़ मेरा तो माल गिरने वाला था और मैं ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया भाभी ने अपनी दोनो टाँगे उपर कर ली और मेरा लंड और अंदर चला गया उफफफफ्फ़ 5 मिनिट के बाद मेरा माल जब भाभी की चूत मे गिरने लगा तो भाभी ने मुझे कस के पकड़ लिया उफफफफफफ्फ़ आआआअ यह आवाजे हम दोनो ही कर रहे थे .

भाभी के होठ ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा बस फिर क्या था दोस्तो मैने रात भर भाभी की चुदाई की और में भाभी के उपर ही सो गया और मैने 3 बार भाभी की चूत में माल गिराया उफफफ्फ़ मेरी हालत बहुत खराब थी फिर सुबह भाई भी आ गया जब रात हुई तो हम दोनो भाई ड्रिंक करने लगे और फिर सो गये जब सुबह हुई तो भाई बाहर चला गया में जल्दी से गया और भाभी के लिए आई-पिल ले आया और भाभी को देने गया तो देखा की भाभी की तबीयत खराब लग रही थी.

मैने कहा की क्या हुआा भाभी में आप के लिए आई-पिल ले आया हूँ तो भाभी उठी और बोली की अब इसकी जरूरत नही हैं? मैने कहा की क्यों तो भाभी ने कहा तुम्हारे भैया ने रात को मेरी चूत बहुत मारी और 2 बार माल भी गिराया.
धन्यवाद…

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भाभी की चूत हे या गुफा

bबीबी और बहन की चुदाई


जीजाजी ने ब्लेकमेल करके चोदा
लम्बी चुदाई

train me bibi ki chudai

हैल्लो फ्रेंड्स आज में आपको एक बार फिर से एक और नई स्टोरी जिसमे मेरी चुदक्कड़ बीवी और बहन है उनकी एक स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ. Hindi sex story, kamukta, antarvasna, Hindi sex kahaniya, chudai ki kahani

दोस्तों वो सर्दी की रात थी. में, मेरी बीवी गीता और बहन पायल तीनों कहीं बाहर जा रहे थे. हमारी ट्रेन रात को 11 बजे थी और दूसरे दिन सुबह 8 बजे हमे ट्रेन से उतरना था. मेरी बीवी ने गहरे गले का ब्लाउज और काली कलर की साड़ी पहनी थी और उसने अंदर कोई ब्रा या पेंटी नहीं पहनी थी और ऊपर से लाल कलर की लिपस्टिक लगाई थी. फिर इन कपड़ो में वो पूरी रंडी दिख रही थी और उसके बूब्स आधे दिख रहे थे. फिर मेरी बहन ने टीशर्ट और स्लेक्स पहनी थी. फिर इस ड्रेस में मेरी बहन के बूब्स बहुत बड़े लग रहे थे.. उसने शायद ब्रा पहनी थी. फिर नीचे स्लेक्स में उसकी गांड बहुत सेक्सी लग रही थी.

फिर जब हम बाहर निकले तो मेरी बहन ने कहा कि भाभी आप तो ट्रेन में सभी मर्दो को मार ही डालोगी. फिर यह कहकर उसने मेरी बीवी के बूब्स पर चिकोटी ली. फिर मेरी बीवी आऊऊच कर गई और कहने लगी कि तू भी कुछ कम नहीं दिख रही.. इस सेक्सी स्लेक्स में तो तेरी गांड क्या खूब लग रही है..

कोई भी आदमी देखेगा तो उसका लंड खड़ा हो जाएगा. फिर इतना कहकर मेरी बीवी ने पायल की गांड पर एक ज़ोर से थप्पड़ लगाया. फिर में चुपचाप सुनता खड़ा था और मन ही मन कामुक हो रहा था. फिर इस तरह की बातें करते हुए हम लोग स्टेशन पर पहुँचे. फिर मैंने वहाँ पर देखा तो सारे आदमी मेरी बीवी और बहन की गांड को घूर- घूर कर देख रहे थे.

जब ट्रेन आई तो हम लोग अंदर चड़ गये और हमारी जगह पर बैठ गये. फिर थोड़ी देर बाद एक आदमी बहुत काला सा वहाँ पर आया और सामने आकर बैठ गया. वो बहुत मजबूत शरीर का था और उसने पायजामा पहना हुआ था. तभी उसने एक नज़र मेरे घर की दोनों औरतो पर डाल दी और वो दोनों पैर सीट पर रखकर बैठ गया. तभी उसने अंडरवियर नहीं पहना हुआ था.. इस वजह से उसका मोटा लंड और बड़ी बड़ी झांटे पायजामे में से दिखाई पड़ रही थी.
फिर थोड़ी देर बाद ट्रेन चल पड़ी लेकिन जनरन डिब्बे में हम सिर्फ़ चार लोग ही थे.

मेरी बीवी खिड़की वाली सीट पर थी.. में बीच में और बहन मेरी सीधी साईड में बैठी थी. फिर सामने की सीट पर वो आदमी अपना लंड दिखता हुआ बैठा था. फिर मेरी बीवी और बहन बराबर उस आदमी के लंड की और देख रही थी. फिर वो आदमी भी मेरे घर की इज़्ज़त.. मेरी बहन और बीवी को बार बार घूर घूर कर देख रहा था. फिर थोड़ी देर बाद उसने अपना हाथ लेकर अपने लंड पर रख दिया और वो लंड को सहलाने लगा. उसका लंड पायजामा के अंदर कड़क हो गया था.

मेरी बीवी ने यह देखकर अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दिया और उसने अपने दोनों बूब्स साड़ी के बाहर कर दिए. फिर एकदम बड़े बड़े सफेद बूब्स हवा में थे.. सिर्फ़ एक पतला सा गहरे गले का ब्लाउज ही उसको संभाले हुए था. तभी यह देखकर उस आदमी ने अपना पैर मेरी बीवी के दोनों पैरो के बीच लंबा कर दिया. तभी गीता ने अपना पैर लंबे करके उसके लंड के पास लगा दिया. तभी हाल ऐसा था कि उसका एक पैर गीता की चूत को और गीता का पैर उसके लंड को छू रहा था.

में बिलकुल अंजान बनकर यह सब देख रहा था. मेरी बहन भी यह सब देख रही थी. फिर उससे रहा नहीं गया. तभी उसने मुझसे कहा कि भैया आप मेरी सीट पर आ जाओ और मुझे बीच में बैठ जाने दो. फिर हम दोनों ने अपनी अपनी सीट बदल दी. फिर मेरी बहन ने अब खड़े होकर.. उस आदमी की तरफ गांड करके वो खड़ी हो गयी और ऊपर की बर्थ से कुछ समान उतारने करने की आक्टिंग करने लगी.

तभी अचानक से ट्रेन का एक झटका लगा और मेरी बहन उस अंजाने आदमी की गोद में गिर पड़ी. तभी उस आदमी का लंड पहले से टाईट ही था. तभी ज़ोर से वो लंड मेरी बहन की बड़ी गांड से टकराया और मेरी बहन आअहह करके उसके ऊपर पड़ी. फिर उसने भी मेरी बहन को खड़ी करने के बहाने से उसके बूब्स पकड़ लिए और फिर उसका एक हाथ पकड़कर उसे खड़ा किया. फिर मेरी बहन सॉरी कहती हुई अपनी जगह पर बैठ गयी.

उस आदमी ने मौका देखकर दूसरा पैर भी मेरी बहन की चूत में घुसा दिया. फिर साले का एक पैर मेरी बीवी की चूत में और दूसरा पैर मेरी बहन की चूत में था. फिर मेरा लंड भी यह सब देखकर खड़ा हो गया था. फिर मैंने गीता की और देखा तो उसने मुझे कहा कि क्या आप सामने वाली सीट पर बैठ सकते हो? तभी मैंने पायल को कहा कि पायल तेरी भाभी को सीट पर सोना है.. चल हम सामने वाले भाई साहब के पास जाकर बैठ जाते है. फिर हम दोनों उसके पास जाकर बैठ गये. फिर मेरी बीवी हमारी सीट पर सो गयी. तभी उसने पीठ हमारी और की हुई थी.. इस पोज़ में मेरी बीवी की खुली हुई पीठ साफ साफ दिखाई पड़ रही थी और उसकी गांड भी मस्त उभरी हुई दिख रही थी.

फिर थोड़ी देर बाद उस आदमी ने कहा कि क्या में सामने आपकी बीवी की सीट पर बैठ सकता हूँ? तभी मैंने हाँ कह दी. तभी वो सामने गया और मेरी बीवी की गांड के पास जाकर बैठ गया. फिर कुछ देर बाद उसने अपना एक हाथ गीता की गांड पर रख दिया लेकिन गीता कुछ नहीं बोली. तभी उसकी हिम्मत खुल गयी और वो उसकी पतली कमर पर हाथ फैरने लगा और इधर में और पायल सोने की एक्टिंग कर रहे थे.

गीता ने अब एक कंबल लेकर ओड़ लिया. फिर वो आदमी मेरी बीवी के बाजू में सो गया. फिर उसने भी कंबल ओड़ लिया था. अब एक ही कंबल में मेरी बीवी और एक अंजना आदमी था. फिर इधर में और पायल सोने की एक्टिंग कर रहे थे. फिर अंदर उसने मेरी बीवी की साड़ी ऊपर करके अपना लंड पीछे से ही गीता की चूत में घुसेड़ दिया और फिर उसको चोदने लगा.

गीता चुपचाप लंड का मज़ा ले रही थी. फिर कुछ एक घंटे तक चोदने के बाद वो बैठ गया. फिर मेरी पत्नी कंबल के अंदर ही आधी नंगी पड़ी थी. फिर जब वो चुद चुकी तो उसने मुझे उठाया और कहा कि क्या आप मेरे साथ सो सकते है मुझे बहुत ठंड बहुत लग रही है. तभी वो आदमी खड़ा होकर मेरी सीट पर आ गया और फिर में मेरी बीवी के कंबल में चला गया. फिर वहाँ पर मैंने उसकी चूत में उंगली डाली तो उसकी चूत पूरी गीली हो गयी. फिर उस आदमी के वीर्य से गीता की चूत पूरी भर गयी थी.

फिर में उल्टा हो गया और उसकी चूत चाटने लगा. मेरी बीवी की चूत में से मैंने उस आदमी का सारा वीर्य चाट चाट कर साफ कर दिया. फिर उधर वो आदमी यह सब देख रहा था. फिर उसने अब ज़ोर से कंबल खींच दिया. तभी में उसे चूत में वीर्य चाटता हुआ दिखाई पड़ा. तभी उसने खुलेआम मेरी बहन की टी-शर्ट उतार दी. तभी पायल के बूब्स हवा में लहराने लगे. फिर उसने पायल के मुहं में अपना लंड घुसा दिया और उसके बाल पकड़ कर उसके मुहं को वो फक फक करके चोदने लगा.

फिर मेरी बहन के मुहं से ढेर सारा वीर्य बहकर गिर रहा रहा था. फिर वो मेरी बहन के बालों को पकड़कर अपना लंड घुसा रहा था. फिर हम चारों के बीच में कोई शरम नहीं थी. फिर इधर मैंने भी गीता का ब्लाउज निकाल दिया और अब उसके बूब्स भी हवा में लहरा रहे थे.

दोस्तों आप सोचिए कितना हसीन पल था कि ट्रेन के एक डिब्बे में मेरी बहन और बीवी दोनों अपने बूब्स खुले रखकर एक पराए आदमी के साथ है वो भी मेरे सामने. फिर मेरा लंड तो यह देखकर तन सा गया था. फिर थोड़ी देर बाद मेरी बहन का मुहं चोदने के बाद उसने पायल को कुतिया बनाया और पीछे से उसकी गांड में अपना लंड घुसा दिया. फिर पीछे से वो ज़ोर से मेरी इकलोती बहन की गांड मारने लगा और फिर पायल भी आहह आहह आहह की आवाज़े निकालने लगी.

तभी इधर में और गीता भी घोड़ी बनकर प्यारी बहन की चुदती हुई चूत के पास अपना मुहं ले गये और वहाँ पर किस करने लगे. फिर बीच बीच में वो आदमी अपना लंड मेरी बहन की गांड से निकलता तो मेरी बीवी और में उसके लंड को चूसने लगते.. कभी उसका लंड मेरे मुहं में तो कभी मेरी बीवी के मुहं में रहता था. फिर बाकी के टाईम में हम पति पत्नी किस करते थे. फिर करीब बीस मिनट बहन की गांड मारने के बाद वो बहन की गांड में ही झड़ गया.

तभी उसने लंड को गांड से बाहर निकाला तो गीता ने उसे मुहं में लेकर बराबर चाट चाट कर साफ कर दिया और मेरे सामने मेरी बहन बहुत मस्त चुदी और वो भी एक पराए मर्द के लंड से और गांड से वीर्य टपकाती हुई खड़ी थी. फिर में उसकी गांड के पास अपना मुहं ले गया तभी पायल ने कहा कि देखो भैया आपकी इकलोती बहन की क्या हालत कर दी है इस पराए आदमी ने..

देखो भैया आपकी बहन की गांड देखो कैसी फाड़ दी है.. कैसी चोद चोदकर रंडी जैसी गांड बना दी है देखो भैया. तभी मैंने कहा कि बहना तू डर मत में तेरी चुदी हुई गांड को अभी चाट देता हूँ और मैंने मेरी प्यारी बहन की वीर्य से भारी हुई गांड चाटना चालू कर दिया. फिर गांड चाटकर हम तीनों ने कपड़े पहन लिए. फिर सुबह होते ही हम अपने स्टेशन पर उतर कर चले गये ..

धन्यवाद …

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जीजाजी ने ब्लेकमेल करके चोदा
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हैल्लो दोस्तों, में अंजलीएक बार फिर से आप सभी के सामने इस साईट पर अपनी चुदाई की एक और सच्ची घटना लेकर आई हूँ। दोस्तों मेरा नाम तो आप लोग पहले से ही जानते ही हो कि में अंजलीहूँ और अब मेरा बदन, फिगर थोड़ा बदल सा गया है तो इसलिए में फिर से अपने फिगर का साईज बता रही हूँ मेरा फिगर अब 36 -28 -38 हो गया है दोस्तों यह मेरी आज की कहानी मेरी और मेरे जीजू की है और मेरी पिछली कहानी में मैंने बताया था कि में होली के दिन जीजू के घर गई थी और फिर उस दिन मैंने बहुत मज़े से होली खेली और अपने बॉयफ्रेंड रोहन से एक बार चुदी और उसके बाद रोहन ने मुझे मेरे घर पर छोड़ दिया था और उसके बाद क्या हुआ था वो में आज अपनी इस आगे की कहानी में बता रही हूँ।

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फिर रोहन मुझे अपने घर पर छोड़कर चले आए और उसके चले जाने के बाद में ठीक तरह से चल भी नहीं सकती थी क्योंकि कुछ देर पहले हुई उस ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मेरी चूत में बहुत दर्द हो रहा था। फिर जब में अपने घर के अंदर गई तो मैंने देखा कि मेरे जीजू मेरी दीदी को नीचे फर्श पर लेटाकर बहुत मज़े से उनके कपड़ो में हाथ डालकर रंग लगा रहे थे, लेकिन उन्होंने अचानक से मुझे देखकर मेरी दीदी को छोड़ दिया और फिर वो मुझसे बोले कि साली साहिबा क्या आप आ गई?

तो मैंने बोला कि हाँ जीजू में आ गई और अब वो उठकर मेरे पास आए और उन्होंने मेरा चेहरा पकड़कर रंग लगा दिया और तब तक दीदी उठकर वहां से चली गई थी। अब जीजू ने सही मौका देखकर जानबूझ कर मेरे बूब्स पर हाथ लगा दिया और फिर मेरे बूब्स को बहुत ज़ोर से दबा दिया। मैंने जीजू से बहुत गुस्से में कहा कि जीजू यह सब बहुत ग़लत बात है प्लीज अब यह सब करना बंद करो नहीं तो दीदी आ जाएगी।

तो जीजू ने कहा कि क्यों जब रोहन तुम्हारे बूब्स दबाए वो तो सब सही है और जब में दबाऊँ वो सब कुछ ग़लत है? तो मैंने एकदम से आश्चर्यचकित होकर तुरंत उनसे पूछा कि क्यों आपको कैसे पता कि रोहन ने मेरे बूब्स दबाए है? तब जीजू ने कहा कि मुझे तो यह भी पता है कि तुम और रोहन चुदाई करने ही गये हो और यह तुम्हारी बिल्कुल बदली हुई चाल सभी को सब कुछ फूट फूटकर बता रही है कि रोहन ने तुम्हे बहुत जमकर चोदा है और साली साहिबा जब रोहन के साथ तुम्हे यह सब करने में कोई भी आपत्ति नहीं तो फिर मेरे साथ करने में क्या आपत्ति है?

और फिर में तो वैसे भी आपका जीजू हूँ और आप मेरी साली और साली वैसे भी आधी घरवाली होती है। यह बात कहते हुए उन्होंने मेरी गर्दन पर एक किस कर दिया और मुझे ज़ोर से हग किया और मेरे बूब्स भी दबा दिए।

दोस्तों तब तक में जीजू की बाहों में जकड़कर पकड़े होने की वजह से बहुत गरम हो गई थी और जीजू का लंड भी मेरी गांड में दब रहा था, लेकिन फिर भी मैंने अपने आप पर बहुत कंट्रोल करते हुए उनसे कहा कि जीजू, दीदी अभी घर पर ही है कुछ बात हो गई तो बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है प्लीज अभी मुझे आप छोड़ दो। अब जीजू ने मुस्कुराते हुए मुझसे कहा कि क्यों तो फिर मेरा और आपका चुदाई प्रोग्राम तो पक्का है ना?

तब मैंने उनसे हाँ कहकर जीजू के लोवर के ऊपर से ही उनका लंड दबा दिया, जिसकी वजह से जीजू ने मीठी सी आअहह निकाल दी और फिर मैंने कहा कि हाँ मेरे प्यारे और हॉट जीजू में आपके साथ चुदवाने के लिए एकदम तैयार हूँ, लेकिन यह बात किसी को पता नहीं चलना चाहिए और फिर उन्होंने मुझसे वादा करके मुझे छोड़ दिया और तब तक दीदी भी कमरे में आ गई थी। तो उन्होंने मुझसे मुस्कुराते हुए पूछा कि क्यों तुम दोनों जीजा और साली में ऐसी क्या खिचड़ी पक रही है मुझे भी तो बताओ में भी तो तुम्हारी थोड़ी सी बात सुन लूँ?

तब में और जीजू एक दूसरे की तरफ देखकर हंस दिए और फिर मैंने दीदी को पकड़ लिया और जीजू ने दीदी के कपड़ो के अंदर हाथ डालकर उनके बूब्स पर बहुत सारा रंग मल दिया। फिर दीदी ज़ोर से चिल्लाई तो जीजू ने उन्हें छोड़ दिया और फिर हँसने लगे।  फिर दीदी ने मुझसे कहा कि चल अब तू नहा ले, सबसे ज़्यादा तुझ पर ही रंग लगा है पता नहीं यह रंग निकलेगा भी कि नहीं और अब दीदी ने मेरे मुहं के अंदर लगा हुआ रंग देख लिया और वो मुझसे पूछने लगी कि क्यों यह रंग तेरे मुहं के अंदर कैसे रंग गया?

अब में उनकी यह बात सुनकर बहुत डर गई, लेकिन तभी मुझे एक आईडिया आया और मैंने उनसे कह दिया कि दीदी वो जब में रोहन के साथ होली खेलने गई थी जब में पानी पी रही थी तभी उस समय ग्लास में रंग गिर गया था और मेरे मुहं के अंदर लग गया। फिर दीदी ने ठीक है कहा और मुझसे बोला कि चल जाकर नहा ले।

तो में बाथरूम में नहाने चली गई और करीब एक घंटे तक अपने बदन से वो रंग निकालती रही और फिर में आख़िर में रंग निकालने में कमियाब रही और उसके बाद दीदी और जीजू एक एक करके भी नहा लिए और फिर हम लोगों ने एक साथ में ही खाना खाया और उसके बाद दीदी घर के कामों में लग गई।

में और जीजू उनके रूम में बैठकर लेपटॉप पर फिल्म देखने लगे और जब फिल्म शुरू हुई तब जीजू ने मुझसे कहा कि निक्की तुम बहुत हॉट सेक्सी हो और कहा कि तुम्हारे इन बड़े बड़े बूब्स का तो कोई जवाब ही नहीं है और यह बात कहते हुए उन्होंने मेरे बूब्स दबा दिए और फिर मुझे गाल पर एक किस कर दिया और फिर मुझसे पूछा कि निहारीका मेरा नंबर कब है? तो मैंने कहा कि में क्या कहीं भागी जा रही हूँ?

मैंने कहा कि जब भी मौका मिलेगा तब में आपकी ही तो हूँ। फिर जीजू उठकर नीचे देखने चले गये कि दीदी क्या कर रही है? उस समय दीदी किचन में कुछ काम कर रही थी। जीजू कमरे में वापस आए और उन्होंने मुझसे कहा कि मैंने देखा है कि तुम्हारी दीदी अभी किचन के कामों में व्यस्त है और अब मुझे तुम्हारे बूब्स चूसने है।

फिर मैंने उनसे साफ मना किया तो जीजू ने मुझसे कई बार आग्रह किया और अब में उनकी बात मान गई। फिर मैंने अपनी टी-शर्ट को जल्दी से ऊपर कर दिया और ब्रा की हुक को खोल दिया। तभी मेरे बड़े और मोटे बूब्स ब्रा के खुलते ही लटककर बाहर आ गए और जीजू मेरे बूब्स को देखकर एकदम से दंग रह गये, वो मुझसे बोले कि तुम्हारे बूब्स तो बहुत बड़े है और गोरे भी उतने ही है। फिर इतना कहकर उन्होंने मेरा एक बूब्स पकड़कर मुहं में भर लिया और दूसरे बूब्स को हाथ से दबाने लगे।

करीब दस मिनट बूब्स चूसने और दबाने के बाद मेरे बहुत बार मना करने पर उन्होंने मुझे छोड़ दिया और मैंने अपनी ब्रा का हुक लगाकर अपनी टी-शर्ट को ठीक किया। अब मैंने जीजू के लोवर में उनका खड़ा हुआ लंड देखा और जीजू ने भी देख लिया कि में उनका लंड बहुत ध्यान से देख रही हूँ। फिर जीजू ने झट से मेरा हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया और मैंने भी अब उनका लंड पकड़कर धीरे धीरे सहला दिया। फिर जीजू ने अपना लोवर नीचे करके अपना लंड बाहर निकाल दिया और मुझे एक बार फिर से हाथ में पकड़ा दिया।

दोस्तों मैंने महसूस किया कि उनका लंड रोहन के लंड से भी लंबा और मोटा था तो में उसे अपने सामने आते ही गौर करके देखती ही रह गई। फिर जीजू ने मुझसे कहा कि निक्की प्लीज इसे एक बार अपने मुहं में लेकर चूसो ना और अब मैंने भी उनके कहने पर लंड को मुहं में भर लिया और चूसने लगी। तभी मैंने महसूस किया कि मेरे मुहं की गरमी से जीजू का लंड अब और भी मोटा और लंबा हो गया था और वो मेरे मुहं में पूरा अंदर तक जा भी नहीं रहा था। फिर जीजू ने मेरे सर के बाल पकड़कर अपने लंड पर दबाव लगाया और अब उनका लंड मेरे मुहं में मेरे गले तक चला गया। फिर थोड़ी देर लंड चूसने के बाद जीजू जब झड़ने वाले थे तो उन्होंने मुझसे कहा कि में तुम्हारे मुहं में ही अपना वीर्य निकालूँगा।

मैंने भी हाँ में अपना सर हिला दिया और फिर जीजू ने थोड़ी देर में ही गरम गरम फुहारा मेरे मुहं में छोड़ दिया। अब मेरा पूरा मुहं उनके वीर्य से भर गया था और में उनका सारा वीर्य पी गई। फिर जीजू ने मुझसे कहा कि निक्की अभी तो मैंने सिर्फ़ तुम्हारा मुहं ही चोदा है तो इतना मज़ा आया, अभी चूत और गांड तो बाकी ही है मेरी जान उसमें कितना मज़ा आएगा? अब में और जीजू फिल्म देखने लगे तो मैंने और जीजू ने उस समय एक चद्दर ओढ़ रखी थी जिसकी आड़ में जीजू ने अपना हाथ मेरे लोवर में डाल दिया और अब वो मेरी चूत को सहलाने लगे और अपनी दो उँगलियों से मुझे चोदने लगे और फिर थोड़ी देर बाद में झड़ गई।

जीजू ने मुझसे कहा कि तुम्हारा भी काम हो गया है। मैंने कहा कि हाँ फिर हम फिल्म देखकर उठे ही थे कि दीदी हमारे लिए चाय लेकर आ गई और हमें चाय दे दी। फिर जीजू ने कहा कि तुम दोनों बहने तैयार हो जाओ हम कहीं बाहर घूमकर आते है। फिर दीदी ने कहा कि नहीं मुझे घर पर थोड़ा सा काम है इसलिए में आपके साथ नहीं जा सकती, आप एक  काम करिए कि आप और निक्की कहीं बाहर घूमकर आ जाओ। फिर जीजू ने कहा कि तुम्हारे बिना, लेकिन मज़ा कहाँ है? तो दीदी ने कहा कि आप थोड़ा समझो मुझे यहाँ घर में कुछ काम है तो आप दोनों चले जाओ।

फिर मैंने और जीजू ने कहा कि ठीक है और फिर में फ्रेश होने चली गई और मैंने काली कलर की शर्ट और नीले कलर की जीन्स पहनी जिससे जीजू को शर्ट खोलने में ज्यादा दिक्कत ना हो और मैंने गुलाबी कलर की ब्रा और काली कलर की पेंटी पहनी हुई थी और फिर मैंने अपने होंठो पर गुलाबी कलर की लिपस्टिक भी लगा ली थी जिससे में जीजू को अपनी तरफ और भी ज्यादा आकर्षित कर लूँ।   फिर में और जीजू उनकी कार में बैठकर बाहर चले गये और थोड़ा आगे जाकर एक सुनसान रोड पर जीजू ने अपनी कार को रोक दिया और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि निक्की डार्लिंग मुझे लगता है कि आप आज तो मुझे मार डालने के मूड में ही हो।

मैंने स्माईल दे दी और जीजू ने मेरे होंठो पर किस करना शुरू कर दिया और अब में उनका पूरा पूरा साथ दे रही थी और फिर मैंने अपने ही हाथों से शर्ट के दो बटन खोल दिए ताकि जीजू को मेरे बूब्स दबाने में ज्यादा समस्या ना हो और फिर हम दोनों ऐसे ही 15 मिनट किस और बूब्स प्रेस करने लगे। अब जीजू ने मुझसे कहा कि निक्की हम कोई होटल में चलते है। फिर मैंने कहा कि हाँ तब जीजू ने एक होटल में रूम बुक करवा दिया। अब में और जीजू कार से होटल चले गये। वहां से हमने रूम की चाबी ली और अपने रूम में चले गये।

अब वहां पर जाकर दरवाजा बंद करके जीजू ने मेरे होंठो को चूसना चालू कर दिया और मैंने जीजू के होंठो को चूसना चालू कर दिया और फिर जीजू ने धीरे से मेरे होंठो को काट दिया और मैंने आईई की आवाज निकाली। फिर जीजू ने मेरी शर्ट के बटन को खोलकर मेरी शर्ट को पूरा उतार दिया और अब मेरी जींस के बटन को भी खोल दिया और मैंने जींस को उतार दिया। अब में सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में रह गई थी। तभी मैंने जीजू की शर्ट के बटन खोल दिए और फिर उन्होंने अपनी जींस को भी उतार दिया।

फिर वो सिर्फ़ अंडरवियर में ही रह गये और अब में और जीजू किस कर रहे थे। में उनकी अंडरवियर में हाथ डालकर उनका लंड पकड़कर सहला रही थी कि तभी जीजू ने मेरी ब्रा को खोलकर मुझे बेड पर लेटा दिया और वो मेरे बूब्स को चूसने लगे और हल्का हल्का काट भी रहे थे और में आहह उह्ह्ह्ह मर गई कर रही थी। फिर जीजू ने मेरी पेंटी उतारी और मेरी चूत को चाटने और चूसने लगे।

वो मुझसे बोले कि यह तो बहुत मस्त है और में उनका मुहं मेरी चूत पर दबाती रही। फिर उसके कुछ देर बाद में झड़ गई और मेरी चूत को जीजू ने चाट चाटकर साफ कर दिया और उन्होंने मुझे खड़ी करके अपना लंड मेरे मुहं में दे दिया। में उनका लंड अपने मुहं में लेकर चूसने लगी और थोड़ी देर चूसने के बाद जीजू ने मुझे बेड पर लेटा दिया और उन्होंने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधे पर रखकर मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया। मुझे बहुत दर्द हुआ जिसकी वजह से में ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी और सिसकियाँ लेने लगी उह्ह्हह्ह माँ मर गई उईईईईइ करने लगी। फिर भी जीजू मुझे लगातार धक्के देकर चोदते रहे और कुछ देर बाद उन्होंने मुझे उठाकर खुद नीचे लेट गये और मुझसे अपने लंड पर बैठने को कहा।

में उनके ऊपर आकर अपने एक हाथ से लंड के मुहं पर सेट करके लंड पर बैठ गई और अब लंड धीरे धीरे मेरी चूत में जाने लगा, लेकिन मुझे बहुत दर्द हुआ और मज़ा भी बहुत आ रहा था और में आहहहह आईईईइ मर गई करके चुदवा रही थी और जीजू मुझे लगातार चोद रहे थे।

फिर कुछ देर बाद उन्होंने मुझे घोड़ी बनाकर मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया, लेकिन करीब दस मिनट तक चोदने के बाद जब उनका वीर्य निकालने वाला था तो उन्होंने मुझे उठाकर लंड मेरे मुहं में डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से मेरे मुहं को चोदने लगे फिर करीब तीन मिनट तक चोदने के बाद वो मेरे मुहं में ही झड़ गये और में उनका सारा वीर्य गटक गई और फिर हम बेड पर ही लेट गये और अब थोड़ी देर बाद में बाथरूम में चली गई तो वो वहां पर भी मेरे पीछे पीछे आ गये और मैंने अपनी चूत को साफ किया और उनका लंड भी साफ किया और तब तक मेरे हाथों में ही उनका लंड एक बार फिर से खड़ा होने लगा।

उन्होंने मुझे वहीं पर बैठाकर लंड मेरे मुहं में दे दिया और बहुत देर तक चुसवाया। अब उनका लंड पूरी तरह तनकर खड़ा हो गया था।
फिर उन्होंने मुझे वहां से अपनी गोद में उठाकर बेड पर लाकर पटक दिया और अब मुझसे घोड़ी बनने को कहा तो में उनके सामने घोड़ी बन गई।

फिर जीजू ने मेरी गांड पर अपना हाथ रखकर सहलाया और फिर मेरी गांड को चाटने लगे। फिर थोड़ा थूक मेरी गांड पर लगाकर मेरी गांड में अपना लंड डाल दिया। में उस दर्द की वजह से कराह उठी और मेरी आँख में से आँसू निकल गये तो जीजू थोड़ी देर रुक गए और जब मेरा दर्द थोड़ा कम हुआ तो वो एक बार फिर से मुझे ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगे और में आहहह माँ ऊईईईइ उह्ह्ह्हह्ह करके अपनी गांड चुदवा रही थी।

अब थोड़ी देर चोदने के बाद उन्होंने मुझे अपने ऊपर बैठाकर मेरी गांड में दोबारा लंड डाल दिया तो में भी उनका लंड गांड में लेकर उछल उछलकर चुदवाने लगी और जीजू मेरे बूब्स को दबा रहे थे और फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे बेड पर उल्टा लेटाकर मेरी गांड में अपना लंड डाल दिया और मुझे पीछे से किस करने लगे। वो मेरे गले पर किस करने लगे और मेरी पीठ पर भी किस करने लगे  और फिर अचानक से उन्होंने अपने धक्को की स्पीड को तेज कर दिया और थोड़ी देर चोदने के बाद वो झड़ गये। अब मैंने भी उनका पूरा वीर्य अपनी गांड में ही ले लिया।

फिर में उठी और अपनी गांड को साफ करने बाथरूम में चली गई, वहां पर भी जीजू मेरे पीछे आ गये। अब मैंने उनका लंड भी साफ किया, लेकिन मुझे अब दर्द थोड़ा ज़्यादा था तो मैंने जीजू से कहा तो उन्होंने कहा कि में तुम्हे दर्द खत्म करने की दवाई दिलवा दूंगा और फिर में जीजू साथ में ही नहाने लगे। अब में और जीजू तैयार होकर घर के लिए निकल गये और रास्ते में जीजू ने मेरे बहुत बार बूब्स दबाए और ज़ोर ज़ोर से चूसे भी।

दोस्तों में उनकी इस चुदाई से बहुत खुश थी क्योंकि उन्होंने मुझे बहुत अच्छी तरह अलग अलग तरह से और मेरे हर एक छेद में अपना लंड डालकर चोदा। जिसकी वजह से में अब उनकी चुदाई से बहुत संतुष्ट थी और मुझे उनसे चुदने में बहुत मज़ा भी आया ।।
धन्यवाद …

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विजय है और में हरियाणा का रहने वाला हूँ, लेकिन अभी में इस समय चेन्नई में रहकर नौकरी कर रहा हूँ। दोस्तों यह मेरी आज की कहानी मेरी और मेरी एक बहुत अच्छी दोस्त अनसुया के बीच हुए सेक्स की एक सच्ची दास्तान है। दोस्तों अनसुया दिखने में थोड़ी मोटी है, उसके फिगर का साईज 38-34-40 है और उसकी जांघे भी थोड़ी भारी है, वो दिखने में बिल्कुल गोरी है और में उसके सामने पतला लगता हूँ। दोस्तों अब में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों यह तब की बात है जब में मेरे इंजिनियरिंग के 4th साल में यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा था और में उस समय अपने कॉलेज में एक योगा वर्क शॉप का ऑर्गनाइज़र भी था और उस वर्कशॉप के लिए अनसुया जब आई तो मैंने उसे देखा तो वो दिखने में बहुत सुंदर लग रही थी और उसने अपने हाथों और पैरों में लाल कलर की नेल पोलिश लगाई हुई थी और उसने एक पंजाबी सलवार सूट पहना हुआ था, वो उस समय पूरी वर्कशॉप में बहुत सुंदर दिख रही थी, लेकिन मेरी उससे कुछ बात नहीं हुई और उस वर्कशॉप के आखरी में हमने एक छोटी सी पार्टी रखी और जिसमें सभी लोग सिर्फ़ अपने जोड़े से वहां पर आना था।

फिर में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ वहां पर चला गया, लेकिन वो अपने किसी दोस्त के साथ आई हुई थी जो उसका बॉयफ्रेंड नहीं था। वो पार्टी के आखरी में वो उदास खड़ी हुई थी। फिर मैंने उससे बात शुरू करने के लिए वैसे ही पूछा कि वर्कशॉप कैसी लगी और तुम ऐसे उदास क्यों खड़ी हुई हो? तो उसने मुझे बताया कि उसके बॉयफ्रेंड को यहाँ पर आना था, लेकिन वो नहीं आया तो इसलिए वो इतनी उदास है।

फिर मैंने उससे मुस्कुराकर कहा कि कोई बात नहीं हम है ना और फिर वो मेरी यह बात सुनकर हंस गई और वो बस मुझसे मेरा नाम पूछकर हंसकर चली गयी। फिर उसी रात मैंने उसे फ़ेसबुक पर अपना दोस्त बनने का आग्रह भेजा और फिर हमारी चेटिंग शुरू हुई और पहले ही दिन में मैंने उससे कह दिया कि वो बहुत सुंदर है और फिर उसने कहा कि नहीं यार में बहुत मोटी हूँ।

फिर मैंने कहा कि मुझे मोटी लड़कियाँ पसंद है तो वो अब मेरी सभी बातों को मज़ाक समझने लगी और मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछने लगी तो मैंने उसे बता दिया कि हम बस सिर्फ एक बहुत अच्छे दोस्त है और इससे ज़्यादा हमारे बीच में कुछ नहीं है।

फिर मैंने उससे पूछा तो उसने मुझे बताया कि उसके बॉयफ्रेंड का नाम दीपेश है। फिर मैंने उससे कहा कि क्या में तुमसे एक दोस्त बनकर एक सवाल पूछ सकता हूँ? तो उसने मुझसे तुरंत हाँ कहा। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुमने कभी किसी को किस किया है तो मुझे लगा कि वो जवाब नहीं देगी, लेकिन दोस्तों वो तो एकदम खुले दिमाग़ की थी और फिर उसने कुछ देर बाद कहा कि हाँ किया है।

फिर मैंने सोचा कि इससे अब और कुछ पूछता हूँ और अब तो मेरे पूछने पर उसने मुझे यह भी बता दिया कि उसने बहुत बार सेक्स भी किया है और वो अपने बॉयफ्रेंड के साथ महीने में एक बार ज़रूर करती है।

फिर मैंने उससे सब कुछ विस्तार में पूछना शुरू किया कि उसका बॉयफ्रेंड उसकी चूत चाटता है या नहीं और अब तक किस किस पोज़िशन में उन्होने चुदाई की है और उससे पूछते पूछते मैंने भी उसे बता दिया कि मुझे चूत चाटना और गांड को किस करना बहुत अच्छा लगता है।

फिर उसने मज़ाक में मुझसे कहा कि कभी मुझे अपनी चूत को ठंडी करनी होगी तो में तुमसे करवा लूँगी और फिर मैंने बहुत खुश होकर उससे हाँ कह दिया।

फिर मैंने सोच लिया कि में अपने कॉलेज से जाने से पहले एक बार इसे जरुर चोदकर जाऊंगा और में हमेशा उसे बातों ही बातों में बोलने लगा कि प्लीज मुझे भी कभी मौका दे दो ना और मेरे बहुत बोलने के बाद वो एक दिन मुझसे एक पार्क में मिलने आई और फिर मुझसे कहा कि में कुछ नहीं करने दूँगी।

फिर मैंने उससे कहा कि मैंने बस उसे यहाँ पर बात करने के लिए बुलाया है और अब में उसका हाथ पकड़कर बैठा रहा और बातों में उससे यही पूछता रहा कि उसे क्या क्या करने में मज़ा आता है? वो मुझसे बहुत खुलकर बातें कर रही थी, लेकिन अब उसकी सांसे थोड़ी थोड़ी तेज़ हो गई थी। फिर मैंने उससे कहा कि क्या हुआ? तो वो मुझसे कुछ नहीं ऐसी बातें ना कर और शरमा गई, अब में समझ गया कि लोहा गरम होने लगा है तो बातों में मैंने उससे कहा कि चल आजा नाईट पर चलते है। फिर वो कहने लगी कि नहीं तेरे इरादे कुछ ठीक नहीं है।

फिर मैंने कहा कि तू भी तो अब यही चाहती है और वो शरमा गई और मुझसे कहने लगी कि उसके होस्टल का टाईम हो रहा है और फिर जाने लगी।

फिर मैंने उससे पीछे से पूछा कि यार क्या में आज नाईट में आ जाऊँ? वो हंसकर जीभ दिखाकर चली गई और रात को जब मैंने उसे फोन किया तो मैंने वही बात की और वो मुझसे कहने लगी कि नहीं मेरा बॉयफ्रेंड तेरा भी दोस्त है तो यह सब तेरे साथ नहीं। फिर मैंने उससे बोला कि यार बस एक बार उसे भूलकर खुद के लिए जी और अब में उसे भावुक करने लगा और उससे कहने लगा कि तू मुझे अपना दोस्त नहीं मानती।

मैंने उससे और भी बहुत कुछ कहा और बहुत देर तक मनाने के बाद उसने कहा कि ठीक है, लेकिन तुम मुझे छूना भी नहीं। फिर मैंने हाँ बोल दिया और मन ही मन सोचने लगा कि में तुम्हे छू तो जरुर लूँगा और फिर हमने प्लान बनाया कि अगले सप्ताह से होली की छुट्टियाँ शुरू है और जो कि 6 दिन की है तो हम एक दिन नाईट में साथ में रहेगे और उसके बाद में अपने अपने घर पर चले जाएँगे और फिर उसने मुझसे कहा कि यह बात किसी और को मत बताना।

मैंने ठीक है कहा और उस दिन का इंतजार करने लगा और बहुत मुश्किल से मैंने पांच सेक्स की गोलियां खरीदी और उसे वोड्का पसंद थी तो मैंने वो भी ले ली और उसने मुझे शाम के 7 बजे मेरी बाईक लेकर अपने होस्टल के बाहर बुलाया और कहा कि तुम हेलमेट पहनकर आना ताकि कोई तुम्हे पहचाने नहीं और वो खुद भी अपना मुहं एक कपड़े से ढककर आई और पास में ही एक पुराना होटल था और जहाँ पर मैंने एक रूम बुक किया हुआ था, वहाँ पर हमने एक भाई बहन बनकर प्रवेश किया और फिर अपने रूम में गये और उसने अपने मुहं से कपड़ा हठाया तो मैंने देखा कि वो लाल रंग की लिपस्टिक लगाकर आई हुई थी और जो बहुत मस्त लग रही थी। मैंने उससे कहा कि में बाहर से खाना लेकर आता हूँ और वो मेरा इंतजार करे।

फिर में खाना लाने चला गया तो मैंने एक कामसूत्र का हनिमून पेक ले लिया और रूम में आ गया, में रूम में घुसा तो मैंने देखा कि उसने अपने कपड़े बदलकर नाईट सूट पहन लिया है और वो अपने फोन पर बॉयफ्रेंड से बात कर रही ही और नाईट सूट में उसने एक गहरे गले का टॉप पहना हुआ था और जिसमें से उसकी छाती साफ साफ नजर आ रही थी और एक टाईट केफ्री पहनी हुई थी और उस केफ्री में से उसके पैर बहुत भारी और सुडोल लग रहे थे।

उसने फोन रखते हुए उससे कहा कि ठीक है बाद में बात करती हूँ। फिर मैंने उससे कहा कि अब में भी कपड़े बदल लेता हूँ और फिर हम साथ में खाना खाएगें।

फिर मैंने उससे पूछा कि तुम्हे कोई दिक्कत तो नहीं है मेरे नाईट सूट से और फिर मैंने उसे एक शर्ट दिखाई जिसको देखकर वो हंस पड़ी और बोली कि कोई समस्या नहीं है और अब में बाथरूम में चला गया और में अपनी अंडरवियर को भी उतारकर सिर्फ़ शर्ट में बाहर आ गया और फिर हमने वोड्का के साथ खाना खाना शुरू किया।

तभी उसका कोई फोन आया और जब वो बात करने उठकर चली गई तो मैंने चुपके से उसकी वोड्का में तीन सेक्स की गोलियों को डाल दिया और मैंने खुद भी दो गोलियां खा ली। मैंने उसके आने से पहले खाना खा लिया था, लेकिन ड्रिंक पूरी नहीं पी थी और जब उसने खाना खत्म किया था।

फिर उसे थोड़ा नशा होने लगा और वो मेरे साथ बेड पर बैठ गई और तभी मैंने एकदम से अपना पूरा ड्रिंक खत्म किया और उसके कंधे पर हाथ रख दिया। अब उसने मुझसे बिना कुछ कहे मेरे कंधे पर अपना सर रख दिया और मुझसे बातें करने लगी और बातों ही बातों में वो मेरी जांघ पर हाथ चलाने लगी और मेरी तरफ गिरने लगी और अब मुझ पर भी उस गोली का असर हो रहा था और अब तक मेरा लंड तनकर खड़ा हो चुका था।

फिर मैंने उसका चेहरा उठाया और उसे एक ज़ोर से किस किया, लेकिन उसने मुझसे कुछ ना कहकर मेरा साथ दिया और वो भी अब बहुत मदहोश हो चुकी थी और किस करते मैंने उसके टॉप में हाथ डाला तो मैंने महसूस किया कि उसने ब्रा नहीं पहनी हुई थी और अब में उसके बूब्स और कमर की मसाज करने लगा, क्योंकि बहुत जोश में था तो इसलिए वो भी मेरी कमर पर नाख़ून गड़ाने लगी और खुद को मुझ पर दबाने लगी और अब वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी और हम करीब बीस मिनट किस करके अलग हुए तो हम दोनों पूरे पसीने में भीगे हुए थे। फिर मैंने तुरंत उसकी टी-शर्ट और केफ्री को उतार दिया और वो बस अब मेरे सामने नीले कलर की पेंटी में थी और उसके वो गोरे गोरे बड़े बूब्स बहुत ही सुंदर लग रहे थे।

अब उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए और वो मेरा लंड देखकर डर गई, क्योंकि दोस्तों मेरा लंड करीब 6.5 इंच का है, लेकिन उसने आज पहली बार इतना बड़ा लंड देखा था, क्योंकि उसके बॉयफ्रेंड का लंड बस 4 इंच था तो इसलिए उसने मुझसे कहा कि प्लीज थोडा आराम से करना, में वर्जिन नहीं हूँ, लेकिन फिर भी तुम्हारा इतना बड़ा लंड लेना मेरे लिए बहुत मुश्किल होगा। फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसके पैरों से किस करना शुरू किया और धीरे धीरे ऊपर बढ़ने लगा और उसके पैरों को किस करने के बाद मैंने उसकी जांघो को किस किया और फिर में जानबूझ कर उसकी चूत को अनदेखा करके ऊपर की तरफ बड़ता गया तो मैंने देखा कि उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। उसे यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा और में उसे चिढ़ाने के लिए उसकी नाभि और पेट को किस करने लगा और फिर थोड़ा ऊपर आकर मैंने उसे बूब्स चूसने शुरू किए।

फिर उसने चीखना चिल्लाना शुरू किया, आआहह उह्ह्ह हाँ और ज़ोर से विजय ज़ोर से मज़ा आ रहा है साले, कुत्ते, हरामी। फिर उसके मुहं से गाली सुनकर में और गरम हुआ और उसके निप्पल को तेज़ तेज़ काटने लगा और कुछ देर बूब्स को चूसने के बाद एकदम से उसने मेरे बाल पकड़कर खींचे और मुझसे कहा कि मेरी चूत अब बहुत जोश में है और वो बहुत गीली हो गई है प्लीज उसे थोड़ा अच्छे से चाट यार और अब में उसकी चूत को हल्के हल्के अपनी उंगलियों से चोदने लगा। फिर वो अब और भी बहुत गरम हो हुई और फिर वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज विजय प्लीज और ज़ोर से चाटो।

फिर में उसकी चूत को चाटने लगा और वो तो बस जैसे बिल्कुल पागल हो गई और भी तेज़ मोन करने लगी और अपने निप्पल को दबाने लगी, उसने अपनी मोटी भारी जांघ से मेरे मुहं को अपनी चूत पर दबाना शुरू कर दिया और अब मुझे थोड़ा सांस लेने में मुश्किल हो रही थी तो में और तेज़ तेज़ चूसने लगा। तभी एकदम से उसने अपनी कमर उठाई और तेज़ी से चिल्लाई और झड़ गई। फिर मैंने उसकी चूत का पानी चखकर देखा तो वो बहुत ही स्वादिष्ट था और कुछ देर बाद उसकी चूत चाटने के बाद मैंने उससे अपना लंड चूसने को कहा। फिर वो मेरे लंड को एक रंडी की तरह चूसने लगी और में दस मिनट में झड़ गया, लेकिन तब तक उसकी चूत फिर से चुदने के लिए तैयार थी। मैंने फिर से उसकी चूत को चटना शुरू कर दिया और दस मिनट के बाद मेरा लंड खड़ा देख अनसुया ने मुझसे कहा कि प्लीज बस करो अपना लंड जल्दी से मेरी चूत के अंदर डाल दो यार, मुझे और ना तड़पाओ।

अब में अपने लंड का टोपा उसकी गीली कामुक चूत के मुहं पर रगड़ने लगा और लंड को हल्का सा अंदर धकेलकर उसे चोदने लगा, लेकिन अब वो बहुत बैचेन हो रही थी और वो अपनी कमर को उठाकर लंड को अंदर लेने की कोशिश करती, लेकिन मैंने लंड को अंदर नहीं डाला। फिर वो मुझसे अब बहुत गुस्से में कहने लगी कि साले, हरामखोर, कुत्ते अब इसे अंदर डाल भी दे, क्या सिर्फ बाहर से रगड़कर पूरे मज़े लेगा? फिर मैंने उसके मुहं से यह बात सुनते ही एक झटके में लंड को उसकी चूत में पूरा अंदर डाल दिया और लंड भी बिना किसी दिक्क्त के फिसलता हुआ उसकी चिकनी चूत में घुस गया तो मैंने महसूस किया कि उसकी चूत टाईट नहीं थी, क्योंकि वो पहले भी कई बार अपने बॉयफ्रेंड के साथ सेक्स कर चुकी थी।

फिर में उसे तेज़ तेज़ झटके मारने लगा और चोदने लगा और वो तेज़ आवाज़ करने लगी, करीब बीस मिनट चुदाई करने के बाद में झड़ने वाला था और वो दो बार झड़ चुकी थी। फिर मैंने बिना सोचे समझे उसकी चूत में ही वीर्य छोड़ दिया। फिर थोड़ी देर रुककर हमने उस रात चार बार और चुदाई की और फिर बिना कपड़ो के ही एक दूसरे से चिपककर सो गये। फिर जब हम उठे तो मैंने देखा कि सुबह के 6 बज गये है और तब तक हम दोनों की दारू उतर चुकी थी और वो बिल्कुल भी नहीं समझ पा रही थी कि यह सब कैसे हुआ? लेकिन वो हमारी रात भर की चुदाई से बहुत खुश थी, बस उसको इस बात का डर था कि उसके बॉयफ्रेंड को कोई ना बता दे। फिर मैंने उससे वादा किया कि में कभी किसी को नहीं बताऊंगा और फिर वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हो गई। फिर मैंने मौका देखकर उससे कहा कि क्यों एक बार और चुदाई हो जाए? तो वो कहती है कि हाँ ठीक है, लेकिन पहले हम नहा लेते है और हम एक साथ नहाए और एक दूसरे को नहाते हुए हमने किस और सक किया।

फिर नहाकर में बाहर से हमारे लिए नाश्ता लेकर आ गया। उसके बाद हमने पूरे नंगे रहकर ही नाश्ता किया और बीच बीच में वो अपने बूब्स पर जेम लगाती और में उसे तुरंत चाट लेता। फिर में अपने लंड पर जेम लगाता और वो चाटती। फिर नाश्ता करने के बाद मैंने उससे कहा कि प्लीज मुझे एक एक बार तुम्हारी चूत और गांड मारनी है। फिर वो मुझसे कहने लगी कि ठीक है, लेकिन गांड में थोड़ा आराम से, क्योंकि यह मेरी गांड की पहली बार चुदाई होगी।

फिर मैंने हाँ कहा और में अब मन ही मन बहुत खुश हो गया और उस पर टूट पड़ा और उसने मेरा लंड पकड़ा और में उसे किस करने लगा, थोड़ी देर बाद मैंने उसको घोड़ी बनाकर उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और तेज़ धक्के देकर चोदने लगा, बीस मिनट बाद में अब झड़ने वाला था तो मैंने झट से अपने लंड को बाहर निकाल लिया और उसे किस करने लगा। फिर मैंने उससे कहा कि अब गांड की बारी है तो मुझसे वो कहने लगी कि प्लीज थोड़ा आराम से डालना यार। फिर मैंने उससे कहा कि कोई टेंशन वाली बात नहीं जानेमन, अब में उसकी गांड के छेद में अपना लंड डालने लगा, लेकिन बहुत कोशिश करने पर भी लंड अंदर नहीं जा रहा था।

फिर मैंने थोड़ी देर बाद उसकी गांड पर बहुत सारा थूक लगाकर अपनी ऊँगली को अंदर बाहर किया। फिर जब छेद थोड़ा ढीला हुआ तो मैंने लंड को फिर से अंदर डालने की कोशिश की और उसे अब थोड़ा थोड़ा सा दर्द हो रहा था, लेकिन मैंने उसे किस करते हुए एक ज़ोर का झटका मारा और फिर आधा लंड अंदर चला, उसने मेरी कमर पर नाख़ून गड़ा दिए और उसने ज़ोर से चिल्लाने की कोशिश की, लेकिन मैंने उसके होंठो को अपने होंठो से बंद कर लिए और वो मुझे पीछे धकेलने लगी, लेकिन में नहीं माना और बहुत धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगा। फिर कुछ देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो अपनी गांड को उठा उठाकर लंड को पूरा अंदर लेने लगी और कहने लगी हाँ और ज़ोर से डाल, आज से में तेरी रंडी हूँ, हाँ और ज़ोर से चोद मुझे उह्ह्हह्ह आईईई।

अब में लगातार ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा, लेकिन अब भी मैंने महसूस किया कि उसकी गांड का छेद बहुत टाईट था तो मुझे लंड को अंदर घुसाने में बहुत ताकत लगानी पड़ी और अब मुझसे भी ज़्यादा समय रहा नहीं गया और 25 मिनट में मेरा वीर्य निकल गया और अब उसकी गांड से मेरा वीर्य बूंद बूंद करके टपक रहा था। फिर हम दोनों ऐसे ही थोड़ी देर लेटे रहे और वापस जाने को तैयार होने लगे। मैंने देखा कि उसे चलने में थोड़ी मुश्किल हो रही थी और मुझे भी इतनी चुदाई के बाद अपने लंड में थोड़ा दर्द हो रहा था। फिर उसने मुझे उसके होस्टल तक छोड़ने को कहा और में उसे छोड़कर वहीं वापस होटल में आ गया और उसकी चुदाई को सोचने लगा। दोस्तों उसके बाद मैंने उसको कहीं बार चोदा ।

धन्यवाद …

बहन को अपने बच्चे की माँ बनाया

भाभी की चूत हे या गुफा


बहन को अपने बच्चे की माँ बनाया

हेलो दोस्तो, आज में आपको एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ जो मेरे साथ कुछ महीने पहले हुई हैं मेरा नाम अमित हैं.

सीधे कहानी पे आता हूँ ये कहानी मेरे और मेरी भाभी की हैं मेरी उम्र २५ साल हैं और मेरी भाभी की उम्र ३९ साल हैं मेरी भाभी सवाले रंग की पतले नाक बड़े बड़े दूध के गोले और बड़ी सी कुल्हे वाली एक औरत हैं. जिसे मैं सेक्स की देवी कहता हूँ क्यूंकी वो इतनी सेक्सी हैं की जो भी उन्हे देखेगा उनका लंड खड़ा हो जाएगा और ऐसा मन करेगा की रात भर बजाओ और रात भर बजाने के बाद भी लॅंड सबेरे बोलेगा बजा साली को बजा इतनी सेक्सी हैं. यारो बचपन से ही में और भाभी बहुत क्लोज़ रहे हैं हम हर तरह की बात करते हैं एक दूसरे के साथ मेरी भाभी के दो छोटे बच्चे हैं में अपनी भाभी को १८ साल की उम्र से ही बजाना चाहता हूँ .

पर मौका २५ साल की उम्र में मिला.एक बार अंकल को शादी में जाना था पर भाभी का मूड नही था तो वो बच्चे के साथ रुक गयी अंकल ने मुझे कहा था की तू अपनी भाभी का ख्याल रखना और सोने चला जाना में रात को सोने चला गया. हमने १०.३० बजे तक टीवी देखा फिर में सामने के रूम में सोने के लिए चला गया तो भाभी ने मुझे कहा तू यहा क्यूँ सो रहा हैं चल आ हम बेडरूंम में साथ में सोएंगे वैसे भी मुझे नींद नही आ रही वात भी करेंगे मे चला गया और जाकर बेडरूम में लेट गया भाभी ने कहा में साड़ी चेंज करके आती हूँ.

भाभी आई गाउन पहन कर उनको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया उनके बड़े बड़े दूध के गोले मोटी कूले खुले बॉल और कातिल हंसी मुझे पागल कर रही थी. मेरा लंड खड़ा हो गया था. दिल कर रहा था की अभी घुसा डू अपना लंड उनके मूह में और कहूँ की चूस साली कुतिया चूस मेरा लंड और ऐसे रात भर बजाऊं की चल भी ना पाए.अगले दिन फिर भाभी लाइट बंद कर के आ गयी बेड पर हम दोनो बात करने लगे भाभी ने पूछा कोई तितली फसाई की नही कॉलेज में,

मैने कहा आप तो मुझे जानती हैं मुझे इन सब मे कोई इंटरेस्ट नही हैं मैने भाभी से पूछा क्या शादी के बाद मज़ा आता हैं तो भाभी बोली ये तो किस्मत पर डिपेंड करता हैं मैने कहा किस्मत पे कैसे उन्होने कहा अगर शादी बड़े लंड वाले सो हो गयी तो मज़ा और अगर छोटे लंड वाले से हो गयी तो सज़ा मेने भाभी से पूछा तो आपको मज़ा आया की सज़ा मिली भाभी ने मुझे गुस्से से कहा चुप चाप सो जाओ बहुत सवाल पूछते हो में सो गया अगले दिन सुबह भाभी ने मुझे सॉरी कहा और बताया की मैने किसी और का गुस्सा तुम पर निकल दिया तुम फ्रेश हो के आओं में सब बताती हूँ.

भाभी ने बताया की तुम तो जानते हो की मे शादी से पहले कभी सेक्स नही किया और शादी की रात जब पहली बार तुम्हारे अंकल के लंड को देखा तो डर गयी क्या बड़ा हैं पर मेरी ये ग़लतफमी दूर हो गयी शादी के कुछ दीनो बाद जब तुम्हारे अंकल ने मुझे ब्लू फिल्म दिखाई तो मुझे पता चला की तेरे अंकल का तो लंड सबसे छोटे लंड की श्रेणी मे आता हैं फिर मैने सोचा की सेक्स के बारे में जानकारी पता करूँगी मैने एक दिन अपनी पड़ोसन से पूछा की तुम्हारे पति का कितना बड़ा हैं तू उसने मुझे बताया की उनका ५.५ इंच का हैं मैने पूछ मज़ा आता होगा उसने कहा मत पूछ यार में उस दिन से ही ये जानना चाहती हूँ की बड़े लंड से कैसा लगता होगा मैने भाभी से पूछा अंकल का कितना बड़ा हैं तो उन्होने कहा ३.५ इंच का हैं और बता कर मेरे गले लग गयी मेरा तो लंड खड़ा हो गया. मन किया की साली को बजा डालूं पर क्या करता.

मैने एक तरकीब सोची उस रात को हम जल्दी सो गये और सुबह में उनसे पहले जाग गया फिर मैने अपने लंड को हिला हिला कर खड़ा कर दिया और मेरा लंड ८ इंच का खड़ा हो गया और चुप नंगा लेट गया भाभी उठी तो मेरे लंड को देख कर बोली हाए राम कितना बड़ा हैं. इसकी बीवी तो हमेशा मज़े करेगी और देखने लगी.

में चुप आँख बंद करके उनकी बात सुन रहा था भाभी से रहा नही गया और उन्होने मेरे लंड को पकड़ लिया उनके पकड़ते ही मुझे एक करेंट सा लगा फिर वो मेरे सुपाडे को उपर नीचे करने लगी और बोली हाय राम इसकी तो सील भी नही टूटी है मैं जाग गया मुझे देखते ही भाभी बिना बोले भाग गयी में भी वाहा से भाग गया और घर आ गया रात को ९.३० बजे भाभी का फोन आया की तुम सोने क्यूँ नही आ रहे अब तक, मेने कहा आ रहा हूँ और फिर मैं गया आज तो भाभी बहुत सेक्सी लग रही थी उन्होने जान बूझ कर ट्रॅन्स्परेंट गाउन पहना था और ब्रा नही पहनी थी.

जिसे उनके गोले बिल्कुल उभरे हुए लग रहे थे मेरा तो देख के ही खड़ा हो गया हम लोग बेडरूम में जाकर लेट गये और बात करने लगे भाभी ने पूछा मेरा एक काम करोगे मुझे एक बार देखना हैं की बड़े लंड का झटका कैसा होता हैं मेरी तो मुराद पूरी हो गयी थी समझो मैने कहा मेरी तो सील भी नही टूटी हैं भाभी ने कहा में सब कर दूंगी और तुम्हे पता भी नही चलेगा और मेरे हाथ को पकड़ कर अपने दूध के गोलो के उपर रख दिया मेने जैसे ही उनके गोलो को दबाया उनकी आ …….ह निकल गयी मैने उनके ब्रा खोल दिया.

र उनके गोलो को चूसने लगा उन्होने मेरे सारे कपड़े निकल दिए और मेरे लंड को देखने लगी मैने उनकी पेंटी उतार दी और उनकी गुफा देखकर बोला वाह क्या गुफा हैं भाभी ने कहा क्या नाग हैं घुसा दो मेरी गुफा में भाभी ने कहा मेरी गुफा को चाट कर चिकना बना दो ताकि नाग आसानी से घुस जाए मैने चाट चाट के गुफा को चिकना बना दिया भाभी ने मेरे लंड को मूह मे लिया और चूसा और कहा सील टूटने के बाद तुम्हे और भी मज़ा आएगा और मुझे भी भाभी ने कहा मेरी गुफा मे लंड घुसा दो और याद रखना जब तक वीर्य ना गिरे ठोकते जाना मैने कहा ठीक हैं उन्होंने कहा ठोकते वक़्त मेरी आँखो में देखते रहना.

मैने अपना लंड भाभी की गुफा में घुसा दिया और भाभी चिल्ला उठी आआआआआआआआ उई ईईईईई ही राम………… गयीइइइइ इइइइ उई……….मा……ई ईईईईई आआआआआआआआउई…..इसससससससस ससस इस मैने तुरन्त लंड बाहर नि कल दिया भाभी ने कहा क्यूँ लंड बाहर निकाला मैने कहा आपको दर्द हो रहा हैं इसलिए उन्होने कहा जितना दर्द होगा उतना ही मज़ा आएगा उन्होने कहा अब जब तक वीर्य ना निकले ठोकते रहो मेरी आँखो में देखते हुए मैने ठोकना सुरू किया और भाभी कहने लगी ……… …… ……फाड़ दे गुफा को……………………………मार कासके मार  आआआ आआआआ आ उई ईईईईईइइइ इइ उई…… ….मा…… मज़ा  आगे या उईईई ईईईईईई मार मुझे मार दे.

कस के पेल……………….उई और कुछ देर बाद में मेरा वीर्य गिर गया में अपने लंड को गुफा मे ही रहने दिया और भाभी के उपर लेट गया थोड़ी देर बाद जब लंड भाभी की गुफा से बाहर निकाला तो लगा जैसे कुछ जलन सी हो रही हैं देखा तो मेरी सील टूट चुकी थी में खुश हो गया भाभी भी मेरी टूटी सील देख कर खुश हो गयी और कहा अब और मज़ा आएगा और मेरे लंड को मूह मे लेकर चूसने लगी मेरे सुपाडे के पीछे के भाग को जैसे ही भाभी ने जीभ से चूसा मुझे ऐसा लगा इससे अच्छी चीज़ दुनिया मे कोई नही हैं.

अब भाभी ने कहा तू लेट जा में तेरे लंड पे सवारी करूँगी में लेट गया भाभी मेरे लंड पे बैठ कर कूदने लगी मुझे भी मज़ा आ रहा था. कुछ देर तक ऐसे ही कूदने के बाद भाभी ने कहा आज मूज़े इतना मज़ा आ रहा हैं की क्या कहूँ, मैंने उस दिन भाभी को खूब बजाया और अगले दिन जब अंकल आए तो अंकल ने भाभी से पूछा की तुम लंगड़ा के क्यूँ चल रही हूँ तो भाभी ने कहा की कल एक पत्थर के उपर गिर गयी थी. और मुझे देखकर हँसने लगी इसके बाद हमें जब भी मौका मिलता हम खूब सेक्स करते है. भाभी की गांड की चुदाई कैसे की ये अगली कड़ी में बताऊँगा.

धन्यवाद …

बहन को अपने बच्चे की माँ बनाया

बहन को अपने बच्चे की माँ बनाया


दोनो बेटे मुझे चोदे बिना सोते ही नही हैं

Bahan ki chudai hi hot sex story

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम विनायक है आज मैं आपको अपनी वो सच्चाई बताने जा रहा हूँ जो एक हादसा है जो मेरे ओर मेरी बहन के बीच मैं हुआ मैं अपनी बहन के बारे मैं बता दूँ मेरी बहन का नाम निराली है ओर वो मुझसे 3 साल छोटी है वो दिखने मैं बहुत सुन्दर है उसके बूब्स का साइज़ 36 है ओर गांड देख लो तो वही घोड़ी बना कर लंड डालने का दिल करे क़िसी का भी अब मैं अपनी स्टोरी पर आता हूँ पहले मेरे मन मैं ऐसा कोई विचार नही था अपनी बहन को चोदने का लेकिन मैं रोज इस साइट की स्टोरी पढ़ता हूँ ओर भाई बहन की स्टोरी मुझे ज्यादा अच्छी लगती है ओर मेरी बहन भी दिन ब दिन निखरती जा रही थी एक दिन वो घर मैं अकेली थी सब बाहर गये थे ओर मैं अपने कॉलेज गया था.

मेरी छुट्टी जल्दी हो जाने की वजह से मैं घर जल्दी आ गया जब मैं घर पहुँचा तो निराली मेरे रूम मैं सो रही थी निराली ने पजामा ओर टी शर्ट पहनी थी ओर उल्टी लेटी थी जिससे मेरी बहन की 36 की गांड उपर थी ओर पेंटी की शेप नज़र आ रही थी ओर मेरी बहन के बूब्स नीचे दबे थे मैं निराली के पास गया ओर उसकी टी शर्ट मैं हाथ डाल कर कमर पर हाथ फेरने लगा ओर घर मैं भी कोई नही था तो मुझे ज्यादा डर नही लग रहा था मैं हल्के हल्के से हाथ फेरता हुआ उसकी ब्रा तक ले गया ओर हुक खोल दिये और टी शर्ट उपर करके मैं अपनी बहन की कमर पर अपनी जीभ फेरने लगा इतने मैं निराली हिली तभी मैं पीछे हट गया वो सीधी हो कर लेट गई उस टाइम मेरी बहन की निपल टी शर्ट के उपर से खड़ी हुई थी.

मैं अपनी दो उंगलियों से उसकी निप्पल मसलने लगा ओर जब निराली के मुँह की तरफ देखा तो मेरी बहन अपनी आँख ज़ोर से बंद कर रही थी मैं समझ गया की मेरी प्यारी बहन जाग रही है ओर मज़े ले रही है मेने उसकी टी शर्ट उपर की ओर निराली को आवाज़ दी की निराली थोड़ा उपर हो जाओ तो टी शर्ट ओर उपर कर दूँ उसने अपनी कमर उठाई ओर उपर हो गई अब मैं समझ गया की मेरी बहन पूरी गर्म है तो मेने उसकी टी शर्ट गले तक उपर कर दी.

फिर मेने ब्रा के उपर से ही बूब्स पकड़े ओर मसलने लगा 2 मिनिट मसलने के बाद मेने ब्रा को भी उपर किया ओर अपनी बहन के गोरे गोरे बूब्स मसलने लगा ओर लाइट ब्राउन चूची चूसने लगा फिर मेने उसकी टी शर्ट ओर ब्रा उतार दी मेरी बहन उपर से नंगी थी ओर मेने अपना लंड निकाल लिया ओर निराली की आँखों के उपर कर दिया ओर बोला बहन आँखे खोलो तो जेसे ही उसने आँखे खोली मेरा 7 इंच का लंबा लंड देख कर दंग रह गई मेने कहा इसे पकड़ो उसने अपने हाथो से मेरा लंड पकड़ा ओर एक किस की जेसे साली इस काम मैं एक्सपर्ट हो तो मैं अपना लंड उसके मुँह पर रगड़ने लगा.

मेरी बहन ने अपना मुँह खोला ओर लंड के टोपे को मुँह मैं लेकर चूसने लगी फिर मेने हल्के हल्के झटको के साथ अपनी बहन का मुँह चोदने लगा मैं अपना आधा लंड ही अपनी बहन के मुँह में दे रहा था. फिर मेने अपना लंड निराली के मुँह से निकाला ओर उसके पजामे को नीचे सरका कर उतार दिया मेरी बहन ने रेड पेंटी पहनी थी जो गीली थी मेने पेंटी की साइड से हाथ डाल कर चूत रगड़ने लगा निराली ऊऊहह भैया आआअहह मुझे कुछ हो रहा है प्लीज करते रहो आहह करती रही.

फिर मेने अपना हाथ पेंटी से बाहर निकाल लिया ओर पेंटी भी उतार दी मेरी बहन की चूत एकदम टाइट थी उस पर छोटे छोटे बाल थे मेने अपनी एक उंगली उसमे डाली तो निराली चिल्लाई फिर मैं अपनी बहन की चूत को चाटने लगा ओर अपनी जीभ भी अंदर करने लगा मेरी बहन के मुँह से आआआः ऊहह भैया ओर अंदर जीभ डालो भैया आआहह जेसी आवाज़े आ रही थी मेरी बहन झड़ने वाली थी तो मेने चूत चाटनी बंद कर दी.

अब मेने भी अपने सारे कपड़े उतार दिये मैं निराली के बूब्स रगड़ने लगा फिर उपर हो कर मैं अपनी बहन को लिप किस करने लगा मेरी बहन मेरे नीचे दबी थी ओर मेरा लंड उसकी चूत को टच कर रहा था मेरे लंड से पानी भी निकल रहा था जो मेरी बहन की चूत पर लिप्स पर लग रहा था ओर मैं अपनी जीभ उसके मुँह मैं डालने लगा मेरे हाथ मैं निराली के बूब्स थे जिन्हे मैं निचोड़ रहा था ओर निराली आअहह ऊओहमम्म करते हुये मेरे बालो मैं हाथ फेर रही थी फिर मैं खड़ा हो गया बेड पर ओर निराली को नीचे बेठा दिया ओर अपने लंड को उसके मुँह के पास किया निराली मेरे लंड को ध्यान से देख रही थी ओर मैं अपने हाथ मैं लंड पकड़ कर निराली के मुँह पर मार रहा था कई बार ज़ोर से गालो पर मारता तो निराली अपनी आँखो को ज़ोर से बंद करती और उसके गाल लाल हो गये थे.

फिर मेने अपना लंड निराली के लिप पर रखा मेरी बहन काफ़ी समझदार थी तो उसने खुद अपना मुँह खोल लिया ओर लंड के टोपे को चूसने लगी मेने अपनी बहन का मुँह पकड़ा ओर ज़ोर से झटके मारने लगा जिससे लंड मेरी बहन के गले तक चला गया निराली मुझे धक्के से पीछे करने लगी क्योकी मेरी बहन का सांस रुक गया था मेने 2 या 3 झटके मार कर लंड मुँह से निकाल लिया मेरी बहन खांसने लगी फिर बोली भैया आराम से कर लो ऐसे तो मत करो कोई रंडी तो नही हूँ जो ऐसा कर रहे हो तो मैं बोला बहन चूसती तो ऐसे है जेसे पहले कई लंड चूसे है तूने ओर अपने भाई को भी बता दे किस किस की रंडी बनी है और किसका बिस्तर गर्म किया है.

मेरी बहन ने तो वो बोली भैया कैसी बात करते हो ऐसा कुछ नही है तो मैं बोला निराली झूठ मत बोल अब तो तू मुझे बता सकती है इसमें छिपाने वाली बात ही नही है तो निराली बोली भैया मेरी क्लास मैं एक लड़का है साहिल जो आपकी बहन को लंड चुसवाता है पर आपके जेसे थोड़े जो मेरे गले तक डाल दिया मेरी सांस रुक गई थी तो मैं बोला कभी चूत भी मरवाई मेरी बहन ने उससे तो वो बोली कभी मोका नही मिला तो मैं बोला पहले मैं तेरी चूत खोल दूँ.

फिर अपने यार को घर ले आना ओर यही चुदना मेरे सामने मैं चुप हो कर तुम दोनो की चुदाई देखूँगा तो निराली भी खुश हुई ओर फिर से मेरा लंड चूसने लगी थोड़ी देर बाद मेने निराली को बेड पर लेटाया ओर अपने लंड को चूत पर रगड़ने लगा निराली बोली क्यो तड़पाते हो अपनी रंडी बहन को भैया डाल दो अंदर तो मेने लंड के टॉप को अपनी बहन की चूत पर सेट किया ओर ज़ोर का झटका मारा मेरा लंड मेरी बहन की चूत की सील तोड़ता हुआ आधा अंदर चला गया ओर मेरी बहन ज़ोर से चिल्लाई ओर मुझे धक्के से पीछे करने लगी मेने भी निराली को अच्छे से पकड़ा था जिससे वो पीछे ना हटा सकी निराली मुझसे लंड बाहर निकालने को बोली लेकिन मेने अंदर ही रहने दिया ओर हल्के हल्के झटको से साथ अपनी चुदक्कड बहन को चोदने लगा निराली आअहह उूउउइइ भैया बाहर निकाल लो प्लीज भाई आअहह करती रही.

थोड़ी देर मैं अपनी बहन को ऐसे ही चोदता रहा तो मेरी चुदक्कड बहन को मज़ा आने लगा वो ऊऊहह भाई थोड़ा ओर अंदर करो ना भाई आअहह भाई मज़ा आ रहा है तो मैं बोला मेरी रंडी बहना कहे तो पूरा दे दूँ तेरी चूत मैं तो वो बोली हाँ भाई दे दो ना प्लीज पूछते क्यो हो ओर मेने अपना थोड़ा लंड बाहर निकाला ओर पूरा ज़ोर का झटका मारा लंड मेरी बहन की चूत मैं पूरा चला गया निराली बहुत ही ज़ोर से चिल्लाई मेने 2 या 3 झटके ही मारे थे जब मेने अपनी बहन की चूत देखी तो वहा पर खून लगा था.

निराली की सील पेक चूत की सील टूट चुकी थी ओर उसकी आँखो मैं पानी था ओर आँखे बंद थी और मैं ऐसे ही अपना लंड अपनी बहन की चूत मैं डाल कर धीरे धीरे झटके मारता रहा निराली ऊऊहह आअहह उउउइइ भैया दर्द हो रहा है प्लीज रुक जाओ आहह करने लगी मैं भी थोड़ा रुक गया ओर निराली के बूब्स मसलने लगा ओर लिप किस करता रहा निराली को थोड़ी राहत मिली तो मेने निराली से पूछा की चुदाई स्टार्ट करूँ तो बोली हाँ भैया मारो अब चूत मैं दर्द नही है पूरी तेज़ी से चोदना अपनी रंडी बहन को मेने ये सुनते ही झटके मारने स्टार्ट कर दिये ओर तेज झटको से अपनी रंडी बहन की चूत मारने लगा निराली मज़े से आहह ऊऊहह हमम्म भैया आअहह मारो ओर तेज़ी से मारो भाई फाड़ दो आज अपनी बहन की चूत को आआहह मज़ा आ रहा है भाई और मेरे बहनचोद भाई ऊओह मारते रहो करने लगी.

मैं भी अपनी रंडी बहन को गांली देते हुये चोदने लगा मेरी बहन झड़ने वाली थी आअहह बहनचोद मैं झड़ रही हूँ अपना माल मेरी चूत मैं डाल मेरी चूत की प्यास बुझा दे मेरे बहनचोद भाई आहह ऊऊहह करते हुये झड़ गई और मुझे मेरे लंड पर अपनी बहन की चूत से निकला पानी महसूस हुआ ओर मैं तेज झटके मारता रहा चूत से फूचफूच फुचा फूच की आवाज़े रूम मैं गूँजने लगी मेरी चुदक्कड बहन बोली भाई बस करो मैं झड़ गई हूँ आप भी झड़ो अब आहह भाई प्लीज़ ओर मैं ओर तेज हो गया आआहह रंडी कुत्तिया तुझे तो मैं अपने बच्चे की माँ बनाऊंगा साली रंडी आअहह मेरा माल तेरी बच्चेदानी मैं निकल रहा है रंडी मेरी बहन आअहह करते हुये झड़ गया.

मेरे लंड से वीर्य की गर्म धार मेरी छोटी रंडी बहन की बच्चेदानी मैं निकल गई मैं 5 मिनिट तक निराली के उपर लेटा रहा थोड़ी देर बाद मेरी बहन बोली भाई ऐसा भी करता है अपनी बहन के साथ जो आपने किया है मेने क्या किया है साली तू खुद ही कह रही थी ओर तेज ओर तेज अब बोल रही है ऐसा भी करता है कोई भाई साली अभी तो तुझे मेरे सामने अपने यार से चुदना है बोल चुदेगी ना तो वो बोली हाँ भैया ज़रूर हमें मोका मिल जाये बस आपके सामने मैं अपने यार की रंडी बनूँगी वो भी इसी बेड पर. तो दोस्तो आगे की स्टोरी मैं आपसे जल्द ही शेयर करूँगा.
धन्यवाद …

दोनो बेटे मुझे चोदे बिना सोते ही नही हैं

आंटी की चूत चटाई


कजिन सिस्टर को दे घचाघच

हाय प्यारे रीडर्स, मैं अनिल (उम्र 30, इन्दोर) में इसका नियमित रीडर्स हूँ. लेकिन पहली बार आप लोगो के पास एक सच्ची कहानी भेज रहा हूँ,

आशा हैं यह कहानी आप लोगो को पसंद आयेगी. में 6 साल पहले इन्दोर आया तो मैने एक सुशिक्षित परिवार से भरपूर परिवार मे किरायेदार की हेसियत से रहने लगा. उस परिवार मे मेरे अलावा उनकी बड़ी लड़की पिंकी और पिंकी की मम्मी रुक्मणी और पापा सुरेश अग्रवाल रहते हैं. पिंकी के पापा इन्दोर शहर मे एक कॉटन कम्पनी मे काम करने के कारण अधिकतर बाहर ही रहते हें.

यह परिवार वाले मुझे अपने बेटे जैसा ही मान कर मेरी खिदमत कर ते थे और मुझे अपने परिवार का ही एक सदस्य समझते थे उनके घर का माहोल शुरू से ही बड़ा खुला हुआ था घर मे पिंकी की माँ को में आंटी कहँ कर पुकारता था और पिंकी को दीदी, आमतोर पर पिंकी ऐसे कपड़े पहनती थी जो की कोई और लोग शायद बेडरूम मे ही पहनना अच्छा समझे. हालाँकी उसकी माँ रुक्मणी हमेशा साड़ी-ब्लाउज पहनती थी.

आंटी और पिंकी दीदी घर मे मेरे सामने ही अपने मासिक (एम.सी) से सम्बधित बाते करती जैसे की आज मेरा पहला दिन है, या पिंकी को बहुत परेशानी महसूस हो रही है या ज़्यादा ब्लडडिंग हो रहा है. आमतोर पर आंटी और पिंकी दीदी मेरे सामने ही कपड़े बदलने मे कोई ज़्यादा शर्म संकोच नही करती थी, एक बार पिंकी दीदी की सभी सहेलियां होली खेलने हमारे घर आई तो मे दुबक कर दरवाजे के पीछे छुप गया, तब किसी को नही मालूम था की मे घर मे ही छुपा हुआ हूँ,

खेर पिंकी दीदी और उसकी सहेलियो ने वहाँ पर घर के हॉल और बाथरूम के पास मे काफ़ी नंगापन मचाया, एक दूसरे के कपड़े फाड़ते हुये लगभग नगदहड़ंग पोज़िशन मे एक दूसरे के ऊपर रंग लगाया, होली की दोपहर को आंटी भी मोहल्ले वालो के घर से रंग मे सराबोर होकर आई और मुझे बिना रंग के देख पिंकी दीदी से कहने लगी की इस बेचारे ने क्या पाप किया है जो इसे सूखा छोड़ दिया,

और पिंकी दीदी को इशारा कर मुझे पकड़ कर गिरा दिया और मेरे पूरे शरीर पर रंग लगा दिया, पिंकी दीदी ने तो रंग कम पड़ने पर अपने शरीर को ही मुझसे रगड़ना शुरू कर दिया. मैं पहले नहा धोकर आया उसके बाद आंटी और पिंकी दीदी दोनो एक साथ बाथरूम मे नहाने लगी. मुझसे रहा नहीं गया और में चोरी छुपे बाथरूम मे देखा तो दोनों केवल पेन्टी पहन कर एक दूसरे की चूचियों पर लगा रंग छुड़ा रहे थे यह देखा तो मेरी आँखें फटी की फटी रह गयी.

कुछ ही महीनो बाद पिंकी दीदी की शादी रतलाम मे हो गयी और वह अपने ससुराल चली गयी, कुछ महीनो के बाद गर्मियो के महीनो मे पिंकी दीदी कुछ दिनो के लिये अपनी माँ के पास रहने के लिये आई. जीजाजी पिंकी दीदी को छोड़ने के लिये दो दिनो के लिए आये थे.

मैने देखा की पिंकी दीदी शादी के बाद अब और ज़्यादा बिंदास सेक्सी और कामुक हो गयी है, और क्यो ना हो अब उसके पास लाइसेन्स जो था, मेने जीजाजी को भी काफ़ी खुले विचारो वाला पाया. शाम को खाने के बाद उन्होने अपने हनीमून के फोटोग्राफ्स दिखाये जिसमे वह दोनो गोवा के समुन्द्र किनारे बिकनी और स्विम्मिंग कॉस्ट्यूम्स मे ही नज़र आये. अचानक बिजली गुल हो गयी और काफ़ी देर तक नहीं आई इसलिये उस रात हमने ऊपर छत पर सोने का प्लान बनाया. छत पर एक लोहे का पलंग पड़ा हुआ था जिस पर जीजाजी ने मुझे सुला दिया, और वह दोनो इतनी गर्मी मे अंधेरे मे चिपक कर सो गये.

थोड़ी देर बाद जब अंधेरे मे दिखने लगा तो मेने देखा की पिंकी दीदी जीजाजी के उनका 7 इंच लंबा लंड पकड़कर मस्ती से हिला रही थी और बार-बार उनका लंड चूस रही थी, उनकी सेक्सी चूमा चाटी और होने वाली खुस्फुसाहट के कारण मेरा 6 इंच लंबा लंड भी तंबू जैसे तना हुआ था, और फट कर बाहर आ जाने को हो रहा था, तभी दीदी बोली की उसे बाथरूम आ रही है तो जीजाजी ने मुझे आवाज़ लगाई,

लेकिन मे आँखें बंद किये हुये नींद आने का बहाना बनाये पड़ा रहा तो दीदी बोली की शायद सो गया होगा, तब पिंकी दीदी उठी और बेड पर से ही अपनी पेन्टी को नीचे उतारती हुई छत के कोने मे पेशाब करने बेठ गयी, आसमान की हल्की रोशनी मे उसके गोरे-गोरे और बड़े-बड़े चूतड़ चमक रहे थे जिनको देख कर जीजाजी भी उठे और अपनी लूँगी एक और फेक कर वी शेप की चड्डी मे से अपना लंड निकाल कर पूनम दीदी के चूतडो के ठीक पीछे लंड लगा कर पेशाब करने बेठ गये, और अपने दोनो हाथो से सेक्सी दीदी की चूचियों को दबाने लगे.

इसके बाद तो वो दोनो खड़े-खड़े ही अंधेरे मे चुदाई करने लगे पिंकी दीदी की मदहोशी मे कामुक साँसे और आवाज़े मुझे पागल बना देने के लिये काफ़ी थी, मे अपनी आधी आखें बंद कर यह सब देख रहा था, और ना जाने कब मेरी आंखँ लग गयी, सुबह लगभग 5 बजे छत पर ठंडी हवाओं के कारण मेरी आँख खुली तो मेने देखा की पिंकी और जीजाजी एक दूसरे पर चढ़ कर सोये हुये थे,

शायद सेक्स करने के बाद उनकी नींद लग गयी और वो अपने आप को सही भी नही कर पाये. पिंकी दीदी की पेन्टी तो पेरो मे पड़ी थी और उसकी नाईटी उसके नंगे कमर पर पड़ी हुई थी, जीजाजी भी पूरे नंगे थे और उनका सिकुडा लंड दीदी की हल्के काले बालो वाली चूत मे से बाहर लटक रहा था, ऐसा सीन देख मेने सबसे पहले तो लपक कर मूठ मारी और उसके बाद अपनी सेक्सी दीदी की चूचियों को देखने की कोशिश की लेकिन जीजाजी के सीने से दबे होने के कारण मुझे कुछ ज़्यादा नही देखने को मिला.

सुबह करीब 9 बजे में उठा तो देखा दीदी और जीजाजी उठ चुके थे मैं नहा धोकर फ्रेश होकर हम सब ने साथ मे नाश्ता किया. दीदी और जीजाजी आने के कारण आंटी जी ने मुझे कहा अंकल नहीं है घर मे तो दीनू तुम एक हफ्ते की दफ़्तर से छुटी ले लो इसलिये मैने एक हफ्ते की छुटी ले ली थी. सुबह दिन भर हम तीनो ने पिक्चर हॉल मे पिक्चर देखी और कई जगह घूमने भी गये जब शाम को 7 बजे हम घर लोटे तो मैने और जीजाजी ने विस्की पीने का प्लान बनाया और जब विस्की पी रहे थे की अचानक जीजाजी के ऑफीस से फोन आया की उन्हे कल किसी भी हालत मे आकर रिपोर्ट करनी है तो जीजाजी ने सुबह जल्दी जाने का प्रोग्राम बना लिया.

जब दीदी को पता चला की जीजाजी कल सुबह ही जा रहे है तो वो उदास हो गई. हम लोग भी जल्दी से खाना खाकर जीजाजी का बेग तैयार कर कर छत पर सोने चले गये. कल रात की तरह हम लोगो ने अपना बिस्तर लगा कर सो गये. करीब एक घंटे बाद मैने अंधेर मे मेने देखा की आज भी पिंकी दीदी जीजाजी को ज़्यादा परेशान कर रही थी अपनी नाइटी नंगी जांघो पर चड़ा कर पेन्टी उतारकर अपनी रसीली चिकनी चूत को जीजाजी के मुहँ पर रख कर उनका लंड मुहँ मे लेने की ज़िद कर रही थी, लेकिन जीजाजी दिन भर की थकान के कारण सोने के मूड मे थे, और उन्हे सुबह जल्दी जाना भी था, जीजाजी जब सो गये तो दीदी भी अपनी चूत को हाथ से रगडती हुई सो गयी, बेचारी क्या कर सकती थी.

अगली सुबह जब आंटी ने मुझे उठाया और कहाँ अनिल तुम्हारे जीजाजी को ट्रेन मे बैठा कर आ जाओ तो में जल्दी से फ्रेश होकर नहा धोकर तैयार होकर जब दीदी के कमरे मे गया तो देखा की पिंकी दीदी जीजाजी से एक बार मज़े देने का कह रही थी और बोल रही थी की आपके बिना मेरा मन कैसे लगेगा तो जीजाजी बोले की तेरे दीनू भाई ने एक हफ्ते की छुटी ले ली है इसीलिये अनिल का साथ रहेगा तो मुझे किसी बात की फ़िक्र नही रहेगी. और पिंकी दीदी और में जीजाजी को ट्रेन मे बैठाने के लिये चल पड़े.

जब ट्रेन जाने लगी तो पिंकी दीदी बड़ी उदास सी हो गयी. जब हम घर लोटे तो नाश्ता करने के बाद हम बोर हो रहे थे तो आंटी ने हमे सुझाव दिया की अनिल तुम और पिंकी आज कमरे की सफाई कर लो तब तक में खाना बनाती हूँ इससे तुम्हारा मन भी लग जायेगा.मैने पजामा और टी शर्ट पहन ली और पिंकी दीदी ने सफ़ेद पतले कपड़े का कुर्ता पहन रखा था और नीचे लूँगी जिसमे से उसकी गोरी-गोरी सफेद जाघे दिख रही थी, वह लंबे वाले स्टूल पर खड़ी हुये थी,और मे नीचे से उससे सामान लेता जा रहा था, दीदी का कुर्ता शॉर्ट स्लीव का था जिसमे से दीदी के मोटे-मोटे स्तन कभी कभी दिख जाते थे.

और काली-काली चुचियां बाहर से ही दिखाई दे रही थी उन्होने ब्रा नहीं पहनी थी ,कभी-कभी वह मुझे देख कर अपने हाथो से अपनी चूत को रगड़ने लगती, जब वो सामान लेने के लिये हाथ उठाकर सामान उतार थी तो, हाथ उठाने से उसकी अंडर आर्म्स के काले-काले घने बाल देख मेरा लंड टनटना शुरु हो गया, गनीमत थी की मेने पजामा पहन रखा था, कई बार भारी सामान होने के कारण दीदी का स्टूल पर बेलेन्स नही बनता तो वह अपने पेरो को चोड़ा कर पास की अलमारी पर पैर रखती तब तो उसकी पेन्टी जो की सफ़ेद कलर की थी ऐसी दिखती मानो अभी उसे खोल कर लंड डाल दूँ.

बीच-बीच मे पानी पीते समय दीदी शायद जानबुझ कर अपनी सफेद महीन कुर्ते पर पानी ढोल लेती जिससे उसकी चूचियों के निपल साफ दिखाई देने लगते खेर किसी तरह हम दोनो ने कमरे में साफ सफाई की और नाहकर खाना खाया. और दोपहर को थोड़ी देर आराम करके हम शाम के समय हम बाज़ार घूमने निकल पड़े जब हम घर लोट रहे थे तो दीदी बोली दीनू भाई आज तुम्हारे जीजाजी गये तब से मेरा मूड कुछ उखड़ा उखड़ा हुआ है और मूड ठीक करने के लिए क्या तुम मेरे लिए बीयर ला सकते हो. फिर में दुकान जाकर करीब 5 बीयर की बोतल ले आया. और जब हम करीब 7:30 बजे घर पहुँचे तो आंटी खाना बना रही थी और में और दीदी छत पर जाकर बीयर पीने लगे.

करीब एक दो बीयर पीने के बाद दीदी कहने लगी की मुझे ज़ोर से पेशाब आ रही है और बिना किसी शर्म या पर्दे के उसने मेरे सामने ही उसने अपनी पेन्टी खोल दी और नाइटी ऊँचा उठा कर अपनी मोटी-मोटी गांड दिखाती हुये वह छत के एक कोने मे जाकर मूतने बेठ गयी, उसके मूतने से जो झर-झर की तेज अवाज़ हो रही थी वह सुन मे बहक सा गया और उनकी मोटी-मोटी गांड को एकटक देखने लगा शायद दीदी समझ गयी थी की में उसकी और मुहँ करके उसको मूतते हुये देख रहा हूँ तभी उसने मुहँ घूमाकर मेरी और देखा और एक आँख मारकर सेक्सी अवाज़ बना कर कहने लगी की आजा शरमाये मत मेरे पास आकर तू भी मूत ले,.

मैं जानती हूँ तुम ने उस रात चोरी चोरी चुपके चुपके मुझे और तेरे जीजाजी को मूतते हुये देखा था यह सुनकर में सकपका गया लेकिन फिर भी हिम्मत करके दीदी के ठीक पास मे बेठ गया और अपने खड़े हुये मोटे और लंबे लंड को क़ैद से निकाल कर मूतने लगा, दीदी झुक-झुक कर मेरा लंड फटी-फटी आँखों से देखने लगी और बोली भैया तू तो वास्तव मे पूरे मर्द हो मम्मी और मे तुझे यू ही छोटा समझती थी.

तूने अभी तक अपने औज़ार को कहीं काम में लिया है या यूँ ही तेज़ धारदार हथियार लेकर घूमता रहता है, दीदी की ऐसी बातें सुन मे चुप सा हो गया और इधर -उधर देखने लगा की कही कोई देख तो नही रहा है, लेकिन अंधेरा देख बेफ़िक्र हो मे सीधा खड़ा हो गया, मूतने से बड़ा हल्कापन महसूस हो रहा था दीदी के मन मे क्या है यह मे अब तक समझ नही पाया था, क्योकि मेरे दिमाग़ ने तो दीदी के मोटे मोटे चूतडो को देख कर ही काम करना बंद कर दिया था.

खेर किसी तरह खाना खाने के बाद वो आंटी को बोली मम्मी आज बड़ी गर्मी है चलो छत पर जाकर सोते है. तब आंटी बोली नीचे कोई नहीं है में आँगन मे सोती हूँ तुम भाई बहन ऊपर छत पर सो जाना. फिर हम छत पर आकर दोनो पलंगो को करीब करीब (तोड़ा सा गेप रख कर) सोने लगे तो दीदी बोली दीनू नींद नही आ रही है और दीदी ने अपना असली जलवा दिखलाना शुरू कर दिया,

उसने बड़े सेक्सी अंदाज़ मे मुझे देखते हुये अपने ब्लाउज को खोल दिया, जिसमे से उसके दोनो गरदाये हुये मस्त कबूतर फड़फडा कर बाहर आ गये, उनको हाथो से सहलाते हुये वह कहने लगी की देख भैया इनको बेचारे ये भी गर्मी के कारण कैसे कुम्हँला गये है, आज तेरे जीजाजी होते तो अब तक तो इन्हे मुहँ मे लेकर एकदम ताजा कर देते, ऐसी बात सुन मेरे को ऐसा करंट लगा की मेने भी सोचा की जब पिंकी दीदी संकोच नही कर रही है तो क्यों ना दिखा दूँ अपनी मर्दानगी.

दीदी के दोनो चूचियों पर इतना टाइट ब्लाउज पहनने के कारण लाल रंग का निशान सा पड़ गया था, दीदी ने धीरे से अपनी साड़ी और पेटीकोट भी खोल दिया और नगदहड़ंग नंगी हो फिर से मूतने बेठ गयी, मूतने के लिये उठते बैठते समय उसकी चूत का जो नज़ारा मुझे पीछे से हुआ वह वास्तव मे मेरे जीवन का अजीबो गरीब नज़ारा था, जिसके बारे मे बंद कमरे मे आँखें बंद कर अपने लंड को रगडता था आज वही चीज़ मेरे सामने परोसी हुई सी मालूम पड़ रही थी,

मे भी शर्म संकोच छोड़ दीदी के बिल्कुल पास जा खड़ा हुआ.अब दीदी पूरी नंगी अवस्था मे अपने पलंग पर आकर और हाथ हिला कर मुझे भी बुलाने लगी, मे जैसे ही उनके पलंग के पास गया तो दीदी ने झट से मेरी लूंगी और वी शेप चड्डी खीच निकाली, और मुझे भी अपनी तरह मादरजात नंगा कर पलंग मे खीच लिया, और कहने लगी की इस बेचारे पर कुछ तरस खा, इतनी गर्मी मे इसे इतने तंग कपड़ो मे रखेगा तो इसका क्या हाल होगा तू नही जानता, इस बेचारे को थोड़ी हवा पानी दिखाने की ज़रूरत देनी चाहिये और हँसते हुये दीदी ने मुझे अपने ऊपर गिरा लिया.

अब हम दोनो के नंगे जिस्म एक दूसरे से रगड़ा रहे थे, दीदी के कामुक बदन ने तो मानो मुज़े सम्मोहित ही कर लिया था, और मे लगभग अंधे के समान वही करता जा रहा था, जो वो मुझसे चाहती थी, उसने मेरे दोनो हाथो को पकड़ कर अपनी चूचियों पर रख दिया, और कहने लगी की प्लीज़ भैया, जल्दी से इन कबूतरो को मुहँ मे लेकर चूसो नही तो मे मर जाऊँगी, और एक हाथ से अपनी चूत को रगड़ने लगी, कुछ देर उसकी चूचियों को चूसने के बाद मेने भी अपना एक हाथ उसकी चूत पर रख दिया,

तो मुझे उसकी चूत की गर्मी महसूस हुई, अपनी उंगलियो को दीदी की चूत मे घुसाते हुये मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था, और मे लगभग पागलो की तरह पिंकी दीदी की चूत को रग़ड रहा था, जिस कारण उसमे से हल्का सा गर्म चिकना मदमस्त रस निकलता सा महसूस होने लगा, मे इस रस को अपने मुहँ मे पीना चाहता था, लेकिन दीदी को कहने से डर रहा था, तभी दीदी मानो मेरे मन की इच्छा भाप गयी और वह मेरे ऊपर चड़ गयी और मेरे लंड को मुहँ मे लेकर आईसक्रीम की तरह चूसने लगी, उसने अपनी रस भरी चूत को मेरे मुहँ के पास कर दिया, हम दोनो 69 की पोज़िशन करके में भी पिंकी की चूत को मुहँ मे लेकर चूसने लगा. वो लंड चूसने मे मस्त थी.

करीब 15 मिनिट तक लंड चूसने के बाद मैने पिंकी दीदी से बोला की प्लीज़ , थोड़ा रुक-रुक कर चूसो, नही तो तुम्हारा मुहँ कही खराब न हो जाये, तो वह ज़ोर-जोर से हँसते हुये बोली की तेरे जीजाजी तो रोज़ ही मेरा मुहँ खराब करते है. खेर कोई बात नहीं जब तेरा दिल चाहे मेरे मुहँ पर लंड से पिचकारी छोड़ देना, कुछ ही देर मे दीदी की मस्त रसीली चूत सिकुड़ने लगी और वो मेरे सिर को चूत पर दबाने लगी और उनकी चूत का मजेदार नमकीन पानी मेरे मुहँ पर छोड़ दिया और अपनी आँखों को बंद कर मुहँ से अजीब सी सिसकारियां लेने लगी थी.

मेरे लंड ने अभी तक जवाब नहीं दिया और जब उसका मन चूमा चाटी से भर गया तो कहने लगी की चल अब जल्दी से अपनी प्यारी दीदी को चोद दे, और ऐसा कह वो अपनी टांगों को फैलाते हुये अपनी चूत को चोड़ा कर बोली फाड़ दे भाई अपनी दीदी की चूत को तेरे इस मोटे और लम्बे लंड से, इसके बाद मे मैने अपना लंड उनकी चूत पर रख कर चूत मे ज़ोरदार घुसाया तो वह बिलबिला उठी और कहने लगी की ऐसा लंड तो मेने अपने जीवन मे कभी नही खाया, यदि आज यहाँ मम्मी होती तो. ऐसा कह वह मस्ती मे आखँ बंद कर चुप हो गयी और उस वक्त तो मे यह सुनकर चुप हो गया क्योकि मे भी इस पल के मज़े को भूलना नही चाहता था, लेकिन कुछ मिनटों के धक्को के बाद मेने उससे पूछ ही लिया की ऐसा लंड कभी नही खाया और मम्मी होती तो, इसका क्या मतलब है.

क्या तुमने जीजाजी के अलावा और भी लंड खाये है, तो वो हँसते हुये बोली की अब तुझसे क्या छुपाना, मम्मी शुरू से ही पापा की गेर मोज़ूदगी मे अपनी जवानी की गर्मी घर मे मुझे पढ़ाने आने वाले टीचर से और मेरे चचेरे मामा से मिटवाती थी, जब मे यह राज जान गयी तो मम्मी ने मुझे भी खुली आज़ादी दे दी और कहाँ की केवल चुनिंदा लोगो से ही मज़ा लो जो की खुद की इज़्ज़त बचाने के साथ-साथ हमे भी बदनाम ना करे, नही तो हम माँ बेटी किसी को मुहँ दिखाने के काबिल नही रहेगी,

फिर मैने कस कस कर धक्के मार कर उसकी चूत चोद रहा था. वो भी जवाब मे अपनी गांड उठा कर मेरा लंड झाड़ तक अपनी चूत मे लेते हुये बोली हम माँ बेटी की किस्मत ही खराब थी जो की तुम जैसा गबरू जवान मर्द घर मे होते हुये हम दोनो तरसती रही, इसके बाद जब तक दीदी रही में रात दिन पिंकी दीदी को चोदता रहा. उसके जाने बाद अब बिना चुदाई एक रात काटना मेरे लिये भी असंभव सा लग रहा था, क्योकि ऐसी मस्त चूत खाकर मेरा लंड भी अब और चूत की चुदाई के लिये तरसने लगा. मैं संकोच के मारे पिंकी की मम्मी यानी की आंटी जी को चोदने से घबरा रहा था

एक दिन पिंकी दीदी का फोन आया, और उसने मुझसे पूछा की तूने अब तक कितनी बार मम्मी को चोदा तो जब मेने कहाँ की मेने तो आंटी की तरफ देखा भी नही तो उसने माथा पीट लिया, और कहने लगी की अब क्या मे वहाँ आकर तेरे लंड को पकड़कर मम्मी की चूत मे डालूं ? मे कुछ बोल नहीं पाया, तो उसने कहाँ की चल मम्मी से बात करा, मेने मम्मी को फोन दे दिया और मे कमरे से बाहर चला गया, मम्मी बहुत देर तक दीदी से बात करती रही. रात मे गर्मी कुछ ज़्यादा ही थी, इस कारण मे लूँगी और बनियान पहनकर टी.वी. देख रहा था, की आंटी भी हॉल मे ही आ गयी और बोली की अंदर बेडरूम तो मानो भट्टी सा तप रहा है, मे भी यही कूलर की हवा मे सो जाती हूँ ऐसा कह आंटी ने मेरे बेड के पास ही अपना बिस्तर लगा लिया और सोने लगी.

शनिवार नाइट होने की वजह से मे भी काफी रात तक टी.वी. देख रहा था क्योकि अगले दिन रविवार के कारण किसी बात की जल्दी नही होती और मे देर तक सोता रहता हूँ. तभी मेने गोर किया की आंटी जो की मेरे सामने ही ज़मीन पर बिस्तर पर सोये हुये थे, ने अचानक करवट ली और मादक अंदाज़ मे अपना हाथ अपने ब्लाउज मे डाल कर अपनी साड़ी के पल्ले को अपने सीने से हटा दिया, और वापस सोने का नाटक करने लगी, जब मेने आंटी की तरफ गोर से देखा तो मेने पाया की उन्होने अभी जो ब्लाउज पहना था उसका गला इतना छोटा था की उसमे से उनके आधे से ज़्यादा स्तन बाहर आ रहे थे जब उनका पल्ला सीने से हटा तो मे आंटी के ब्लाउज के हुको को देख अचरज मे पड़ गया उनके ब्लाउज के केवल तीन हुक लगे थे,

इसका मतलब आंटी को यह आइडिया पिंकी दीदी ने ही दिया होगा, मेने जब गोर किया तो पाया की ब्लाउज मे उन्होने ब्रा भी नही पहनी थी, की तभी आंटी ने फिर करवट बदली और इस बार अपने पेरो को ऐसे उठाया की उनकी साड़ी उनके घुटनो के ऊपर हो गयी और उनकी गोरी गोरी जाघ दिखाई पड़ने लगी.एक तो टीवी पर चलती सेक्सी मूवी और ऊपर से मेरे इतने पास आंटी को इस हाल मे देख मेरा हाल बुरा हो रहा था, आंटी भी गर्मी के कारण बेचैन लग रही थी, तभी आंटी बोली की बेटा कूलर भी मानो आग उगल रहा है,पूरे कपड़े पसीने मे भीग रहे है. नींद ही नही लग पा रही है, तो मे हिम्मत कर के बोला की आंटी एक काम करो, थोड़े कपड़े उतार लो, रात मे कौन देखता है, आप चाहो तो मे छत पर सो जाता हूँ, तो आंटी बोली की हाँ बेटा यही ठीक रहेगा, और तू भी यही कूलर मे सो जा, तुझसे कैसी शर्म, बस ज़रा लाइट बंद कर दे,.

तब मेने तुरंत लाइट बंद कर दी और टीवी देखने लगा, तो आंटी उठी और उसने अपनी साड़ी खोल कर एक तरफ रख दी और सामने के बाथरूम मे पेशाब करने लगी, शायद उन्होने जानबुझ कर बाथरूम का दरवाजा बंद नही किया, मेने तिरछी निगाहों से देखा तो उनकी मोटी-मोटी गांड के दर्शन हो गये, जब वो वापस आई तो वो केवल पेटीकोट ब्लाउज मे सोने लगी. और बोली अनिल बेटा, ज़रा मेरे पैरो मे तेल तो लगा दो तो में तेल की शीशी ले आया तो देखा उनका पेटीकोट तो पहले से ही घुटनो तक उठा हुआ था, मैने उनके पैरो पर तेल लगा कर मालिश करना शुरु किया तो वो बोली की हाँ अब आराम लग रहा है लेकिन सारा बदन दर्द हो रहा है तो मैने कहाँ की ऐसा करो आप उलटे लेट जाओं तो में आप की पीठ मे भी मालिश कर देता.

उन्होने ब्लाउज के सभी हुको को खोल दिया और उलटे लेट गये, अब में उनकी कमर पर तेल लगा कर मालिश करने लगा और बीच बीच मे मेरी हथेली उनकी चूचियों के साइड मे भी लग रही थी, इस उम्र मे भी आंटी के स्तन टाइट भरे हुये और कड़क थे की मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ, में तेल लगाते लगाते उनकी कमर तक आ गया और फिर मेने उनके मुहँ से हल्की सी मादक आवाज़ सुनाई देने लगी और उन्होने अपनी आँखें बंद कर रखी थी
अब उन्होने कहा दीनू बेटा ज़रा पैरो की पिंडली मे  तेल लगा दो यह कह कर वो पीठ के बल लेट गयी मैने देखा जब वो सीधी सोई थी तो उनके ब्लाउज के सारे हुक खुले थे और उनकी चुचियाँ उनकी साँसों के साथ ऊपर नीचे हो रही थी यह देख कर मेंरा लंड तो खड़ा होकर लूँगी से बाहर आने को बेताब हो गया फिर मेने भी मोका पाकर पैरो की मालिश करते करते पेटीकोट मे हाथ डालना शुरू कर दिया, और अपनी उंगलिया उनकी जाघो पर फिराते हुये उनकी टांगों को फैला दिया जिससे उनका पेटिकोट थोड़ा ऊपर सरक गया और मुझे उनकी चूत के दर्शन होने लगे मैने देखा की चूत पर खूब घने काले-काले बाल दिख रहे थे.

फिर मैने हिम्मत करके उनकी चूत तो टच किया तो उन्होंने अपने पूरे बदन को कड़क कर हल्की सी उचक गयी लेकिन अपनी आँखें नही खोली. फिर मैने धीरे धीरे उनकी चूत की दरारो को उंगली से सहलाना शुरु किया फिर मेने मोके की नज़ाकत को भाँप कर अपना एक हाथ उनके स्तनो पर रख उनको ज़ोर-जोर से मुठी मे भिचाने लगा, उनकी दोनो चुचियाँ कड़क होकर फूल गयी थी.

और में उनकी अंडर आर्म्स जिसमे घने बाल थे को चूमने लगा. उनकी अंडर आर्म्स से आ रही मादक खुशबु ने मेरा लंड राड जैसा खड़ा कर दिया, अब उन्होंने मुझे अपने करीब सुलाते हुये मेरी लूँगी खीच कर मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और उसे मुहँ मे लेकर ज़ोर-जोर से चूसने लगी, मैने भी उनको अपने सीने पर खीच कर उसकी चूत को खूब चूसा, अब तो सारी मर्यादाये छोड़ के निसंकोच आंटी की चूत चटाई करने लगा उनकी चूत इतनी टाइट लग रही थी मानो बरसो से प्यासी हो.

जब वो गरम हो गयी तो वो बोली अनिल बेटा, अब मुझसे रहा नहीं जाता. डाल दो तुम्हारा लोड़ा मेरी प्यासी चूत मे और मैने उनके पैरों को फैलाते हुये अपना लंड चूत मे डाल कर चोदना शुरू किया और करीब 20-25 मिनिट तक उन्हे चोदता रहा इस दरमियाँ वो 2 बार झड़ चुकी थी आंटी चुदवाते समय बड़ी अजीब सी गंदी-गंदी बातें और गालियाँ बोले जा रही थी, जिसे मे भी अनसुना कर चुदाई का मजा ले रहा था, वो बेटी से भी ज्यादा चुदकड़ महिला थी करीब रात 4 बजे तक मैने उनको 3 बार कई स्टाइल मे चोदा और 2 बार गांड भी मारी. सुबह जब उठा तो वो मेरे बगल मे बिल्कुल नंगी सोई थी और उनकी चूत मेरे मोटे और लंबे लंड के कारण फूल कर सूज गयी थी.

धन्यवाद

कजिन सिस्टर को दे घचाघच

दोनो बेटे मुझे चोदे बिना सोते ही नही हैं


पूरा परिवार मुझे चोदता रहा

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हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम नीरजा है ओर मेरी उम्र इस वक़्त 42 के करीब है. मैं एक बहुत ही सुंदर, ओर सेक्सी लेडी हूँ. मेरा फिगर है 38 32 34 मेरा रंग सॉफ है ओर दिखने मैं 42 की नही 28-30 की लगती हूँ. कोई भी मुझे देख कर ये नही कह सकता की मेरी उम्र 42 होगी.

मैं एक स्कूल टीचर हूँ ओर स्कूल मैं सभी टीचर मुझे देख कर ओर मेरी कमर को मटकती देख कर आहें भरते हैं. खेर अब मैं आप लोगों को अपनी फेमिली के बारे मैं बताती हूँ. मेरे पति की उम्र 44 है ओर वो एक बिज़्नेसमॅन हैं ओर मेरे दो बेटे हैं.

उनकी उम्र 20 है दोनो ही बहुत सुंदर हैं ओर करीब 6 फीट के करीब है. दोनो की. मैं अपने परिवार के साथ बहुत खुश हूँ. मेरे पति का इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस है. हम राजस्थान मैं जोधपुर मैं रहते हैं ओर वहीं के एक गॉव स्कूल मैं मैं हिन्दी की टीचर हूँ. मेरे दोनो बेटे कॉलेज मैं पड़ते हैं. मेरे पति को बिजनेस की वजह से दो-दो तीन-तीन महीने घर के बाहर रहना पड़ता है ओर घर पे एक दो दिन के लिए ही आते हैं.

बात आज से 1 साल पहले की है. मेरे पति को मुंबई जाना था बिजनेस की वजह से. लास्ट दो तीन साल से तो वो ज्यदातर घर के बाहर ही रहने लगे हैं बिजनेस की वजह से ओर घर पे भी बहुत ही कम आते हैं. लेकिन जब एक दो दिन के लिए आते हैं तो मुझे पूरी संतुष्ट कर के ही वापिस जाते हैं.

अभी उन्हे आए एक दिन ही हुआ था ओर उस रात हम दोनो एक दूसरे की बाहों मैं खोए हुए थे ओर एक दूसरे से प्यार कर रहे थे उनके होंठ मेरे होंठों मैं थे ओर वो मेरे बदन से खेल रहे थे ओर मैं उनके लंड से खेल रही थी की तभी उनके मोबाईल की घंटी बजी उठी उन्होने मोबाईल उठाया ओर वो उनके मेनेजर का मोबाईल था. उसने कहा था की उन्हे अभी मुंबई के लिए निकलना होगा. अगर वो नही गये तो उनका 25-30 लाख का नुकसान हो जाएगा.

मेरे पति तभी उठे ओर तेयार होने लगे ओर मुझे वैसे ही तडपती हुई छोड कर चले गये. आज तक ऐसा कभी नही हुआ था. ओर मैं अपने रूम मैं तडपती ही बैठी रही. मुझे सारी रात नींद नही आई ओर मैं करवटें बदलती रही. नेक्स्ट दिन उनका मोबाईल आया की हो सकता है वहीं से उन्हे कॅनाडा जाना पड़े इस लिए हो सकता है की वो 2-3 महीने तक घर पे नही आ सकेंगे. उनकी ये बात सुन कर मैं ओर भी तड़प उठी की पहले ही वो 3 महीने बाद घर पे आए थे ओर उपर से 3 महीने ओर निकालने पड़ेंगे. मुझे रात को उनकी बाहों मैं खोना ओर उनका प्यार करना याद आ रहा था.

यू ही तिन चार दिन बीत गये लेकिन मेरी रातों की नीड उड़ गई थी. अब मुझे सेक्स की भूख सताने लगी थी की एक तो वो पहले ही 3 महीने के बाद घर पे आए थे ओर उस रात भी वो मुझे यू ही तड़पता हुआ छोड गये थे. कभी कभी मेरा मन करता था की कितने मर्द मरते हैं मुझ पर क्यूं ना किसी से अपनी प्यास बुझा लूँ. लेकिन मैं अपने आप को एक पवित्र ओरत समजती थी इस लिए कभी भी मैने किसी ओर के बारे मैं सोचा भी नही था.

यू ही दिन गुजर रहे थे. मेरे दोनो बेटे सुबह 6 बजे जिम चले जाते थे ओर मैं घर पे नास्ता वग़ैरा तेयार करती थी. वो करीब 7 बजे वापिस आ जाते थे उनके लिए मैं नाश्ता पहले ही तेयार कर लेती थी फिर वो नहा कर नास्ता कर लेते थे ओर मैं 8 बजे स्कूल के लए निकल जाती थी ओर वो दोनो कॉलेज के लिए. मैं करीब 2 बजे वापिस आ जाती थी ओर वो भी करीब 2 या 3 बजे वापिस आ जाते थे.

फिर हम लोग अपने अपने रूम मैं रेस्ट करते ओर शाम को एकसात खाना खाते थे ओर फिर कोई 9 बजे तक एक सात ही टीवी देखते थे. ओर उसके बाद हम अपने अपने रूम मैं जिसका जीतने टाइम तक दिल करता टीवी देखता ओर सो जाता यही हम सब की डेली की रूटीन थी . दिन हर रोज सेम ही थी.

मेरा मन बहुत ही बेचैन रहता था. मेरे दोनो बेटे मेरे बेडरूम के साथ एक स्टडी रूम था ओर उसके साथ दो बेडरूम थे उसमे सोते थे. दोनो के रूम के साथ सेंटर मैं एक ही बाथरूम थे जो दोनो रूम से अटॅच था. कभी कभी जब बेटे घूमने गये होते थे तो मैं स्टडी रूम मैं बैठ कर कंप्यूटर पे चैटिंग वगेरह कर लेती थी वो भी मुझे मेरी एक फ्रेंड ने सिखाया था. यू ही दिन निकल रहे थे.

मेरे पति को गये हुए 10-12 दिन हो गये थे. मैं रात को कभी अपने रूम से बाहर नही निकलती थी. उस दिन मैं कोई 10 बजे सो गई थी ओर करीब 1:30 बजे के करीब मेरी आँख खुल गई मुझे लगा जैसे मैने कोई आहट सुनी हो लेकिन रूम मैं कोई नही था. मैं बाथरूम गई ओर पानी पीने के लिए टेबल के पास गई तो देखा की आज मैं अपने लिए पानी रखना ही भूल गई थी.

सो मैं पानी पीने के लिए अपने रूम से बाहर निकली ओर रसोई मैं से पानी लिया ओर वापिस आपने रूम की तरफ आ गई लेकिन जैसे ही मैं स्टडी रूम के पास पहुँची तो एक दम से रुक गई की स्टडी रूम की लाइट जल रही थी. मैं हैरान रह गई को की स्टडी रूम की लाइट तो आज मैने खुद ही बंद की थी फिर ये जल कैसे रही थी. मैने जैसे ही दरवाजे के पास पहुँची मुझे अंदर से कुछ आवाज़ें आती हुई सुनाई दी तो मैं हैरान रह गई की अंदर से आह्ह्ह उहहहह की आवाज़ें आ रही थी.

मैं दरवाजा खोलने ही वाली थी की तभी मेरे मन मैं ना जाने क्या आया की मैने दरवाजे पे ना ही कोई दस्तक दी ओर ना ही दरवाजा खोला बस हाल पे आँख लगा दी ओर जैसे ही मैने अंदर का नज़ारा देखा मेरे तो होश उड़ गये. मैने देखा की अंदर मेरे दोनो बेटे बैठे हुए थे ओर कंप्यूटर पर एक सेक्सी मूवी देख रहे थे.

दोनो ने अपनी अपनी पेंट उतारी हुई थी ओर दोनो ही अंडरवेयर पहने घुटनो के बल ज़मीन पे बैठे हुए थे ओर दोनो ने अपने अपने लंड निकाल के हाथ मैं पकड़े हुए थे ओर उन्हे सहला रहे थे. दोनो के लंड करीब 8.5 से 9 इंच लंबे ओर 3 से 3.5 इंच मोटे होंगे.

मैने देखा की वो मूवी देख रहे थे ओर छोटा बेटा चिराग जो की विराज से 3 मिनट छोटा था कह रहा था है भाई ये मूवी आप कहाँ से ले कर आए हो बहुत मजेदार है ओर ये कहते कहते वो दोनो अपने लंडो को आगे पीछे कर रहे थे. मूठ मार रहे थे. मैं बाहर खड़ी उन दोनो के लंडो को निहार रही थी जो की तने खड़े थे. मेरे मन मैं ये विचार आया की अभी मेरे बच्चे जवान हो गये हैं.

मैं अभी ये सब सोच ही रही थी की तभी दोनो के लंडो ने पिचकारी मार दी ओर दोनो फ्री हो गये ओर चिराग बोला भाई अब चल के सो जाते हैं. बाकी मूवी कल देखेंगे तो विराज बोला की ठीक है. उन्होने कंप्यूटर बंद कर दिया ओर मैं झट से वहाँ से अपने रूम मैं आ गई. मैं सोच रही थी की अब मेरे बेटे जवान हो गये हैं अब की बार जब इनके पापा घर पे आएँगे तो मैं उनसे बात करूँगी ओर इन दोनो की शादी करवा दूँगी. यही सब सोचते सोचते ही मुझे नींद आ गई. मैं सुबह जब उठी तो दोनो बेटे जिम जा चुके थे.

मैने उनके लिए नास्ता तेयार कर दिया ओर अपने डेली काम पे लग गई. सारा दिन बीत गया ओर फिर रात को 9:30 मैं अपने रूम मैं चली गई. आज मैं सोई नही थी जाग ही रही थी बस मैं नाटक कर रही थी सोने का. करीब 12:30 बजे मैं अपने रूम मैं से बाहर आई तो देखा की स्टडी रूम की लाइट जल रही है मैने जब अपनी आख हाल पे लगाई तो देखा की वो दोनो अभी कंप्यूटर ऑन ही कर रहे थे ओर विराज कह रहा था.

चिराग माँ सो गई की नही तूने ठीक से देखा की नही तो चिराग बोला की हाँ मैने देखा है माँ सोई हुई हैं फिर उन्होने मूवी ऑन की ओर लग गये देखने ओर साथ ही दोनो ने अपने लंड भी निकाल लिए थे ओर उन्हे भी मसलने लग गये थे. एक बार तो मेरा मन किया के दोनो को अन्दर जा कर अभी एक एक तपड लगा दूँ लेकिन फिर मैं वहीं पे ही खड़ी सब देखती रही. ओर फिर कल रात की तरह आज भी दोनो ने फ्री हो कर कंप्यूटर बंद कर दिया ओर वो अपने रूम मैं चले गये लेकिन मैं उनसे पहले ही अपने रूम मैं पहुँच चुकी थी.

फिर दो दिन वो स्टडी रूम मैं नही आए ओर फिर उससे अगली रात वही सब हुआ जो पहले दो दिन हुआ था. अगले दिन वो मुझे ये कह कर गये की माँ आज हम अपने दोस्तों के साथ कहीं बाहर जा रहे हैं शाम को देर से लौटेंगे तो मैने कहा की ठीक है ओर घर आ कर मैने भी कंप्यूटर ऑन किया ओर चैटिंग करने लगी. चैटिंग करते करते मेरी बात एक मुंबई के लड़के अब्दुल से हुई जो की 28-29 साल का था मैं काफ़ी देर उससे बातें करती रही ओर उसने मुझे अपने ओर मैने उसे अपनी लाइफ के बारे मैं बताया तो वो बोला की फिर तो आप बोर हो जाती होंगी तो मैने कहा की वो तो है तो उसने मुझे “sexsamachar.com ” का लिंक भेजते हुए कहा की आंटी यहाँ पे कुछ कहानियाँ बहुत मजेदार होती हैं. जब बोर हो रहे हौगे तो पड लेना मैने पूछा की ये कैसी कहानियाँ हैं तो बोला की जब आप पड़ोगे तो पता चल जाएगा बहुत मस्त होती हैं. मैने कहा की ठीक है. ओर फिर वो बोले की अभी उसे जाना है हम कल बात करेंगे. मैने कहा की ठीक है ओर फिर उसने साइन आउट कर दिया. मैने सोचा की मैं क्या करूँ तो मैने वो लिंक पे क्लिक करा तो मेरी आँखें फटी की फटी ही रह गई की वहाँ पे लिखा था सेक्सी स्टोरी जो की देवर्, भाभी, भाई बहन ओर बाप बेटी की कहानियाँ थी. मैं ना चाहते हुए भी उन्हे पड़ने लगी. मेरा मन नही मान रहा था उन्हे पड़ने को लेकिन फिर भी मैने उन्हे पड़ना बंद नही किया. फिर मैने एक कहानी पड़ी माँ ओर बेटे की.

जिसका नाम था “नीरजा मम्मी और शिप्रा आण्टी” वो स्टोरी पड़ते पड़ते मैं तो हैरान ही रह गई ओर मैने कंप्यूटर बंद कर दिया ओर उठ खड़ी हुई. लेकिन मेरे होश अपनी जगहे पे नही थे की क्या दुनिया मैं ऐसा भी हो सकता है.
फिर मैने रात का खाना तेयार करा ओर इतने मैं चिराग ओर विराज भी आ गये फिर हम ने खाना खाया ओर हम अपने अपने रूम मैं चले गये सोने के लिए. आज मैं रूम मैं जाते ही सो गई लेकिन मुझे नींद नही आ रही थी.

रात के 12 बज चुके थे लेकिन मैं जाग रही थी करीब 1 बजे मैं उठी ओर रूम से बाहर निकली ओर स्टडी रूम के पास गई लेकिन आज वहाँ पे कोई भी नही था स्टडी रूम की लाइट बंद थी. आज ना जाने को मेरा मन वही सब दुबारा देखने का हो रहा था. मैं वापिस अपने रूम मैं आ गई ओर सोने की कोशिश करने लगी पता नही मुझे कितने बजे नींद आई लेकिन सुबह उठी तो दोनो जिम जा चुके थे. अगले दिन फिर मैं जल्दी अपने रूम मैं चली गई ओर लेट गई.

उस दिन भी मेरी आखो मैं नींद नही थी. मैं करीब 1 बजे उठी ओर स्टडी रूम की तरफ गई तो देखा की लाइट जल रही है मैं झट से के हाल के पास गई ओर अंदर देखने लगी तो मैने देखा की आज भी दोनो अपने अपने लंड को हिला रहे हैं. लेकिन आज मुझे उन पे गुस्सा नही आ रहा था ना जाने आज ये सब मुझे देखना अछा लग रहा था ओर मेरा मन कर रहा था की मैं ये सब देखती ही रहूं ओर मेरा एक हाथ अपनी चूत को भी सहला रहा था. मुझे लगा की मेरे भी वहाँ पे खुजली होने लगी है. फिर वो दोनो फ्री हो गये ओर कंप्यूटर बंद कर दिया मैं जल्दी से अपने रूम मैं गई ओर सीधी बाथरूम मैं गई मैने अपनी नाईटी उपर की ओर पेंटी उतार कर अपनी चूत मैं उंगली आगे पीछे करने लगी ओर कोई 5 मिंनट बाद फ्री होकर आपने बेड पे आ गई.

मैने सोने की कोशिश की लेकिन मुझे नींद नही आ रही थी. आज बार बार मेरी आँखों के सामने मेरे बेटों के तने हुए फूंकारते हुए लंड घूम रहे थे. मुझे बार बार वोही सीन याद आ रहे थे. मैने आँखें बंद की तो लगा जैसे चिराग ओर विराज कह रहे हों आओ माँ आ जाओ हम तुमारी प्यास बुझा देंगे तुम हमारी बुझा दो. मैने झट से आँखें खोल दी आज वो स्टोरी पड़ने के बाद मेरे मन मैं भी ये ख़याल आने लगे थे की क्या ऐसा हो सकता है की क्या मैं भी अपने बेटों से चुदवा सकती हूँ मज़े ले सकती हूँ. यही सब सोचते सोचते रात निकल गई ओर सुबह सारा दिन स्कूल मैं मेरा मन नही लगा ओर मैं जल्दी घर आ गई. रात को फिर मैने 1 बजे उठ कर देखने की कोशिश की लेकिन आज फिर वो दोनो सो रहे थे.

मैं आपने रूम मैं आ गई मेरा मान कर रहा था की मैं भी उन दोनो के बीच मैं बैठ कर आज वो ही मूवी उनके साथ देखूं. ये सब सोचते सोचते मेरे मन ने फ़ैसला कर लिया था की मैं अपने बेटों को पटाने की कोशिश करूँगी ओर उनसे ही अपनी प्यास बुझाउगी. अगले दिन मैने स्कूल से छुट्टी ले ली ये कह कर की मेरी तबीयत ठीक नही है ओर घर पे ही रहने का फ़ैसला किया. जब दोनो बेटे कॉलेज चले गये तो मैने पीछे से वही हिंदी सेक्स स्टोरी डॉट बिज़ वेबसाइट खोली ओर उस पे मन बेटे की ओर बाकी जो भी थी सभी कहानियाँ पड़ी ताकी ये सोच सकूँ की मुझे अपने बेटों को कैसे पटाना है. ओर मैने चैटिंग करने की कोशिश की अब्दुल से लेकिन वो ऑनलाइन ही नही था सो मैने इस वेबसाइट के लिए उसे थैंक्स कहा. मैं 1 बजे तक कहानियाँ पड़ती रही ओर फिर मैने सारा प्लान तेयार कर लिया की मुझे क्या करना है. जब वो कॉलेज से आए तो मैं पूरी तरह से रेडी थी.

मैने लो कट वाली नाईटी पहन ली थी जो की मैं जादातर तब ही पहनती थी जब मैं रात को अपने पति के साथ होती थी को की उसमे से मेरी ब्रा ओर पेंटी हल्के हल्के दिखाई देते थे. ओर उसका गला इतना नीचे थे की पहनी हुई ब्रा ओर चूची का उभार गले मैं से अगर मैं थोडा झुक जाऊ तो साफ दिखाई देता था. मैने रात का खाना तेयार किया ओर टेबल पे लगा दिया ओर दोनो को आवाज़ लगी खाने के लिए वो दोनो ही टेबल पे आ चुके थे आज से पहले ओर अब से पहले मैं कभी भी उनके सामने इस नाईटी मैं नही गई थी.

अभी मुझे पहली बार उनके सामने जाना था इस नाईटी मैं. वो दोनो टेबल पे पास पास बैठे हुए थे. जैसे ही मैं खाना लेकर उनके सामने गई तो मुझे देखते ही दोनो की आँखों मैं मैने कुछ चमक सी देखी ओर दोनो ने एक दूसरे की तरफ देखा ओर तोड़ा सा मुस्कुरा पड़े लेकिन मैने उकी तरफ देखा नही ओर उनके बिल्कुल सामने खड़ी हो कर तोड़ा ज़ुक कर उन्हे खाना ओर सब्जी देने लगी. मेरे ज़ुकने की वजह से मेरी ब्रा उन्हे सॉफ दिखाई देनी थी मैने देखा की दोनो ही चोर नज़रों से मेरी चूची को ही घूर रहे थे.

मैं मन ही मन अपने पे मुस्कुरा उठी की पहली बार मैं ही मैं उन्हे अपना जलवा दिखाने मैं कामयाब हो गई हूँ. फिर हम ने खाना खा लिया ओर हम टीवी देखने लगे. आज मैं उनके सामने सोफे पे बैठी हुई थी ओर मैने देखा की वो भी बार बार मेरी तरफ देख रहे थे लेकिन मैने ऐसे शो किया जैसे मुझे पता ही ना हो फिर वो जब भी मेरी तरफ देखते मैं जान बूझ कर अपनी चूची को तोड़ा सा मसल देती या उन्हे सहलाने लगती ओर कभी कभी उन्हे अपने हाथों से उपर को उठती. मैने देखा की मैं जब भी ऐसा करती थी वो मेरी तरफ ही देख रहे होते थे. फिर रात के 9 बज गये ओर मैं अपने रूम मैं चली गई. ऐसे ही दो तीन दिन बीत गये लेकिन बात इससे आगे नही बड रही थी ओर ना ही लास्ट तीन दिन से वो रात को स्टडी रूम मैं आए थे.

अगले दिन भी जब हम खाना खाने के बाद टीवी देखने के लिए बैठे तो मैने आज उन्हे अपनी चूची को मसलना तो दिखाया ही साथ ही जब भी वो देखते थे मैं अपनी चूत को भी एक हाथ से सहला देती थी ऐसे जैसे की खुजली कर रही हू. आज मैने देखा की मैं जब भी उनकी तरफ देखती थी तो वो दोनो ही अपने अपने लंड को सहलाने लगते थे. मुझे लगा की अब बात कुछ आगे बड रही है. मैने देखा की उनके लंड उनकी पेन्ट मैं तने हुए थे ओर फंनफना रहे थे मुझे देखते ही वो उन्हे मसल देते थे

. फिर करीब 9 बजे मैं अपने रूम मैं चली गई. आज मेरे मन मैं कुछ ओर ही करने का इरादा था. मैं सो गई 12 बजे बाहर गई लेकिन वो आज भी वहाँ नही थे. सुबह जब मैं उठी तो मैं सब से पहले उनके रूम मैं गई मैने देखा की वो जा चुके थे जिम.

मैं अपने रूम मैं वापिस आई मैने अपने रूम की टूटी खराब कर दी ओर नाश्ता बनाने लग गई. जब वो दोनो वापिस आए तो मैने विजय के रूम मैं ही उन्हे नाश्ता पकड़ा दिया वो दोनो खाने लगे तो मैने कहा की ओर कुछ चाहिए तो दोनो ने मेरी बोब्स को घूरते हुए कहा की नही तो मैने कहा की ठीक है फिर मैं आज यहाँ पे तुम्हारे बाथरूम मैं नहा लेती हूँ. मेरे बाथरूम की टूटी खराब हो गई है ओर विराज से कहा की कॉलेज से आते वक़्त वो प्लमबर को साथ मैं ले आए ताकी वो टूटी ठीक हो सके तो वो बोले की ठीक है. मैं अपने रूम मैं गई वहाँ से अपनी ब्रा पेंटी ओर दूसरे कपड़े ले कर आ गई ओर बाथरूम मैं घुस गई.

मैने ये सब सिर्फ़ इस लिए किया था की मैं सिर्फ़ ये देखना चाहती थी की उनपे कुछ असर हुआ भी है की नही अगर उन पे असर हुआ है तो क्या वो अपनी माँ को नंगी देखते हैं की नही अगर नही देखते तो मेरी सारी मेहनत बेकार है. मैं जैसे ही बाथरूम मैं घुसी मैने अपनी आँखें हांल पे लगा दी ओर देखा की उन्होने जल्दी से नाश्ता खत्म किया ओर विराज बाथरूम की तरफ आ गया ओर चिराग को उसने अपने रूम की तरफ जाने को कहा मैं समज गई की वो उस रूम मैं से मुझे देखेगा जब विराज होल पे झुकने लगा तो मैं पीछे हट गई ओर मैं अपने कपड़े उतरने लग गई.

अब मैं जान बूझ कर हांल के बिल्कुल सामने ब्रा ओर पेंटी मैं खड़ी थी. फिर मैने धीरे से ब्रा उतारी ओर फिर पेंटी भी उतार दी ओर मैने शावर ऑन कर दिया. अब मैं कभी चिराग को ओर कभी विराज को अपनी चूत के दीदार करवा रही थी. मेरी चूत पे काफ़ी बॉल उगे हुए थे. मुझे पता था की दोनो ही बहुत बेताब हो कर अपनी माँ को नहाते हुए देख रहे होंगे. मैने दोनो के सामने खूब मसला अपनी चूची को ओर अपनी चूत को ओर फिर नहा कर कपड़े पहनने लगी. जब मैं बाहर आई तो विराज ओर चिराग बेड पे बैठे हुए थे

. मैने दोनो की तरफ हल्की सी मुस्कान उछालते हुए पूछा नास्ता कर लिया बचो तो वो बोले की हाँ कर लिया. फिर मैं अपने रूम मैं गई. अब मुझे तसल्ली थी की मैं जल्दी ही कामयाब होगी. फिर रात को हम टीवी देखने के बाद अपने अपने रूम मैं चले गये ओर मैं सोने का नाटक करने लगी. करीब 12:30 बजे मैं उठी ओर स्टडी रूम की तरफ गई ओर वहाँ पे जाते ही मेरी आखें चमक उठी की मैने देखा की स्टडी रूम की लाइट जल रही थी.

इसका मतलब था की वो दोनो ही अन्दर हैं मैने के हांल से आखें सटा दी मैने देखा की उनके लंड तने हुए हैं ओर उनके हाथों मैं हैं वो मस्त हो कर मूठ मार रहे थे. तभी मेरे कानो मैं चिराग की आवाज़ पड़ी वो बोला की भाई आप से एक बात कहूँ तो नाराज़ तो नही हो जाओगे तो विराज बोला की पागल है तू आज तक मैं नाराज़ हुआ हूँ कभी तुज़से भला बोल क्या बात है. चिराग बोला भाई बात ये है की क्या तुम्हे नही लगता की आज कल माँ कुछ सेक्सी सी होती जा रही हैं. विराज बोला की वो कैसे तो चिराग बोला की आज कल वो नाईटी देखी है आप ने उनकी तो विराज बोला की पगले एक बात मैं कहूँ तो चिराग बोला की कहिए तो विराज बोला की जो भी है हुमारी माँ है बड़ी मस्त चीज़ हमारी माँ का फिगर बहूत कमाल का है.

अरे पगले मेरा तो मन करता है की आज ये मूवी बंद कर ओर माँ के नाम पे मूठ मार लू तो चिराग बोला की मन तो मेरा भी ऐसा ही है ओर उनकी ये बातें सुन कर तो मैं मस्त हो उठी थी की मेरा तीर निशाने पे लगा है अब मेरे दोनो बेटे मेरे नाम पे मूठ मारने को तेयार हैं ओर अगर मैं ज़रा सा इशारा दू तो वो मुझे चोदने मैं भी परेज़ नही करेंगे. फिर वो फ्री हो गये ओर मैं झट से अपने रूम मैं आ गई. अब मेरी आँखों के सामने नये नये सपने सजने लगे थे की कैसे मैं अपने दोनो बेटों के साथ रातें बिताऊगी. आज फ्राइडे था ओर मैने फ़ैसला कर लिया था की कल को मैं अपने दोनो बेटों से चुदवा के ही रहूंगी ओर फिर सारा सन्डे हम पूरी ऐश करेंगे ओर मैं अपनी सारी कसर पूरी कर लूँगी.

अगले दिन मैं स्कूल गई लेकिन स्कूल से जल्दी ही वापिस आ गई ओर सब से पहले मैने अपनी चूत पे उगे हुए बालों को सॉफ किया ओर अपनी चूत को बिल्कुल चिकनी बना लिया ओर अपने बेटों के आने का इंतज़ार करने लगी मेरा इरादा था की आज मैं उन्हे मुझे चोदने के लिए तेयार कर लूँगी ओर सारी रात ऐश करूँगी उनके साथ. वो भी आज तोड़ा जल्दी ही आ गये थे. जब वो आए तो मैं अपने रूम मैं लेटी हुई थी.

दोनो ही मेरे पास आ कर बैठ गये ओर पूछा की माँ क्या बात है तो मैने कहा की आज तबीयत ठीक नही है थोड़ी कमर दर्द कर रही है ओर टाँगें भी दुख रही हैं. मैने विराज से कहा की विराज मेरी कमर दबा दो ओर चिराग तुम ज़रा टाँगें दबा दो तो वो बोले की हम चेंज कर के आते हैं ओर वो चेंज करने चले गये ओर जब वापिस आए तो दोनो ने लोवर ओर शर्ट्स पहनी हुई थी.

विराज मेरे पास आ कर मेरी पीठ दबाने लगा ओर चिराग मेरी टाँगें दबाने लगा दोनो का स्पर्श पाते ही मेरी चूत किलकारियाँ सी मारने लगी थी की वा अगर आज ये मान गये तो मज़े ही मज़े होंगे. फिर चिराग मेरी पीठ दबाने लगा ओर बीच बीच मैं कभी कभी मेरे चूतड़ भी दबा देता था. जब ओर चिराग भी टाँगें दबाते दबाते कभी कभी मेरे चुतड़ों के बीच मैं हाथ लगा देता था उनके ऐसा करने से मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था.

करीब 1 बज चुका था. फिर धीरे धीरे विराज ओर चिराग दोनो ही मेरे चुतड़ों को दबाने लग गये मैं कुछ भी नही बोली ओर मज़े से लेटे रही मैं तो चाहती ही थी की वो आगे बड़े की तभी दोनो ने मेरी टाँगों को सहलाना शुरू कर दिया. मैं एक दम से सीधी हो गई तो वो एक दम से डर गये तो मैने हंसते हुए कहा की क्या हुआ तो बोले की कुछ नही तो मैने कहा की एक बात कहूँ वो बोले कहिए तो मैने कहा की जो तुम दोनो कर रहे थे मुझे बहुत मजा आ रहा था जरा फिर से करो ना ओर अब मैं उनके सामने सीधी लेटी हुई थी.

दोनो ने एक दूसरे की तरफ देखा ओर फिर दोनो ही मेरी टाँगें सहलाने लगे ओर चिराग ने तो झट से अपना एक हाथ मेरी चूची पे रख दिया ओर लगा उन्हे मसलने मैने नाईटी ही पहनी हुई थी. अब चिराग ओर विराज दोनो ही मेरी एक एक चूची को सहला रहे थे तो मैने उनसे कहा की बेटा क्या क्या चाहिए तो दोनो एक साथ बोले माँ दूध पीना है तो मैने कहा की तो फिर देख क्या रहे हो पी लो क्या माँ कभी अपने बेटो को दुदू पीने से माना करती है भला. मैं तो मस्त हो रही थी पूरे मूड मैं थी मैं. दोनो ने ही मुझे उठा कर मेरी नाईटी उतार दी ओर फिर ब्रा भी उतार दी ओर दोनो ही एक एक बोब्स को चूसने लगे मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था.

मैं मस्त होने लगी थी मेरी चूत मैं हलचल होने लगी थी. फिर मैने उनसे कहा की अपने अपने कपड़े उतार दो तो दोनो ने ही अपने अपने कपड़े उतार दिए ओर सिर्फ़ अंडरवेयर मैं ही रह गये. फिर से वो मेरे बोब्स चकने लगे ओर इस बार उन्होने मेरी पेंटी भी नीचे कर दी ओर दोनो ही मेरी चूत को भी सहलाने लगे. उनके लंड उनके अंडरवेवर मैं फंनफना रहे थे मैने दोनो के अंडरवेयर के बीच मैं ही दोनो के लंडो को पकड़ लिया ओर सहलाने लगी ओर उनके लंडो को पकड़ते ही मुझे लगा जैसे मैं कोई गरम रोड पकड़ी हो दोनो के लंड रोड की तरह गर्म थे.

फिर मैने उनके अंडरवेयर उतार दिए अब हम तीनो बिल्कुल नंगे थे. विराज बोला की माँ मुझे आपकी चूत चाटनी है तो चिराग बोला की मुझे अपना लंड चुसवाना है तो मैने कहा की जो दिल करता है करो मैने तुम्हे कब मना किया है. फिर विराज मेरी टाँगों के बीच मैं आ गया ओर मेरी चूत को चाटने लगा ओर चिराग ने अपना लंड मेरे मूह मैं घुसा दिया विराज मेरी चूत को ज़ुबान अन्दर डाल डाल के चाट रहा था ओर कभी मेरी चूत को भी चूसने लगता था. अब मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था मैं सिसकने लगी थी.

चिराग का लंड मूह मैं होने की वजह से मेरे मूह से गून गून की आवाज़ें आ रही थी. चिराग ने मेरे मूह से अपना लंड निकल लिया तो मैं दोनो के लंडो को सहलाने लगी. ओर कह रही थी आ हाईईइ मेरे बेटो अहह खूब चूसो अपनी माँ को आ है उफफफ्फ़ अहह क्या गजब है अहह अहह हाई उफफफफफफ्फ़ बुझा दो आज मेरी आग हाईईईईईईई ईईईईईई ईई हाईईईईईई  ह अफ ओह ओर ज़ोर से अहह विराज बेटा बहुत मज़ा आ रहा है आ हाईईई ईई ओह उफफ फफफफ फ फफफ फफ फफ फफफफफ  फफफफफफ फ फफफ फफफ फ फफफ फफफफ फफफ्फ़ ओर वो तो बस दोनों लगातार लगे हुए थे मेरी चूत ओट बोब्स को चाटने. फिर विराज मेरी चूची को दबाने लगा ओर चिराग मेरी टाँगों के बीच पहुँच गया ओर मेरी चूत को चूमता हुआ बोला की माँ क्या हम दोनो यहीं से निकले हैं तो मैने कहा की हाँ तुम दोनो यहीं से निकले हो बस फिर क्या था. उसने मेरी चूत मैं अपनी ज़ुबान पूरी घुसा के अंदर बाहर करने लगा मैं मस्ती की चरम सीमा पे पहुँच गई ओर आ हाईईइ उफफफफ्फ़ आ है चिराग बेटा बहुत मज़ा आ रहा है.

अह  ओफफफफ फफफफफ फफफफफफफफफफफफफ्फ़ ओर ज़ोर से बेटा तो वो दोनो बोले की माँ असली मज़ा तो अभी आएगा जब हम दोनो आपको चोदेगे तो मैने कहा की सच मैं बेटा अहह अहह उफफफफ्फ़ ओर ज़ोर से आ पी जाओ अपनी माँ का दुदू इसी से ताक़त मिलेगी अहह तो वो बोले की मों आपके दूध की ताक़त ही तो दिखानी है. आज आपको ओर मैने कहा हाँ बेटा दिखा दो अहह उईईईईईईईईईईईईईईईईइ इ इ इ माआआआ उफफफफफफ्फ़ ओर चिराग तो कमाल ही कर रहा था वो तो मेरी चूत को ऐसे चूस रहा था जैसे की लोलीपॉप हो मैं पूरी तरह मस्त हो कर मज़े ले रही थी. ओर वो दोनो मुझ पर ऐसे टूटे हुए थे जैसे मुझे खा ही जाएँगे मैं तड़प रही थी चिराग इतने प्यार से मेरी चूत को चाट रहा था की उसके पापा ने भी कभी नही चाटी थी ऐसे ओर मैं कह रही थी.

आह तुम तो आहह अपने पापा से भी अहह अच्छी चाटते अहह हो बेटा आ उफफ फफ फफफ्फ़ ओह हाईईईई ई ईईई ईईईई ईईईईउ उ उ उ अहह अहह अहह अहह बहुत मस्त कर रहे हो मुझे अहह अहह ओर अब मैं बहुत ही बेचैन हो रही थी मेरी कमर उठ उठ कर उन्हे मुझे चोदने का निमंत्रण दे रही थी. अब मुझसे रहा नही जा रहा था क्युकी की दो जवान लंड थे मेरे सामने मेरी चूत भी गिली हो चुकी थी. चिराग उसे चाटता हुआ बोला की माँ आपकी चूत चिप छिपी सी को हो रही है तो मैने कहा की बेटा ये चिप छिपी नही हो रही है ये तुम दोनो के लंडो को देख कर उनसे चुदवाने के लिए लार टपका रही है बेकरार है ये अब तुम दोनो से चुदवाने को.

सो मैने कहा की अहह बेटा अब चोद भी दो अपनी माँ को अहह अब रहा नही जा रहा है अहह प्लज़्ज़्ज़्ज़ जल्दी करो अहह हाईईई ईईईई उफफ फफफ्फ़ मत तड़पाओ अब. तो एक बेटा बोला की माँ तोड़ा ओर चाटने दो बहुत मज़ा आ रहा है आपकी चूत को चाटने मैं ओर फिर से ज़ुबान घुसा दी उसने मेरी चूत मैं तो मैने कहा की अहह हाई तुम दोनो भी ना बिल्कुल अपने पापा पे गये हो तो वो बोले की वो कैसे तो मैने कहा की वो भी बिल्कुल तुम्हारी तरह ही मेरी चूत चाटते हैं ओर मुझे अपना लंड चुसवाते हैं ओर बहुत तड़पाते हैं मुझे चोदने मैं.

अहह बेटा आज अपनी माँ को तोड़ा जल्दी चोद लो फिर तो रोज मैं तुम्हारे पास ही हूँ जब भी चाहोगे जितनी चाहोगे चाट लेना मेरी चूत को मैं मना नही करूँगी बस आज मुझे जल्दी चोद दो तो दोनो बोले जो हुकम आपका ओर दोनो ही उठ कर खड़े हो गये. मैं भी उठ कर बैठ गई मैने देखा की दोनो के लंड मेरी चूत को ही निहार रहे थे ओर खूब हँस रहे थे की आज उसे चोदेगे ओर खूब मज़े करेंगे मैने दोनो के लडों को हाथ मैं पकड़ा ओर बोली की हाईई ईईईई तुम्हारे तो तुम्हारे पापा से भी बड़े हैं बहुत मज़ा आएगा.

तभी विराज बोला माँ आप घोड़ी बन जाइए चिराग आपकी नीचे से चूत मैं लंड घुसाएगा ओर मैं आपकी गांड मारूँगा. तो मैने कहा की नही बेटा ऐसे ही बारी बारी चोदो मुझे तो विराज बोला की माँ मुझे पता है की आपको घोड़ी बन के चुदवाने मैं बहुत मज़ा आता है तो मैने एक दम उसकी तरफ देखा तो वो मुस्कुरा रहा था. मैने उसे कहा की तुम्हे कैसे पता तो बोला की माँ अभी मूड खराब मत करो जल्दी करो देखो ना हमारे लंड कैसे तेयार खड़े हैं आप को चोदने के लिए वो सब मैं आपको बाद मैं बताऊंगा. अभी आप जल्दी से घोड़ी बन जाइए मैने भी देर करना ठीक नही समझा ओर झट से घोड़ी बन गई तो पहले चिराग मेरे नीचे आ गया उसने दो तकिए रखे अपनी पीठ के नीचे ओर अपने लंड को मेरी चूत पे टिका दिया.

ऐसा करने से पहले उसने तोड़ा तेल लगा लिया था अपने लंड पर. मैने उसे कहा की यहीं पर क्यूं रोक दिया बेटा अन्दर भी डाल दो तो वो बोला की नही माँ मैं ओर भाई एक साथ ही चोदेगे आपको ओर उधर विराज ने अपने लंड पे तेल लगा लिया था ओर उसने भी अपने लंड को मेरी गांड के छेद पे रख दिया ओर बोला की चिराग जैसे ही मैं तीन बोलूँगा एक साथ ही माँ की गांड ओर चूत मैं हमारे लंड होने चाहिएं. तो चिराग बोला की ठीक है ओर फिर तीन कहते ही दोनो ने एक जबरदस्त ज़टके से अपने लंड घुसा दिए मेरी गांड मैं ओर चूत मैं ओर मैं भी तड़प उठी ओर मेरे मूह अआहह मर गई निकल गया.

चिराग के लंड से तो कम लेकिन विराज के लंड ने गांड मैं जाते ही दर्द ज़रूर हुआ था. दोनो बोले अरे माँ कोई बात नही ओर विराज बोला की देखो चिराग मैने तुम्हारी माँ की गांड मैं लंड घुसा ही दिया है तो चिराग बोला की भाई मैने भी आपकी माँ की चूत मैं अपना लंड पहुँचा ही दिया है.

मैं उनकी बातें सुन कर हैरान थी की ये क्या बातें कर रहे हैं की वो बोले माँ अभी सिर्फ़ मज़ा लो बाद मैं आप को सब कुछ बताते हैं तो मैने कहा की क्या बताओगे तो बोले की बाद मैं ओर ये कहते ही चिराग मेरी एक चूची को मसलने लगा ओर एक को विराज मसलने लगा ओर दोनो बारी बारी से मारने लगे. एक अपना लंड बाहर करता था तो दूसरा अंदर कर देता था. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मैं सोच रही थी की वा क्या किस्मत है कभी एक लंड के लिए भी तरसती थी ओर आज दो दो एक साथ मिल गये हैं.

दोनो ही अपनी अपनी स्पीड थोड़ी थोड़ी बड़ा रहे थे ओर मैं मस्ती मैं चूर होती जा रही थी एक लंड मेरी चूत मैं ओर एक गांड मैं अठखेलिया कर रहा था वो मेरी चूत ओर गांड की लंड से रगर खा रहे थे. मैं बहुत खुश थी मैं आहहें भर रही थी. हर धक्के पे कर रहे थे ये लो ओर मैं अहह ये लो. उफफफफफफ्फ़ ओह हाईईईईया हह अहह उफफफफफफफ्फ़ ओर ज़ोर से मेरे अहह बचूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ अहह हाईईईईईईई और ज़ोर से उफफफफफ्फ़ आजज्ज हाईईईईईई इतना मजाआाआआआआआआ अहह ऊ अपनी माँममम्मममममममम की अहह उसकी सरीईईईई उउउफफफफफफ फफफफ्फ़ पायस्स्स्स्स्स स्स अहह डू अहह अफ हाईईईई ईईईईईईईई ईई ईई ईईईईईई ईईई  ओर ज़ोर अहह सीईईईईईईईई ओर वो लगातार स्ट्रोक पे स्ट्रोक मार रहे थे.

अब उनकी स्पीड बडने लगी थी यह लो आह ये लो आह ये लो आह ये लो उफ़ ये लो हाईईइ ये लो अहह ये लो आह ये लो है उफ़ आह आह आह आह आह आह आहा ह आहा हा हा हा आह आह आह आह उफफफफफ्फ़ ओर तेज है उफ़ आ अहह अफ उई माँ हाई ह आह आह आह हा है मर गैईईईईई अहह आ उफफफफफफफ्फ़ ओर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर ओर्र्र्ररर हाईईईईई अहह अह उफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ है ओर तेज अरे बचूऊऊ अहह हाईईइ तुम तो दोनों हाईईईईई अपने पापा से हा अच्छा हाआआआआ ईये अहह है चोदते हाअहह हो हाई ओर तेज आ आह है ओर बहुत आ मजा दे रहे हो आह आ ओर फिर दोनो की स्पीड बहुत ही बड गई थी अब वो बारी बारी से नही एक साथ ही धक्के मार रहे थे ओर मैं आह है है आह आहा अहहहहहहाहा हाहाहाहाहई अहहा है है अहहहहाीयहहाीोह अफ अहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहाहा कर रही थी ओर फिर मेरी चूत ने पानी निकाल दिया ओर दो तिन झटको के बाद चिराग ने भी मुझे कस के पकड लिया ओर उसका भी पानी निकल गया लेकिन विराज अभी भी धक्के मार रहा था ओर फिर 4-5 धक्के मार कर वो भी फ्री हो गया ओर मेरे उपर ही लेट गया.

कोई 15 मिंनट के रेस्ट के बाद दोनो बोले की कहिए माँ कैसा लगा पापा से अधिक मज़ा आया की नही तो मैने कहा की बहुत मज़ा आया बल्कि तूने तो अपने पापा से भी अधिक मज़ा दिया पर अब बताओ की बात क्या थी तो विराज बोला की माँ बात ये है की आप सोचती हो की आप ने तेयार किया है आपको चोदने के लिए लेकिन ये सारा प्लान हम दोनो का ही था आपको चोदने का तो मैं हैरान हो गई मैने पूछा की वो कैसे तो विराज बोला की माँ बात ये है की आज से 4 माह पहले जब पापा आए थे तो पहले दिन मैं जब रात को उठा तो मैने आपके रूम मैं से आवाज़ें आती सुनी तो मेरा मन किया अंदर देखने का ओर मैने के हांल मैं से पापा को आपकी चूत चाटते ओर आपको उनका लंड चुसाते देखा ओर फिर अपने पापा को कहा आपका मनपसंद स्टाइल जो है आज उसी मैं चोदीय तो पापा ने कहा की ठीक है.

ओर फिर आप घोड़ी बन गई फिर मैने नेक्स्ट दिन ये सब चिराग को भी बता दिया ओर फिर तिन दिन हम दोनो ने ये सब देखा तब तक हमारे मन मैं आपको चोदने का कोई विचार नही था लेकिन 1 माह बाद मैने ओर चिराग ने भी वो साइट देखी ओर कहानियाँ पड़ी ओर हमारे मन मैं भी आपको चोदने का विचार पनपने लगा ओर फिर उसके बाद पापा के आने से 10 दिन पहले आपको याद है जब मैं लेट हो गया था ओर चिराग मेरे से बाद मैं आया था तो आप स्टडी रूम मैं थी लेकिन जब मैने डोर बेल बजाई तो आप चैटिंग करती हुई गई ओर मेरे लिए चाय बनाने चली गई लेकिन आप ने उस दिन अपनी आई डी लोग आउट नही की थी मुझे नेट पे तोड़ा काम था सो मैं वहाँ पे गया तो आपकी आई डी देखी तो समज गया की आप भी चैटिंग करते हो सो मैने आप की आई डी नोट कर ली लेकिन कुछ नही बोला ओर फिर उस दिन जब पापा आए थे तो हम वो ही सब देखने के लिए आपके रूम के बाहर खड़े थे लेकिन पापा का फोन आने की वजह से आप का सारा काम बीच मैं ही रह गया था. आप ने पापा की मिनते की के ऐसे तड़पता हुवा मत जाओ लेकिन वो नही रुके उस रात मैने ओर चिराग ने वो कहानी याद की मन की आग बुझाई हम दोनो ने फ़ैसला कर लिया की आप की आग बुझाएँगे ओर वैसे भी अब हमारे लंड आपकी चूत को पापा से चुदता हुआ देख कर बेचैन हो रहे थे आपको चोदने के लिए.

फिर उस रात जब आप उठ कर बाहर आई तो आपकी नींद टूटी नही थी हमने डोर लोक किया था ओर फिर आप को याद है उस दिन हम ने कहा था की पानी हमने रख दिया है लेकिन रखा नही था. हमे पता है की आप उठ कर पानी पी बिना सोती नही हो ओर फिर हमने आप को अपने लंड दिखाए लेकिन दो चार दिन आप का कोई रेस्पोंस नही था. फिर उस दिन हमने बाहर जाने की बात की मुझे पता था की आप नेट पे चैटिंग करोगी अगर हम घर पे नही होंगे तो इस लिए मैने अब्दुल के नाम से आई डी बनाइ ओर आप से चैटिंग की ओर फिर आप को वेबसाइट बता कर ऑफलाइन हो गया. ओर फिर जब आपने वो सेक्सी कहानी पडी तो हम समज गये की काम बन गया है ओर फिर आगे तो आप जानती ही हो.

मैं उनकी बातें सुन कर हैरान थी लेकिन खुश भी थी की मेरे बच्चो ने आज मेरी आग बुझा दी है. मैने दोनो को बाहों मैं भर लिया ओर कहा की तुम ने अपनी माँ को पाने के लिए इतना कुछ किया अब मुझे कोई परवाह नही है. अब तुम सिर्फ 2 या 3 दिन ही प्यासे रहा करोगे तुम्हारे पापा के आने पे वरना हम तीनो एक साथ एक ही बेडरूम मैं सोया करेंगे तो दोनो बोले की ठीक हैं माँ चलिए अब ज़रा दुबारा एक शिफ्ट हो जाए अबकी बार मैं चूत मारूँगा ओर चिराग गांड मारेगा ओर मैने कहा की ठीक है बच्चो, ओर ये कहते हुए वो फिर मेरे जिस्म से खेलने लगे ओर अब हम रोज रात का खाना खाने के बाद अपने कपड़े उतार देते हैं ओर रात को रोज खूब मस्ती करते हैं. अब तो सिर्फ़ एक माह मैं मैं सिर्फ़ तिन या चार दिन पीरियड के दिनों मैं ही चूत मरवाने से बच पाती हूँ.

वरना दोनो मुझे चोदे बिना सोते ही नही हैं लेकिन पीरियड के दिनों मैं भी दोनो मुझे अपना अपना लंड चुसवाने से बाज नही आते बल्कि दो दो बार अपना सारा पानी पीला देते हैं मुझे ओर मुझे भी बहुत अच्छा लगता है. अब मुझे इनके पापा का भी इन्तजार नही रहता है. ये दोनो मुझे भरपूर आनंद देते हैं.…….

धन्यवाद …

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पूरा परिवार मुझे चोदता रहा

पूरा परिवार मुझे चोदता रहा


चूत को चोद कर भोसड़ा बना दिया

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हैल्लो फ्रेंड्स.. मेरा नाम सुमन है और मेरी उम्र 22 साल है. में बहुत गोरी और सेक्सी फिगर की लड़की हूँ. मेरे बूब्स ज्यादा बड़े तो नहीं.. लेकिन में बहुत ज्यादा सेक्सी हूँ. मेरा फिगर 32-34-38 है. मेरी गांड को देखकर कई लोगों के लंड पानी छोड़ देते है और में राजस्थान के एक छोटे से शहर गंगानगर की रहने वाली हूँ. दोस्तों आज में जिस कहानी को आप सभी के सामने लेकर आई हूँ.. यह कहानी नहीं.. मेरे साथ हुई एक सच्ची घटना है.

जिसने मेरी पूरी जिन्दगी ही बदल कर रख दी. दोस्तों यह मेरी पहली कहानी है और अगर मुझसे इसमें कोई भी गलती हो तो प्लीज मुझे माफ़ करें. दोस्तों मेरे पिता बहुत ही ग़रीब है और मैंने अपनी पढ़ाई बहुत ही गरीबी की हालत में पूरी की है. में पढ़ाई और घर के सभी कामों में बहुत अच्छी हूँ.

लेकिन वक्त से पहले ही दिखने वाले मेरे सेक्सी बदन की वजह से मेरे पापा ने एक साल पहले मेरी शादी पास ही के गावं के एक ज़मींदार के 30 साल के बेटे से करवा दी. अभी तो मैंने अच्छे से अपनी जिन्दगी के वो दिन भी नहीं देखे थे जिसमे मुझे कोई अपनी निगाह से घूरकर देखे.

मेरे सेक्सी बदन को देखकर शादी में ज़मींदार ने मेरे पिताजी से दहेज में कुछ भी नहीं लिया. बस यह कहा कि शादी के बाद लड़की कभी अपने बाप के घर नहीं जाएगी और फिर मेरी शादी एक आम शादी की तरह हुई.. लेकिन मुझे उनकी नजरें ठीक नहीं लगती थी. मेरे ससुराल में मेरी सास, ससुर मेरा पति और मेरा देवर रहते है.

मेरे ससुर ठाकुर ज़मींदार 45 साल के है और मेरी सास 40 साल की और देवर की उम्र 25 साल है. वो मेरी शादी के बाद का घर में पहला दिन था और सभी मेहमानों के जाने के बाद में थोड़ा आराम करने लेट गई. तभी अचानक से मेरी सास कमरे में आई और बोली कि रंडी साली कुतिया तू अभी तक सोई पड़ी है.. चल उठ साली हरामजादी. तो में जल्दी से कांपती हुई उठकर खड़ी हो गई.

फिर सास बोली कि अभी तो तेरी मुहं दिखाई बाकी है और अब तू इस घर के कुछ नियम सीख ले.. घर पर तुझे सब रंडी या गालियाँ देकर ही बुलाएँगे और तुझे घर में एक नौकरानी की तरह बाकी नौकरो के साथ काम करना पड़ेगा. में जो कपड़े दूँगी तू वो ही पहनेगी और तू किसी भी काम के लिए कभी भी मना नहीं करेगी. फिर में यह सब बातें सुनकर बहुत डर गयी. तो फिर मेरी सास ने मुझे इसके आगे बताया कि तू इस घर की रंडी बनकर रहेगी. आज तेरा मुहं और चूत दिखाई होगी.. तू घर के सभी मर्दों को खुश और संतुष्ट करेगी.

यह बात सुनकर तो में बहुत चकित रह गई और फिर उन्होंने अपने साथ लाए कपड़े मुझे दिए और कहा कि नहाकर यह कपड़े पहनकर अपने ससुर के कमरे में आ जाना और थोड़ा जल्दी.. वरना में तेरा बहुत बुरा हाल करूँगी कि तू जिन्दगी भर नहीं भूलेगी. तो में जल्दी से बाथरूम गई और फटाफट नहाकर बाहर आई और जब मैंने वो कपड़े देखे जो मेरी सास ने लाकर मुझे पहनने के लिए दिए थे तो में उन्हें देखकर बहुत हैरान हुई. उसमे सिर्फ़ लाल रंग की एक चोली और घाघरा था..

वो चोली भी बहुत छोटी और सिर्फ़ पीछे एक डोरी से बंधी हुई थी और उसमे से मेरे 32 साईज़ के बूब्स सब बाहर दिख रहे थे और घाघरा इतना छोटा कि मेरी नंगी जांघे दिख रही थी और उसके साथ एक जाली का दुपट्टा था जो कि कुछ भी छुपा नहीं रहा था.

फिर मुझे अपने आपको ऐसे दिखाने में बहुत शरम आ रही थी और ऐसे ही मुझे अपने ससुर के सामने जाना था. मेरे ससुराल में सब कमरो के बीच में एक खुला आँगन है और जब में अपने कमरे से निकली तो घर के नौकर बंसी और रामू मुझे घूर घूरकर देख रहे थे और तभी इतने में मेरा देवर मेरे पास आया और बोला कि अरे रंडी भाभी तू क्या माल लग रही है? जब मेरा नंबर आएगा तो में तेरा वो हाल करूँगा कि तू सोच भी नहीं सकती.. चल अभी के लिए एक चुम्मा ही दे दे और यह कहकर वो ज़बरदस्ती मुझे चूमने लगा और मेरे बूब्स दबाने लगा और यह सब वो नौकरो के सामने ही कर रहा था.

फिर वो बोला कि चल कुतिया अभी अपने ससुर को अपनी नई नवेली चूत दिखा और फिर उसने मुझे मेरे ससुर के कमरे के दरवाजे पर छोड़ा. तो अपने देवर के चूमने और मेरे बूब्स दबाने से मेरी चूत गीली हो गयी थी. फिर मैंने दरवाज़ा खटखटाया.. तभी मुझे अंदर से मेरी सास की आवाज़ आई कि रंडी अंदर आ जा और अपने घुटनों पर बैठकर कुतिया बन जा.

फिर मैंने दरवाजे से थोड़ा अंदर आकर देखा कि अंदर कमरे में बहुत रोशनी थी और मेरे ससुर कुर्सी पर बैठे थे और मेरी सास बिस्तर पर. तभी ससुर गुस्से में बोले कि साली रंडी हरामजादी तू कितनी देर में आई है चल अब यूँ ही घुटनों के बल बैठकर कुतिया जैसे चलकर मेरे पास आ और मेरे जूते चाट. फिर जब में घुटनों पर कुतिया बनने के लिए बैठी तो बिना ब्रा के मेरे दोनों बूब्स चोली के बाहर लटक गये और मेरी नंगी गांड दिखने लगी और मुझे बहुत शरम आ रही थी.. लेकिन मेरे पास और कोई रास्ता भी नहीं था.

फिर में वैसे ही कुतिया की तरह अपने घुटनों के बल अपने ससुर के पास गयी और उनके जूते चाटने लगी.. मेरा मुहं नीचे अपने काम में लगा हुआ था और मेरी गांड के ऊपर मेरे ससुर अपना एक हाथ फिराकर दबा रहे थे. उन्होंने धोती कुर्ता पहना था. फिर वो मुझसे बोले कि अब तू अपने बूब्स मेरे पैरों पर रगड़ और अपने आपको गालियाँ दे और मेरा लंड माँग.

फिर मैंने अपने लटकते हुए बूब्स अपने ससुर के पैरों पर रगडे और गालियाँ देनी शुरू की.. मालिक में रंडी, हरामजादी कुतिया हूँ.. मालिक में आपके लंड की प्यासी हूँ.. मालिक मुझे आपका लंड चूसने दीजिए. मेरी चूत को आप जैसे चाहे मारो.. मालिक में आपकी रंडी हूँ. में ऐसे कह रही थी तभी उन्होंने अपना लंड धोती से निकाला और मेरे मुहं में डाल दिया और मेरे बाल पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगे..

उनका लंड मेरे गले तक आ रहा था और उन्होंने जल्दी ही मेरे मुहं में सारा वीर्य का पानी छोड़ दिया और यह सब देख रही मेरी सास भी गरम हो गयी थी और अपनी चूत में उंगली कर रही थी. तो मेरे ससुर ने कहा कि अब जा साली रंडी अपनी सास की चूत चाट.. मुझे लगा कि ससुर जी ने अब मुझे फ्री कर दिया और में वैसे की कुतिया बनकर बिस्तर पर सास के पास गयी. उन्होंने अपनी गीली चूत फैला दी और में उनकी चूत चाटने लगी.

तभी मेरे ससुर पीछे से अपनी छड़ी लेकर आए और मेरी गांड में डाल दी में बहुत ज़ोर से चिल्लाई तो मेरी सास ने मुझे चार जोरदार थप्पड़ मारे और गालियाँ दी.. रंडी कमिनी लगता है पहली बार तेरी गांड मारी जा रही है. में चुप हो गयी और मेरी सास की चूत वापस चाटने लगी. तो मेरी सास अपनी चूत चटवाते हुए सिसकियाँ ले रही थी और मेरे बूब्स ज़ोर ज़ोर से दबा रही थी. तभी मेरे ससुर ने मेरी चूत में पीछे से ही अपना लंड डाल दिया और कुतिया की तरह चोदने लगे..

में बहुत गरम हो गयी थी और मेरी सास भी अब एक बार झड़ चुकी थी.. लेकिन में अभी भी आहह आह्ह्ह कर रही थी और कह रही थी और चोदो मुझे और चोदो मुझे.. 10 मिनट चोदने के बाद मेरे ससुर ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और वीर्य ज़मीन पर झाड़ दिया.. लेकिन में अभी तक एक बार भी झड़ी नहीं थी और चुदाई के लिए तड़प रही थी. तो यह देखकर मेरा ससुर बोला कि साली रंडी और चुदना चाहती है ना..

फिर मैंने कहा कि जी मालिक तो उन्होंने एक मोटी सी मोमबत्ती ली और मेरी चूत में डाल दी और कहा कि अब उछल साली हरामजादी कुतिया.. अब तू इस मोमबत्ती को और चूत को हाथ मत लगाना और सुबह तक तड़प. फिर मेरी सास बोली कि चल यह ज़मीन पर पड़ा वीर्य सब अपनी जीभ से चाटकर साफ कर.

तू नहीं तो क्या तेरी माँ साफ करेगी कुतिया की औलाद और फिर अपने पति के कमरे में जा वो अभी सो रहा होगा.. तू उससे जगाना मत.. बस नंगी होकर और उसका लंड अपने मुहं में डालकर रखना और सुबह लंड चूसते हुए उसे उठा देना. उसे ऐसे ही सोने की आदत है बाकी का काम में तुझे कल सुबह चाय पर बताउंगी.

फिर मैंने सारा वीर्य ज़मीन से चाटकर साफ किया और अपने पति के कमरे में आई और मैंने देखा कि वो नंगा होकर अपने पैर फैलाए सो रहा था और जैसा मेरी सास ने कहा था. में अपनी घाघरा चोली उतारकर नंगी होकर अपनी चूत में मोमबत्ती डाले बिस्तर पर गयी और अपने पति का लंड मुहं में डालकर सो गयी. फिर रात को गहरी नींद में मेरा पति मेरे बूब्स अपने दोनों हाथों से मसल रहा था.

दोस्तों इसके बाद मेरे पति ने मुझे तड़पा तड़पा कर चोदा और अब मेरा देवर मुझे अपनी रांड बनाकर चोदता है और मेरी सास मुझे बीच आँगन में नंगा करके नौकरो से चुदवाती है और सबके खाना खाते वक़्त में सबका लंड चूसती हूँ और घर के मर्द मेरे बूब्स को चूसते है और मेरे ससुर मुझे अपने कुत्ते के साथ कुतिया बनाकर बेल्ट से बाँधकर रखते है.

घर में कोई भी कभी भी मेरी चूत में लंड डाल देता है और ख़ास मेहमनो के सामने मुझे नंगी होकर पहले खाना सर्व करना पड़ता है और फिर मुझे रंडी बनाते है. हर दिन मेरे जिस्म से नया खेल खेलते है. दोस्तों मेरी गीली चूत से आप सभी लोगों को सलाम ..
धन्यवाद …

चूत को चोद कर भोसड़ा बना दिया