चूत और गांड मारने का शौक

मेरे नाम अमित ! मैं आप लोगों को अपनी जिंदगी की सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ कि कैसे मुझे चूत और गांड मारने का शौक लगा।

हमारे ही घर में किराएदार रहते थे विक्रम और सुनयना। विक्रम कॉलेज में पढ़ता था और सुनयना एक कंप्यूटर कंपनी में जॉब करती थी।

बात उन दिनों की है जब मैं ग्यारहवीं कक्षा में था। परीक्षा के लिए कोचिंग की जरूरत पड़ी तो मैं विक्रम से पढ़ने जाने लगा। यह कहानी देसीएमएमस्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे रहे । दोपहरर के समय विक्रम अकेला होता था, खाली होता था तो उसने मुझे 3 बजे पढ़ने आने को कहा। मैं स्कूल से दो बजे आ जाता था तो मैं रोज 3 बजे विक्रम के पास जाने लगा।

कुछ दिन तो ठीक-ठाक गुजरने गए मगर कुछ दिन बाद मुझे लगने लगा कि जैसे वो जान-बूझ कर मुझसे चिपकता है, मेरे पास आता है, मेरा लण्ड छूने की कोशिश करता है।

मैं अनदेखा करने लगा मगर एक दिन मुझे नींद आ रही थी, मैं पढ़ते-पढ़ते सोने लगा।

विक्रम ने कहा- क्या हुआ?

मैंने कहा- नींद आ रही है !

उसने कहा- यहीं सो जाओ !

मैं उसके पलंग पर ही सो गया। मैं काफी थका हुआ था तो मुझे नींद आ गई। सोते-सोते मुझे मस्ती सी छाने लगी, मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि विक्रम ने मेरी पैंट उतार रखी है और मेरे लण्ड के साथ खेल रहा है, कभी चूस रहा है, कभी चूम रहा है। मुझे अच्छा लग रहा था, मस्ती छा रही थी।

तभी उसने मेरा पूरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया, लण्ड उसके गले तक चला गया और वो उसे ऊपर-नीचे करके चूस रहा था। मेरी मस्ती इतनी बढ़ गई थी कि मैं कह नहीं सकता। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।तभी मेरा सारा बदन अकड़ने लगा और मेरे लण्ड से एक पिचकारी की सी छूट गई। मेरा लण्ड विक्रम के मुँह में था वो मेरे लण्ड का सारा पानी पी गया।

तभी मैं उठ गया, मैंने कहा- आप क्या क़र रहे हो? आपने मुझे नंगा क्यों किया? मेरे लण्ड से क्या कर रहे थे?

वो मुझे बोलने लगा- किसी से कुछ मत बोलना ! गलती हो गई ! अब ऐसा नहीं होगा, किसी को पता लगेगा तो मेरे बड़ी बदनामी होगी, किसी से कुछ मत कहना।मैं अपने घर आ गया, मैंने किसी से कुछ नहीं कहा मगर मुझे बार-बार वो उसका मेरा लण्ड चूसना याद आ रहा था। मेरा लण्ड खड़ा हो रहा था, मेरा मन कर रहा था कि वो इसे फिर चूसे !

मैंने न जाने कैसे रात और दिन काटा।

अगले दिन फिर उसके पास तीन बजे गया, वो मेरे सामने हाथ जोड़ कर कहने लगा- किसी से कुछ मत कहना !

मैंने कहा- एक शर्त है !

वो बोला- क्या ?

मैंने कहा- मेरा लण्ड दोबारा चूसो ! मुझे अच्छा लगा था।

वो खुश हो गया।

मैंने अपनी पैंट उतारी, उसने मेरा लण्ड हाथ में लिया। मेरा लण्ड पहले ही खड़ा था, उसका हाथ लग कर और तन गया।

उसने पहले लण्ड को चूमा, फ़िर बोला- तुम आराम से बैठ जाओ, मैं इसे प्यार करता हूँ।

वो मेरा लण्ड फिर चूसने लगा। मुझे अच्छा लगने लगा।

उसने फिर चूस-चूस के मेरे लण्ड का पानी निकल दिया और पी गया।

फिर हम दोनों साथ में बातें करने लगे, वो बोला- तुम्हारा लण्ड बहुत बढ़िया है, कम से कम 8 इंच का होगा। मैंने आज तक ऐसा लण्ड नहीं देखा, इतना लम्बा और मोटा !

मैंने कहा- सबका ऐसा ही होता होगा?

वो बोला- नहीं, तुम्हारा लण्ड खास है !

फिर उसने अपना लण्ड खोल कर दिखाया। उसका लण्ड मैंने हाथ में लिया, वो मेरे लण्ड से छोटा और पतला था।

वो बोला- देखा, तुम्हारा लण्ड एकदम मस्त है ! बिल्कुल सही लम्बाई और मोटाई ! वरना लण्ड या तो मोटे होते है या छोटे ! तुम्हारा लण्ड देखकर तो मेरी गाण्ड में खुजली होने लगी है। मेरी गाण्ड मारोगे?

मैंने कहा- मैंने कभी नहीं मारी !

वो कहने लगा- मैं सिखा दूँगा, बहुत मज़ा आएगा !

मैंने बोला- ठीक है !

वो बोला- अब तुम लेट जाओ ! मैं करता हूँ।

मैं बिस्तर पर लेट गया, वो पहले तो मेरा लण्ड चूमने लगा, फिर चूसा ! मैं बार-बार खड़ा हो रहा था तो वो बोला- लेटे रहो !

फिर उसने मेरे को माथे से लेकर चूमना चालू किया, मेरे गालों को, मेरे होटों को, मेरी गर्दन को, मेरे कानों को, मेरी छाती को, मेरे पूरे बदन पर उसके हाथ घूमने लगे। यह कहानी देसीएमएमस्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे रहे । वो अपनी छाती मेरे लण्ड के पास रगड़ने लगा मुझे चूमते हुए !

मुझे एक अजीब सी मस्ती चढ़ रही थी। वो मुझे सर से लेकर पैरों तक न जाने कितनी बार चूमता रहा मेरे बदन को अपने बदन से रगड़ते हुए !

मुझे जैसे लगने लगा कि मेरा ऐसे ही निकल जायेगा।

उसने मेरा लण्ड फिर मुँह में ले लिया और चूसने लगा।

मैं कहने लगा- ऐसे ही निकालोगे या गाण्ड भी मरवाओगे?

वो बोला- रुको !

फिर वह तेल की शीशी लाया और मेरे लण्ड पर बहुत सारा तेल डाला, उसे चिकना किया, फिर अपनी गांड में तेल डाला, अपनी गांड को बिल्कुल चिकना कर के बोला- अब तुम मेरे ऊपर आओ और अपना लण्ड मेरी गांड में डालो !

वो घोड़ी बन गया। मैं उसकी गांड में अपने खड़े हुए लण्ड को डालने लगा मगर मेरा लण्ड उसकी गांड में जा ही नहीं रहा था।

वो बोला- तुम लेटो ! मैं लेता हूँ।

मैं लेट गया, वो मेरे लण्ड के ऊपर मेरा लण्ड अपनी गांड के छेद पर लगा कर एकदम नीचे हुआ।

मेरे लण्ड में काफी दर्द हुआ उसके भी ! दर्द की वजह से मेरे आँसू निकल आये। मेरा लण्ड पूरा उसकी गांड के अंदर था। कुछ देर बैठने के बाद वो धीरे-धीरे ऊपर नीचे होने लगा। मेरे लण्ड में थोड़ा दर्द हुआ, फिर मज़ा आने लगा। फिर मैं भी उसकी गांड में धक्के लगाने लगा।

वो बोला- और जोर से ! और जोर से !

मैं तेज तेज उसकी गांड मारने लगा। फिर एकदम मेरा सारा बदन अकड़ा और मेरा माल उसकी गांड में निकल गया।

वो भी थक चुका था। मैंने अपना लण्ड उसकी गांड से निकाला, उसने मुँह में लेकर मेरा लण्ड साफ किया। फिर हम कुछ देर तक वहीं पड़े रहे।

वो बोला- आज मज़ा आ गया ! ऐसा लण्ड आज तक नहीं मिला !

फिर मैं अपने कपड़े पहन कर घर आ गया।

अब तो रोज मैं उसकी गांड मारने लगा। मगर एक दिन उसकी बीवी सुनयना जल्दी घर आ गई, उसने मुझे उसकी गांड मारते देख लिया और कमरे आ गई।

हम दोनों बिल्कुल नंगे थे, मेरा लण्ड तना हुआ था।

उसने मेरा लण्ड पकड़ा, बोली- बहुत अच्छा लण्ड है !

और विक्रम से बोली- तुम अकेले ही ऐसे प्यारे लण्ड का मज़ा लोगे? मुझे भूल जाओगे?

और वो मेरा लण्ड चूसने लगी।

Sab Ne Milkar Meri Maarl

Mera naam rosy hai, meri umer 18 saal hai aur main abhi Inter may hoon, meri family may 5 members hain,Papa Dubai may hotay hain aur saal may sirf 2 baar hi ghar aatay hain, Mummy Social Worker hain aur aksar wo bhi ghar se bahar hi hoti hain. 2 baday Bhai hain, baday Bhai ravi jo MBA kar rahay hain, un se chotay sunny jo Urdu University se BS kar rahay hain. Mummy apni activities may rehti hain jis se

mujhe bohat aazadi hai jis ki waja se meri dressing bhi bold hai aur main khubsurat bhi bohat hoon. Mujhe par College may kaee larkay martay hain aurr ab tak main 3 larkon ke sath Sex bhi kar chukki hoon.

Ab main kafi dino se apnay baday Bhai ravi kay chakkar may thi, ravi Bhai boldy building kartay thay aur unki body bohat khubsurat thi jis ko dekh kar mere dil may kuch kuch honay lagta tha aur main ravi Bhai ko aik Behan ki nazar se nahi aik Chodai ki Pyaasi Aurat ki tarha dekhnay lagee thi.

Wese main batati chalo kay akloti Behan honay ki waja se mere dono Bhai mujhe bohat chahtay thay aur hum aapas may kafi free bhi thay. meri bold dressing par Mummy ko atraaz nahi tha is liye kabhi Bhaiyon nay bhi meri dressing par atraaz nahi kiya tha, main normali T-Shirts, Jeans aur Trousers ka bohat istimaal karti thi par ab mujhe apnay ravi Bhai ko patana tha is liye main nay dressing kay mamlay may had hi kardi thi. Wese in dino Mummy bhi apni Social Activities ki waja se out of city thi is liye main nay yehi moka munasib samjha tha. Ab main bohat bold dressing may apnay Bhaiyon khas tor par ravi Bhai kay samnay jana shuru kar diya tha.

Wese to main apni nighty sirf bedroom may jakar hi pehanti thi par ab main nay sonay se bohat pehle hi nighty ko pehanna shuru kar diya tha aur jab kabhi hum Behan Bhai bethay howe aapas may baatain kar rahay hotay thay to main nay unkay samnay bohat sexy style may bethna shuru kar diya tha. Mujhe pata tha ka meri in harkaton ko mere Bhai zaroor notice karain gay. Aik raat jab main good night keh kar apnay bedroom may chali gaee to thodi dair baad may ravi Bhai kay bedroom may pohanch gaee.

Main nay is waqt jo nighty pehni hoi thi wo bagair aastin kay thi iska gala bhi kafi bada tha jis se mere boobs kafi had tak nomaya ho rahay thay aur meri tangain bhi ghutno tak nazar aarahi thi. Pehle to ravi Bhai nay aik nazar mujhe dekha aur bole, kheriat rosy tum is waqt mere bedroom may? main boli, ha Bhai app se baat karnay ko dil kar raha tha is liye chali aai. ravi Bhai bole, magar main to apni Girl Friend kay sath mobile per baat karnay wala tha. Main boli, koi baat nahi Bhai, aaj aap apni Girl Friend kay bravie mujh se baat kar lain. ravi Bhai bole, par jesi baatain main apni Girl Friend se karta hoon wo tum se nahi kar sakta.

Main ithla kar boli, kyun nahi kar saktay mujh se wesi baatain, hum to aapas may sab baatain share kartay hain. ravi Bhai bole, phir bhi tum may aur us may bohat farq hai. Main boli, main bhi to aap ki Girl Friend ki tarha larki hoon aur mujhe bhi to pata hona chahiye kay Girl Friend se kesi baatain kartay hain kal ko mujhe kisi nay apni Girl Friend banaya to main us se kese baatain karon gee. ravi Bhai bole, phir bhi tum meri Behan ko is liye main tum se wesi baatain nahi kar sakta hoon.

Main boli, aap baat shuru to kar kay dekhiye main mind nahi karongi aur aap mujhe is waqt Behan nahi sirf aik larki samjhiye balkay aap mujhe is waqt apni Girl Friend hi samjhiye. ravi Bhai bole, aaj main apni Girl Friend se bohat khas sawal karnay wala tha. Main boli, aesa karain aap wo sawal mujh se poch lain. ravi Bhai bole, agar main nay tum se wo sawal pocha to tum mind kar jao gee. Main boli, nahi main mind nahi karongi jesa bhi sawal hain aap poch lain main jawab de dongi. Ab kay ravi Bhai muskaray aur bole, tumhare brazier ka size kiya hai. Mujhe umeed thi kay sawal aesa hi kuch hoga par main Bhai ko dikhanay kay liye sharmanay ki acting karnay lagee. ravi Bhai bole, dekha main nay kaha thaa na kay tum nahi bata sako gee.

Main foran boli, acha acha main batati hoon, mera size 36 hai. ravi Bhai bole, wow ye to mera fevourt size hai, pir wo dobara bole, acha ye baatao tumhe menses kab aatay hain? main nay kaha, her month ki 10 se lekar 15 tareekh tak. ravi Bhai bole, acha ab aakhri sawal, tum ye batao kay tum nay is waqt kis color ka brazier pehna howa hai? Main sharma kar boli, Bhai mujhe batanay may sharam aarahi hai aap khud dekh lo main nay kon se color ka brazier pehna howa hai. ravi Bhai bole, acha mere pass aao.

Main uth kar unkay samnay khari hogaee aur main nay apni nighty ki dori khol di, dori kholnay se meri nighty pheesal kar mere pairon may gir padi aurr ab main ravi Bhai kay samnay sirf brazier aur underwear may khari thi. ravi Bhai kuch dair mujhe dekhtay rahay to main boli, Bhai agar is waqt is halat may aap ki Girl Friend aap kay samnay hoti to aap uskay sath kiya kartay? ravi Bhai bhi kharay hogaye aur bole, agar is waqt meri Girl Friend yaha hoti to main usko khoob pyaar karta.

Main boli, to is waqt aap ki Behan nahi aap ki Girl Friend aap kay samnay khari hai aurr ab mujhe wese hi pyaar karain jese aap apni Girl Friend se kartay. ravi Bhai nay jawab may kuch nahi kaha aur unho nay mujhe apni baahon may bhar liya phir unho nay mujhe bed par litaya aur mere upar let kar mujhe kiss karnay lagay, main apnay mission may kaamyab ho chukki thi, ab main bhi apnay Bhai ka sath de rahi thi. ravi Bhai nay pehle mere brazier ko utaara aur mere boobs ko choomnay lagay jab kay main siskariyan bharnay lagee, phir unho nay meri underwear ko bhi utaar diya aur main puri nangi hogee.

Ravi Bhai bole, rosy tu to bohat sexy hai ray. Main sisak kar boli, to mere sath wohi salooq karay jo aik sexy larki kay sath karna chahiye. ravi Bhai muskaray aur bole, ha ab main tumhare sath wohi kuch karon ga jo aik Sexy Larki kay sath karna chahiye. Phir ravi Bhai nay apnay tammam kapray utaar diye aur puray nangay hogaye. Nangay honay se unka lund aazaad hogaya aur josh kay aalam mujhe mujhe salami denay laga, ravi Bhai ka 9 inch lamba lund dekh kar meri aankhain khushi se chamaknay lagee. ravi Bhai bole, ab tum mere lund ko pyaar karo, ye keh kar unho nay apna lund mere mou se laga diya. Main nay foran hi unka lund apnay mou may le liya aur bohat maazay se unka lund kisi lollipop ki tarha choosnay lagee. Mere shandar choopay se ravi Bhai ko bhi bohat maaza aaraha tha aur wo kehnay lagay.

Achanak hi darwazay ki taraf se aawaz aai, choos le Randi choos le apnay Bhai ka lund Chodwa lay aaj apnay Bhai se. Awaz sunkar main aur ravi Bhai dono hi ghabra gaye, darwazay par sunny Bhai kharay thay, shayad main aatay howe darwaza band karna bhol gaee thi, sunny Bhai andar aaye to ravi Bhai nay apna lund mere mou se nikaal liya aur wo apnay kapray pehannay lagay. ravi Bhai ki ghabrahat par sunny Bhai bole, ravi Bhai ghabrao nahi lagay rahay aap apnay kaam may, aaj hum dono Bhai mil kar apni is Randi Behan ki khoob Chodai karain gaye. Haramzadi bohat dino se hum dono ko Garam kar rahi thi, aaj is Cheenal ki sari garmi ko nikaal kar rakh dain gay.

Aaj agar hum dono nay isay na choda to ye Randi ki Bachi bahar kisi aur se chodwa le gee jis se hamari badnami hogi to is behter yehi hai kay isko hum dono hi chod dalain. Ye keh kar sunny Bhai nay bhi apnay kapray utaar diye aur nangay hogaye. sunny Bhai nay aagay barh kar apna lund mere mou se lagaya aur bole, le Randi ab apnay is Bhai ka bhi lund choos aaj teri bohat zordar tareekay se chodai honay wali hai. Mujhe aik sath dono Bhaiyon se chodwanay ka moka mil raha tha to mujhe kiya atraaz tha, main nay sunny Bhai ka lund mou may liye aur unka lund choosnay lagee. sunny Bhai ravi Bhai se bole, dekha Bhai is Randi ko kese maazay se mera lund choos rahi hai, ab aap chodiye is Randi ko. ravi Bhai nay meri choot ki taraf aakar apna lund meri choot may fit kiya aur zordar jhatka maara.

Ravi Bhai ka mota lamba lohay jesa lund meri tight choot ko buri tarha se cheerta howa jad tak meri choot may ghuss gaya. ravi Bhai ka jhatka bohat zordar tha jo main bardasht nahi kar saki aur mere mou se cheekh nikal gaee, aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh uffffffffff oooooh aaaaaah maaaar dala Bhen Chod arrrram se chod. ravi Bhai nay phir zordar jhatka maara aur bole, chup kar Kanjari tujhe bara shoq thaa na chodwanay ka ab bardasht kar.

Ye keh kar ravi Bhai zor zor se jhatkay maarnay lagay, ravi Bhai ka har jhatka pehle se zordar tha jis se mere choda tabak roshan hogaye thay. pehle to mujhe us unka lund bardasht nahi horaha tha aur main buri tarha se chilla rahi thi phir meri choot unkay jhatkon ko bardasht karnay ki aadi hogaee aur mujhe bohat maaza aanay lagay aur mere mou se khoob siskariyan nikalnay lagee ufffffffffff aaaaahhhhhhhh oooooooiiiiiiiiiiiii maaaaaaa ufffffffffffffff aur zor se chodo na mere Chodo Bhai ufffffffffff mujhe bohat maaza aaraha hai uffffffffff aur zor se chodo apni is Randi Behan ko aaaahhhhhhhh phaar daalo meri choot ko ufffffffffffffffff aur zor se chodo,

Main maazay kay aalam may buri tarha se sisak rahi thi jis se ravi Bhai ko aur josh charh raha tha aur wo mujhe apni puri taqat se chodnay lagay. sunny Bhai bole, Bhai hamari ye Behan to bohat bari Randi nikli hai is ko to sath mil kar chodna paray ga. phir ravi Bhai nay mujhe apni goud may utha liya aur sunny Bhai nay peechay se aakar apna lund meri gand may ghussa diya. Aik sath dono soorakhon se chodwanay ka ye mera pehle moka tha is liye pehle to shuru may khoob dard howa aur main nay shor bhi khoob machaya phir maaza bhi us se ziyada aaya aur main khoob maaza lenay lagee aur apnay Bhaiyon ko aur zor se chodnay ka bolnay lagee.

Mere dono Bhai bhi apni puri taqat se mujhe chod rahay thay, phir pehle ravi Bhai farig howe aur unho nay apni Mani meri choot may hi chor di jab kay sunny Bhai usi tarha meri gand maartay rahay. Thodi dair baad sunny Bhai mujh se bole, rosy meri mani nikalnay wali hai tum meri mani ko pee jana, ye keh kar unho nay apna lund meri gand se nikal kar mere mou may daal diya, thori dair baad hi unkay lund se mani nikalnay lagee jis ko main mazay se pee gaee. sunny Bhai ki sari mani pee lenay kay baad main nay unka lund chaat kar saaf kiya phir main apnay dono Bhaiyon kay beech may let gaee. dono Bhai hi meri choot aur mammon se cher khani karnay lagay.

Sunny Bhai mujh se bole, rosy tu apni harkaton se pehle se hi chodi hoi lagti hai, ab hum dono Bhai bhi tumhe chodnay walon may shamil hogaye hain to hame bata do kay hum se pehle kis se chodwaya hai? Main muskarai aur boli, ha Bhai ab to chupanay se koi faida bhi nahi hai, ha ye such hai kay main pehle se hi chodi hoi hoon, main kafi dino se ravi Bhai se chodwana chahti thi par ravi Bhai kay sath sath aap se bhi chodwanay ka moka mil gaya jis se main bohat bohat khush hoon. ravi Bhai bole, khush to hum dono bhi hain tumhe chod kar hame nahi pata tha kay hamari Behan itni sexy hai warna hum dono tumhe bohat pehle hi chod detay.